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बिश्नोई : अर्शदीप की जगह उस दिन मैं भी कैच ड्रॉप कर सकता था

भारतीय लेग स्पिनर का कहना है कि भारतीय प्रबंधन का उन पर ज़्यादा लेग स्पिन डालने के बारे में कोई दबाव नहीं है

बिश्नोई ने अपनी गेंदबाज़ी से सबको प्रभावित किया है  •  AFP/Getty Images

बिश्नोई ने अपनी गेंदबाज़ी से सबको प्रभावित किया है  •  AFP/Getty Images

भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई केवल 22 साल के हैं लेकिन अपने छोटे क्रिकेट करियर में उन्होंने अच्छी परिपक्वता का परिचय दिया है। बिश्नोई का कहना है कि क्रिकेट एक निष्ठुर खेल हो सकता है, एशिया कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कैच ड्रॉप करने की ग़लती वह ख़ुद भी कर सकते थे।
भारत के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने सुपर 4 के मुक़ाबले में पाकिस्तानी बल्लेबाज़ आसिफ़ अली का कैच बिश्नोई की ही गेंद पर शॉर्ट थर्ड पर टपका दिया था और आख़िर भारत की हार हुई। इसके बाद अर्शदीप को सोशल मीडिया में काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। वहीं बिश्नोई ने इस मैच में चार ओवर में 28 रन देकर एक विकेट लिया और मैच में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ बने। हालांकि यह पूरे टूर्नामेंट में उनका इकलौता मैच साबित हुआ।
बिश्नोई ने पीटीआई से बात करते हुए अर्शदीप के बारे में कहा, "पाजी मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं। हमें पता है क्रिकेट में कैच कभी भी ड्रॉप हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता था कि मैं उनकी जगह रहता और उनकी गेंदबाज़ी पर कैच ड्रॉप कर बैठता। अर्शदीप एक बहुत दिलेर खिलाड़ी हैं। आपने देखा कैसे उस ड्रॉप कैच के बाद उन्होंने वापसी की और आख़िर के ओवर डाले। ऐसा लगा ही नहीं कि उनके मन में कोई तनाव है। उनके मानसिक शक्ति की यही पहचान है।"
बिश्नोई ने 10 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 7.08 की इकॉनमी से 16 विकेट लेते हुए काफ़ी लोगों को प्रभावित किया है, हालांकि यह भी कहा गया है कि वह गूगली पर अधिक निर्भरता दिखाते है। ऐसे में टी20 विश्व कप के भारतीय दल में चयनकर्ताओं ने वरिष्ठ लेग स्पिनर युज़वेंद्र चहल को चुना है।
इस बीच भारतीय टीम के बॉलिंग कोच रह चुके पूर्व लेग स्पिनर साईराज बहुतुले ने भी उनसे बात की थी। बिश्नोई ने कहा, "टीम प्रबंधन के किसी भी सदस्य ने मुझ पर लेग ब्रेक करने का कोई दबाव नहीं डाला, बल्कि साईराज सर ने यही कहा कि जब तक मैं उस वेरिएशन (लेग ब्रेक) पर काम कर रहा हूं, यह पर्याप्त है।"
बिश्नोई ने चहल के साथ अपने रिश्ते की भी बात की। उन्होंने कहा, "आप लेग स्पिन करते हुए बल्लेबाज़ के प्रहार से डर नहीं सकते। मैं स्थिति के हिसाब से फ़्लिपर या टॉप स्पिन डालता हूं। यूज़ी भाई मुझे कुछ ख़ास नहीं बताते हैं। वह बस इतनी सलाह देते हैं कि मैदान पर उतरते ही ख़ुद को एंजॉय करना ज़रूरी है। हम बतौर एक जोड़ी टीम के हित में अच्छी गेंदबाज़ी करने की पूरी कोशिश करते हैं।"
बिश्नोई ने टीम में अपनी भूमिका पर कहा, "कभी आपको विकेट लेना होता है तो कभी रन रोकने के लिए जाते हैं। मेरे लिए सबसे ज़रूरी चीज़ यही रही है कि मैंने कोई मौक़े गंवाए नहीं हैं। जब मुझे अवसर मिला है मैंने उसका पूरा फ़ायदा उठाने की कोशिश की है।"
आख़िर में उन्होंने कहा, "मेरे जीवन का सबसे यादगार पल वह था जब मुझे भारत के लिए चुना गया। मेरे कोच भी उत्साहित थे। यह काफ़ी यादगार सफ़र रहा है क्योंकि हमने सारे द्विपक्षीय सीरीज़ जीते हैं और केवल एक एशिया कप ही हारा है।"