ख़बरें

'बस बात नहीं बनी' - UPW की कमियों पर नायर और लानिंग ने खुलकर बात की

पांच टीमों के लीग स्टेज में यूपी वॉरियर्ज़ आठ मैचों में सिर्फ़ दो जीत के साथ सबसे आख़िरी स्थान पर रही

S Sudarshanan
एस सुदर्शनन
02-Feb-2026 • 5 hrs ago
Abhishek Nayara likes what he sees, Mumbai Indians vs UP Warriorz, WPL, Navi Mumbai, January 15, 2026

नायर के लिए काफ़ी कठिन रहा कोच के रूप में पहला WPL सीज़न  •  CREIMAS

दिल्ली कैपिटल्स (DC) के हाथों पांच विकेट की हार के साथ WPL 2026 से बाहर होने के बाद यूपी वॉरियर्ज़ (UPW) के हेड कोच अभिषेक नायर ने कहा कि "इस सीज़न में यह पता लगाना मुश्किल था कि ग़लती कहां हुई।"
UPW के लिए यह वाक़ई एक अजीब सीज़न था। उन्होंने आठ में से सिर्फ़ दो मैच जीते। वो दोनों जीतें नवी मुंबई में मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ मिलीं। एक ऐसा 'डबल' जो इस सीज़न तक कोई और टीम दो बार की चैंपियन के ख़िलाफ़ नहीं कर पाई थी। लेकिन वडोदरा लेग में वे अपने तीनों मैच हारकर बाहर हो गए।
नायर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "जब हमने वो दो मैच [नवी मुंबई में] जीते, तो हमें कुछ मोमेंटम मिला। फिर हम बड़ौदा आए और उसके बाद हमने फ़ीबी [लिचफ़ील्ड] को खो दिया। इसका असर हमारी टीम के सेट-अप पर भी पड़ा। किसी ऐसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल था जिसने उस समय तक सीज़न में लगभग 250 रन बना लिए थे। टूर्नामेंट के अंतिम पड़ाव में, आप चाहते हैं कि आपके इन-फ़ॉर्म खिलाड़ी मौजूद रहें। फ़ीबी के जाने के बाद हमारा नंबर 3 वैसा नहीं दिखा। उस लिहाज़ से उनकी जगह भरना हमारे लिए मुश्किल था।"
सिर्फ़ दो मैच जीतने के बावजूद, UPW सीज़न के आख़िरी लीग मैच तक एलिमिनेटर की दौड़ में गणितीय रूप से बनी हुई थी। उन्हें DC को कम से कम 156 रनों से हराना था, जो एक नामुमकिन सा काम था। ख़ासकर कोटांबी स्टेडियम की धीमी पिच को देखते हुए, क्योंकि महिला T20 क्रिकेट में ऐसा कभी नहीं हुआ है। लेकिन वे सिर्फ़ 122 रन पर सिमट गए। इस स्कोर का बचाव करते हुए, UPW ने चार कैच छोड़े, जिनमें से तीन लॉरा वुलफ़ार्ट के थे जिन्होंने 36 गेंदों में 47 रन बनाए और वे DC के मिडिल-ऑर्डर के बिखरने का फ़ायदा नहीं उठा सके।
मैच के तुरंत बाद कप्तान मेग लानिंग ने कहा, "हम बस काफ़ी निरंतर नहीं रहे हैं। हमने मैचों के कुछ हिस्सों में अच्छा खेला है और विपक्षी टीम को दबाव में भी डाला है, लेकिन फिर आसानी से उन्हें वापसी का मौक़ा दे दिया। मेरे लिए यही सबसे बड़ी बात है। बस इसे लंबे समय तक करना। जब आप किसी टीम को दबाव में लाते हैं, तो उनके लिए खेल में बने रहना वाक़ई मुश्किल बना देना चाहिए।"
UPW के लिए समस्या वाले क्षेत्रों में से एक उनका ओपनिंग स्लॉट था। किरण नवगिरे एक शानदार घरेलू सीज़न खेलकर आई थीं लेकिन WPL 2026 में अपनी फ़ॉर्म नहीं दोहरा सकीं और अपनी छह पारियों में तीन बार शून्य पर आउट हुईं। UPW ने तीन ओपनिंग जोड़ियां आज़माईं, जो इस सीज़न में किसी टीम द्वारा दूसरी सबसे ज़्यादा थीं। नवगिरे के कुछ कम स्कोर के बाद, उन्होंने एक मैच के लिए हरलीन देओल को ऊपर भेजा और फिर वापस नवगिरे के पास गए। सीज़न के आख़िरी दो मैचों में, उन्होंने नवगिरे को बाहर किया और दीप्ति शर्मा से ओपन कराया। लानिंग और दीप्ति ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े, जो WPL 2026 में उनका सर्वश्रेष्ठ था।
नायर ने कहा, "T20 क्रिकेट में, जब आपका टॉप ऑर्डर चलता है, तो आपकी टीम अच्छा करती है। दुर्भाग्य से, किरण के लिए सीज़न जिस तरह का रहा, वह वैसा नहीं चला जैसा होना चाहिए था। जब मैंने हरलीन से ओपन कराने का फ़ैसला किया, तो मुझे लगा कि वह सही नहीं था। जब मैंने दीप्ति से ओपन कराने का फ़ैसला लिया, तो वह कॉल आंकड़ों पर आधारित थी। यह तथ्य कि लॉरेन बेल के आंकड़े बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ अच्छे नहीं हैं।"
"ऐसा नहीं था कि कोई रन नहीं बना रहा है, इसलिए [दीप्ति को ओपन करने] भेज दो। अगर हमारे पास फ़ीबी होतीं, तो शायद वह [दीप्ति] ओपन नहीं करतीं। लेकिन क्योंकि हमारे पास फ़ीबी नहीं थीं, हमें उस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ की ज़रूरत थी जो पावरप्ले में [बेल] का मुक़ाबला कर सके। क्या यह कोई दीर्घकालिक समाधान है, मुझे नहीं पता। वह कोई तुक्का नहीं था, मैच जीतने और उस मैच-अप के लिए थोड़ी सोच-विचार की गई थी।"
"तो यह उन सीज़न में से एक है जहां चीज़ें बस काम नहीं कर पाईं। उन सीज़न में से एक जहां लोगों ने व्यक्तिगत रूप से अच्छा किया, लेकिन सामूहिक रूप से हम सफल नहीं हो सके। उन सभी के एक साथ प्रदर्शन करने की निरंतरता सिर्फ़ दो मैचों में थी।"
लानिंग का प्रदर्शन भी उनके ऊंचे मानकों के हिसाब से उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन लीग चरण के बाद वे चौथी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने आठ पारियों में 125.25 के स्ट्राइक रेट से 248 रन बनाए, जिसमें केवल दो अर्धशतक शामिल थे। यह किसी WPL सीज़न में उनका सबसे कम स्कोर है।
लानिंग ने कहा, "मैं अभी भी अपने क्रिकेट का पूरा मज़ा ले रही हूं। मुझे खेलना पसंद है और इस तरह की टीमों में आना, लोगों से उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की कोशिश करना और ख़ुद से भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की कोशिश करना मुझे पसंद है। मैं बहुत प्रतिस्पर्धी हूं, मुझे जीतना पसंद है और वह आग निश्चित रूप से अभी भी है। मैं अगले साल वापस आऊंगी और उम्मीद है कि उसके बाद भी थोड़ा और समय तक खेलूंगी।"
इस सीज़न में एक चीज़ जिस पर नायर ने बारीक़ी से नज़र रखी, वह थी श्वेता सहरावत का विकास। एक स्वाभाविक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ होने के नाते, उन्होंने श्वेता के लिए मिडिल-ऑर्डर की भूमिका तय की और उन्हें विकेटकीपिंग के लिए भी समर्थन दिया, एक ऐसा पहलू जिससे वह इस सीज़न से पहले अनजान थीं। नायर के शब्दों में "यह केएल राहुल जैसा क़दम था" ताकि भारतीय टीम में जगह बनाने की उनकी संभावना बढ़ सके। उन्होंने दिल्ली के लिए घरेलू सीज़न में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी की थी और उससे बेहतर होकर निकली थीं। सीनियर विमेंस T20 ट्रॉफ़ी में 144.57 का स्ट्राइक रेट और विमेंस अंडर-23 T20 ट्रॉफ़ी में 157.89 का स्ट्राइक रेट।
लेकिन WPL 2026 में छह पारियों में, उन्होंने 97.87 के स्ट्राइक रेट से केवल 46 रन बनाए। उन्होंने सीज़न के अपने पहले मैच में 17 गेंदों पर 25 रन बनाए थे जिसमें एक चौका और तीन छक्के शामिल थे। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें शिप्रा गिरी के लिए टीम से बाहर कर दिया गया, जो घरेलू क्रिकेट में रेलवे के लिए खेलने वाली विकेटकीपर हैं।
नायर ने कहा, "मैं उनके साथ अपनी बातचीत में बहुत स्पष्ट रहा हूं। मैं वास्तव में यह नहीं मानता कि रिटेंशन किसी के लिए किसी भी चीज़ की गारंटी देता है। डगआउट में या स्क्वॉड का हिस्सा हर क्रिकेटर हर मैच खेलने की उम्मीद करता है। लेकिन एक समय ऐसा आता है जब आप भविष्य के लिए अपने विकल्पों को देखना चाहते हैं। हम जानते हैं कि श्वेता ने अतीत में क्या किया है या वह क्या कर सकती हैं। लेकिन उनके लिए यह काम नहीं कर पाया और अगर आपने सीज़न में 50 से ज़्यादा रन नहीं बनाए हैं, तो आपको आगे देखना होगा और अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।"

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं. @Sudarshanan7