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टी20 में वोक्स की साढ़े पांच साल बाद वापसी और पहले विश्व कप का सफ़र

इस विश्व कप में इंग्लैंड की अब तक की सफलता का एक बड़ा कारण रहे हैं वोक्स

Chris Woakes sends back David Warner, Australia vs England, T20 World Cup, Group 1, Dubai, October 30, 2021

डेविड वॉर्नर का विकेट लेने के बाद क्रिस वोक्स  •  AFP/Getty Images

इंग्लैंड में क्रिस वोक्स को बड़े फ़ॉर्मेट का गेंदबाज़ मान लिया गया था। इस साल टी20 टीम में वापसी करने से पहले उन्होंने साढ़े पांच साल तक टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में नहीं खेला था। अगर जोफ़्रा ऑर्चर आज फ़िट होते, तो शायद आज क्रिस वोक्स ऐशेज़ की तैयारी के लिए अभ्यास कर रहे होते।
वोक्स ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत एक दशक पहले 2011 में टी20 मैच से ही की थी, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ऐडिलेड में इंग्लैंड को अंतिम गेंद पर एक विकेट से जीत दिलाया था। उनकी तेज़ गेंदबाज़ी और निचले क्रम में ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी उन्हें टी20 में एक उपयोगी खिलाड़ी बनाती थी। वह आईपीएल में भी खेलें, लेकिन कभी भी उन्हें टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली।
इस सप्ताह बीबीसी के एक पॉडकास्ट में वोक्स ने कहा था, "2015 से मैं अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट नहीं खेला था, इसलिए विश्व कप टीम में चयन के बारे में भी सोचना महत्वाकांक्षी था। मैं सही में इसके बारे में सोच नहीं रहा था। जब हमारे कुछ खिलाड़ियों को चोट लगी तो इस साल मुझे टी20 टीम में फिर से बुलावा मिला। हालांकि तब भी मुझे नहीं लगा था कि मुझे टी20 टीम में चयनित किया जाएगा।"
लेकिन नई गेंद से मिले हर अवसर का वोक्स ने अपने हक़ में प्रयोग किया। उन्होंने विश्व कप में पॉवरप्ले के दौरान 48 गेंदों में सिर्फ़ 28 रन देकर चार विकेट झटके हैं। शनिवार को भी उन्होंने पॉवरप्ले में गेंदबाज़ी करते हुए डेविड वॉर्नर और ग्लेन मैक्सवेल को चलता किया था। इस दौरान उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ़ सात रन दिए।
वोक्स की इस सफलता का राज उनकी लेंथ है। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो का डाटा बताता है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पॉवरप्ले की 18 गेंदों में सिर्फ़ एक गेंद फ़ुल लेंथ का डाला। बाक़ी के 17 गेंद स्टंप से कम से कम छह मीटर दूर थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में पॉवरप्ले के दौरान सिर्फ़ दो गेंदें फ़ुल लेंथ पर डाली हैं।
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लग रहा था कि पिच से कुछ ज़्यादा स्विंग और मदद मिल रही है, तो मैंने एक लेंथ पकड़कर गेंदबाज़ी करना शुरू किया जहां से सीम मूवमेंट मिल सके।"
2019 विश्व कप सेमीफ़ाइनल में वोक्स ने वॉर्नर को आउट किया था, इस मैच में भी वही देखने को मिला, जब वह बाहर की गुड़ लेंथ पर अपना बल्ला अड़ा बैठे और बाहरी किनारा लगकर गेंद विकेट के पीछे चली गई। पॉवरप्ले में दो विकेट लेकर उन्होंने इंग्लैंड के लिए प्लेटफ़ॉर्म सेट कर दिया।
वोक्स कहते हैं, "पॉवरप्ले में विकेट लेकर ऐसा महसूस होता है कि जैसे आप शीर्ष पर हैं और आप वह सब कर सकते हैं, जो आप करना चाहते हैं।"
वोक्स के प्रदर्शन पर उनके कप्तान ओएन मॉर्गन भी बहुत खुश हैं। मॉर्गन ने कहा, "वह नई सफ़ेद गेंद के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों में से एक हैं। उनकी गति तेज़ है, लाइन-लेंथ सटीक है और वह बल्लेबाज़ी की भी क्षमता रखते हैं। समय के साथ उनकी क्षमताएं और बेहतर हुई हैं।"
मॉर्गन ने आगे कहा कि वोक्स में ना सिर्फ़ तेज़ी, स्विंग और सटीकता है बल्कि वह स्लोअर गेंदें फेंककर विविधता भी दिखाते हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ पहले मैच में एक खूबसूरत तेज़ गेंद पर एविन लुइस को आउट किया था।

मैट रोलर ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के दया सागर ने किया है