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मोंगा : कठिन परिस्थितियों में गिल ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया

तीन महीनों बाद वनडे विश्व कप की तैयारी शुरू होगी और गिल शायद उस राह पर आगे बढ़ चुके हैं

97 से 100 के सफ़र में शुभमन गिल ने बहुत कुछ होते हुए देखा। पहले एक हल्के अंदरूनी किनारे ने उन्हें पगबाधा होने से बचाया लेकिन जोड़ीदार इशान किशन रन आउट हो गए। फिर एक गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर स्टंप्स के क़रीब से निकल गई। इसके बाद दीपक हुड्डा एक बढ़िया गेंद पर आउट हुए।
आख़िरकार कवर की दिशा में सिंगल के साथ गिल ने तीसरे वनडे में अपना शतक पूरा किया। अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपना बल्ला बदल लिया था और अंतिम 80 रन दूसरे बल्ले से बनाए।
विश्वास करना मुश्किल है लेकिन 22 साल की उम्र में गिल के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक आने में काफ़ी समय लग गया है। यह उनके कौशल और क्षमता की परिभाषा है कि 11 टेस्ट और नौ वनडे भी एक लंबा समय प्रतीत हो रहा है। आख़िरकार यह वह बल्लेबाज़ है जिसने विराट कोहली को विस्मय में छोड़ दिया : "मैं इस उम्र में इसका 10 प्रतिशत भी नहीं था।"
लगभग हर बार जब गिल वनडे मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरे हैं, उन्होंने दिखाया है कि वह शतक जड़ सकते हैं। इसी प्रतिभा ने उन्हें लगातार दो सीरीज़ में प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ का ख़िताब दिलाया है।
कोहली की ही तरह, 50 ओवर का प्रारूप गिल के लिए सबसे स्वाभाविक है। इसलिए यह सही है कि उनका पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक किसी वनडे मैच में आया है। वह एक परंपरावादी है जिसमें वह अपनी बल्लेबाज़ी से जोखिम को खत्म करने को देखते हैं। जैसा कि उन्होंने मेज़बान प्रसारक से कहा, "मैं सिर्फ़ डॉट-बॉल प्रतिशत को कम करने की कोशिश कर रहा था। अगर आप मेरी पारी को देखेंगे, तो मैंने गेंद को ज़ोर से मारने की कोशिश नहीं की। मैंने बस गेंद को टाइम किया और गैप ढूंढने की का प्रयास किया।"
जोखिम से बचने की यह विचारधारा कभी-कभी उन्हें टी20 क्रिकेट में अपनी क्षमता का एहसास करने से रोकती है, लेकिन गिल आपके विशिष्ट शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ नहीं हैं जो वनडे मैचों में एक समान गति से शतक बनाएंगे। टी20 क्रिकेट, जो संभवतः उनका सबसे कम मज़बूत फ़ॉर्मेट है, वहां भी गिल स्पिनरों पर हावी होते हैं। वनडे में मध्य ओवरों में उनका स्ट्राइक रेट 112.22 का है।
यदि गिल बेहतर गेंदबाज़ी आक्रमणों के ख़िलाफ़ इसे जारी रखते हैं, तो हर संकेत है कि वह भारत के अगले वनडे रन मशीन बन सकते हैं। जैसा कि अक्षर पटेल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, गिल स्वीप करते हैं, रिवर्स स्वीप करते हैं और बीच के ओवरों में बड़े शॉट लगाने से कतराते नहीं।
अक्षर ने गिल के बारे में कहा, "उनकी बल्लेबाज़ी में सिंगल-डबल आते रहते हैं। वह ज़्यादा डॉट गेंद नहीं खेलते जो उनका सबसे मज़बूत पक्ष है। वह स्पिन को अच्छा खेलते हैं और ख़राब गेंदों पर बाउंड्री लगाते हैं। जब मध्य ओवरों में पांच फ़ील्डिर (30 गज़ के) घेरे में होते है, वह स्वीप और रिवर्स स्वीप का इस्तेमाल करते हैं।"
ज़िम्बाब्वे का आक्रमण भारत के लिए सबसे कठिन नहीं था लेकिन परिस्थितियां कठिन थी। इस सीरीज़ में सुबह की शुरुआत ने लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को बड़ा फायदा दिया। भारत ने तीनों टॉस जीते और अंतिम मैच में पहले बल्लेबाज़ी करके ख़ुद को चुनौती देने का फ़ैसला किया।
दूसरे छोर पर शिखर धवन, केएल राहुल और इशान किशन को पिच की नमी के कारण गेंद को खेलने में कठिनाई हुई। जहां गिल ने 97 गेंदों पर 130 रन बनाए, अन्य बल्लेबाज़ों ने 204 गेंदों पर केवल 149 रन बनाए।
तीन महीनों बाद भारत में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारी शुरू होगी। शायद गिल उस राह पर आगे बढ़ चुके हैं।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।