छह महीने में अपना पहला मैच खेलते हुए, श्रेयस अय्यर ने एक ऐसी पिच पर 41 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर "वास्तव में अच्छा महसूस" किया, जहां गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी।

सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ 135 रनों का पीछा करते हुए, उन्होंने पहले शिखर धवन के साथ 48 गेंदों में 52 रन जोड़े और फिर ऋषभ पंत के साथ 42 गेंदों पर 67 रन की अटूट साझेदारी के साथ टीम को जीत दिला दी। हालांकि, अय्यर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे।खेल के बाद उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं संतुष्ट हूं क्योंकि रनों की भूख बढ़ गई है। आपके द्वारा खेले जाने वाले प्रत्येक मैच के साथ भूख बढ़ती रहती है। इसलिए मैं संतुष्ट नहीं हूं।"

अय्यर मार्च में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ के दौरान कंधे की चोट से उबर रहे थे। उन्हें सर्जरी से गुज़रना पड़ा, जिसने उन्हें आईपीएल के पहले चरण के साथ-साथ लैंकाशर के साथ प्रस्तावित कार्यकाल से बाहर कर दियाइसका मतलब यह भी था कि अय्यर ने पंत के हाथों कैपिटल्स की कप्तानी खो दी। यूएई लेग के लिए लौटने के बाद भी, फ़्रेंचाइज़ी ने पंत को कप्तान के रूप में जारी रखने का फ़ैसला किया।

उन्होंने कहा, "जब मुझे कप्तानी दी गई तो मेरा दिमाग़ अलग था। मेरे निर्णय लेने और स्वभाव का स्तर वास्तव में अच्छा था और इससे मुझे पिछले दो वर्षों में फ़ायदा हुआ था, लेकिन मैं फ़्रेंचाइज़ी के फ़ैसले का सम्मान करता हूं और यदि आप देखें, तो ऋषभ सीज़न की शुरुआत से वास्तव में अच्छी तरह से नेतृत्व कर रहा है"इससे मेरे लिए कुछ ख़ास नहीं बदला है कि मेरी बल्लेबाज़ी पर मेरा ध्यान कई गुना बढ़ गया है। जब मैं कप्तान था... मुझे दबाव में खेलना पसंद है। जब भी दबाव होता है, तो एक चुनौती होती है, और जब चुनौती होती है तो मैं अच्छा करता हूं।"

"आज भी जब मैं अंदर गया, तो टीम के लिए मैच जीतने का दबाव था क्योंकि विकेट थोड़ा असमान था। मेरी मानसिकता वही थी, कि टीम का मुख्य हिस्सा होने के नाते, मुझे खेल ख़त्म करना है। जब भी मैं खेलता हूं, मेरी मानसिकता अंत तक वहीं रहने की है और यह देखना है कि मैं टीम को जीत दिलाऊं।"

अय्यर जब क्रीज़ पर आए तब कैपिटल्स ने तीसरे ओवर में 1 विकेट पर 20 रन बनाए थे। हालांकि उनकी पारी विशेष रूप से सहज नहीं थी, अय्यर ने कहा कि उनकी वापसी के बाद बल्ले से उनकी भूमिका नहीं बदली है।

"मेरी भूमिका हमेशा परिस्थिति पर आधारित होती है लेकिन मेरा इरादा हमेशा सकारात्मक रहा है। मैं यह देखता हूं कि जब भी मैं परिस्थिति के बावजूद मैदान पर कदम रखता हूं तो मेरा आक्रामक स्वभाव होता है। अपनी चोट से पहले भी, मैं उस फ़्रेम में था। मेरा मन अभी भी उसी दृष्टिकोण के साथ है।"

"मेरी दिनचर्या और प्रक्रिया सही समय पर रही है। अपनी तैयारी के दौरान, मैंने यहां आने से पहले सभी चीज़ों को परखा, जो बताता है कि मैं बहुत अच्छी स्थिति में हूं। मैं अपनी प्रवृत्ति का समर्थन करता रहता हूं। यह मेरा सिर्फ़ पहला मैच था। यह एक लंबा चरण है और उम्मीद है कि मैं इसी तरह से प्रदर्शन करता रहूंगा और इस पर ध्यान दूंगा कि हम ख़िताब जीतें।"

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।