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क्वालीफ़ायर 1 पर मंडरा रहा है ख़राब मौसम का साया

इडेन गार्डन्स में ही बुधवार को लखनऊ और बेंगलुरु के बीच एलिमिनेटर भी खेला जाना है

Sanju Samson and Hardik Pandya are all smiles at the toss, Gujarat Titans vs Rajasthan Royals, IPL 2022, DY Patil Stadium, Mumbai, April 14, 2022

राजस्थान और गुजरात के बीच आईपीएल 2022 का पहला क्वालीफ़ायर खेला जाना है।  •  BCCI

गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मंगलवार शाम को होने वाले क्वालीफ़ायर 1 पर ख़राब मौसम का साया मंडरा रहा है। मंगलवार दोपह को कोलकाता में काफ़ी बारिश हुई और आज शाम 6 और 9 बजे भी 60 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान है। मैच की पहली गेंद शाम 7:30 बजे डाली जानी है।
कोलकाता के इडेन गार्डन्स में ही बुधवार को लखनऊ सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच एलिमिनेटर खेला जाना है और फ़िलहाल उस मैच से पूर्व भी 50% बारिश की संभावना बताई जा रही है।
बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेश ओझा का मानना है कि मैदान के ड्रेनेज को ध्यान में रखते हुए मौसम का खेल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया, "हमारे पास पूरे मैदान के कवर हैं और ड्रेनेज भी बढ़िया है। हम यदि रात के 10:10 बजे से भी खेल शुरू करें तो 20 ओवर का मुक़ाबला हो सकता है। और कुछ नहीं तो 11:56 बजे से पांच ओवर का मैच भी हो सकता है।"
लीग के दिशानिर्देश के अनुसार अगर सामान्य अवधि में मैच का फ़ैसला नहीं हो पाता तो सुपर ओवर का प्रावधान होगा। मैदान पर खेल ना हो पाने पर लीग में आख़िरी स्थान को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि अगर मंगलवार को खेल पूरा नहीं हो पाया तो गुजरात फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर जाएगा और राजस्थान सीधे क्वालिफ़ायर 2 में प्रवेश करेगा। अगर बुधवार को भी ऐसा हुआ तो अहमदाबाद के पहले मुक़ाबले में उनका सामना लखनऊ के साथ होगा और बेंगलुरु की टीम बाहर हो जाएगी।
कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य क्षेत्रों में पिछले हफ़्ते से भारी वर्षा का मौसम चल रहा है। उत्तर-पश्चिम से आने वाली इस बारिश को 'कालबैसाखी" भी कहा जाता है और पिछले सप्ताहांत बारिश के साथ 90 किमी प्रति घंटे से चलने वाले तूफ़ानी हवा में चार लोगों की मौत भी सुर्ख़ियों में आई थी। इस मौसम के चलते इडेन गार्डन्स के प्रेस कक्ष के समक्ष कांच की दीवार बह नष्ट हो गई थी।
2015 में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ एक मैच में गीले मैदान के चलते मैच रद्द होने से इस मैदान की ड्रेनेज सुविधाओं की कड़ी आलोचना हुई थी। तब से इन सुविधाओं में सुधार आया है और अब पूरे मैदान को भी ढकने की प्रथा अपनाई जा चुकी है।