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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल के लिए भारतीय दल में होंगे पांच तेज़ गेंदबाज़, शार्दुल ठाकुर को नहीं मिली जगह

शार्दुल के अलावा वॉशिंग्टन सुंदर, केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और अक्षर पटेल को नहीं किया गया इस टीम में शामिल

Virat Kohli discusses field placements with Ishant Sharma and Mohammed Shami, Melbourne, December 30, 2018

विराट कोहली की मेज़बानी वाले इस दल में कुल 5 तेज़ गेंदबाज़ शामिल है  •  AFP/Getty Images

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फ़ाइनल के लिए भारत की ओर से मंगलवार शाम को घोषित किए गए 15 सदस्यीय दल ने भारत की सलामी जोड़ी पर मुहर ज़रूर लगा दी हैं। इस दल में रोहित शर्मा और शुभमन गिल के रूप में केवल दो विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज़ों को शामिल किया गया हैं। पिछले कुछ सालों में विदेशी दौरों पर भारतीय बल्लेबाज़ी का बीमा साबित हुए हनुमा विहारी को भी जगह मिली है जबकि मयंक अग्रवाल और केएल राहुल को इस दल से बाहर रखा गया है।
ऋषभ पंत और ऋद्धिमान साहा दोनों ने विकेटकीपिंग विकल्पों के रूप में टीम में जगह बनाई है। साहा आखिरी बार दिसंबर में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध टेस्ट श्रृंखला का पहला मैच खेले थे, और इसके बाद से वह भारत की पहली पसंद टेस्ट एकादश में पंत के बाद बैकअप विकेटकीपर बन गए हैं।
इस बीच जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और उमेश यादव (जिन्हें शार्दुल ठाकुर से पहले चुना गया है) इस टीम के पांच तेज़ गेंदबाज़ हैं। रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जाडेजा टीम में दो स्पिन गेंदबाज़ हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड सीरीज़ में अच्छा प्रदर्शन करने वाले वॉशिंग्टन सुंदर और अक्षर पटेल को रिज़र्व खिलाड़ियों के तौर पर रखा गया है।
जाडेजा को टीम में शामिल करना इस बात का संकेत है कि भारत का टीम प्रबंधन ऑस्ट्रेलिया में लगी उंगली की चोट से उबरने के बाद उनकी प्रगति से संतुष्ट है, जिसने उन्हें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ से बाहर कर दिया था। उनके स्थान पर खेल रहे पटेल ने तीन टेस्ट मैचों में 10.59 की औसत से 27 विकेट लेकर अपनी डेब्यू सीरीज़ में काफ़ी धूम मचाई। जाडेजा ने आईपीएल 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अच्छी फ़ॉर्म के साथ-साथ फ़िटनेस का प्रमाण दिया था।
एक और खिलाड़ी जो ख़ुद को बदकिस्मत मान सकता है वो है शार्दुल ठाकुर। चोटों की एक लंबी सूची के कारण गैबा टेस्ट के लिए ग्यारह खिलाड़ियों की टीम खड़ी करने में संघर्ष कर रही भारतीय टीम में शामिल किए गए ठाकुर ने पहली पारी में बहुमूल्य 67 रनों का योगदान देकर और मैच में कुल 7 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया था। यादव, जिन्होंने उन्हें पछाड़ा, आखिरी बार मेलबर्न में बॉक्सिंग-डे टेस्ट के दौरान खेले थे, जहां उन्हें चोट लगी थी जिसके वजह से वे दौरे से बाहर हो गए थे। और तब से उमेश भारत द्वारा खेले गए अगले छह टेस्ट मैच मिस कर चुके हैं।
इस बीच, भारतीय प्रबंधन का अग्रवाल पर गिल को तरज़ीह देना निरंतरता का संकेत है। गिल ने ऑस्ट्रेलिया में अपने टेस्ट करियर की यादगार शुरुआत की थी, लेकिन इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू श्रृंखला के दौरान उनका फ़ॉर्म कुछ हद तक कम हो गया, जहां उन्होंने सात पारियों में 19.83 की औसत से सिर्फ़ 119 रन बनाए थे। दूसरी तरफ़ अग्रवाल ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित शर्मा के टेस्ट टीम में शामिल होते संग ही अपना शुरुआती स्थान खो दिया था। वह इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट सीरीज़ के किसी भी मैच में अपनी जगह नहीं बना पाए थे। मयंक 20 पारियों में 42.85 के औसत से तीन शतक और दो अर्धशतक के साथ 857 रन बनाकर वर्तमान डब्ल्यूटीसी चक्र में भारत के चौथे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के सीनियर सब-एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब-एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।