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मांजरेकर : अर्शदीप जैसे युवा खिलाड़ी को हार का ज़िम्मेदार ठहराना उचित नहीं

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ ने यह भी कहा कि हार्दिक टीम के तीसरे सीमर के तौर पर नहीं खेल सकते

विकेट लेने के बाद टीम के अन्य साथियों के साथ अर्शदीप  •  AFP/Getty Images

विकेट लेने के बाद टीम के अन्य साथियों के साथ अर्शदीप  •  AFP/Getty Images

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ संजय मांजरेकर का मानना है कि एशिया कप के सुपर 4 में पाकिस्तान के हाथों भारत को मिली हार के लिए भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह और उनके ड्रॉप किए गए कैच को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही मांजरेकर ने कहा कि हार्दिक पंड्या को तीसरे सीमर की तरह खिलाया जाना भी टीम संयोजन के दृष्टिकोण से सही नहीं है।
गत रविवार को खेले मुक़ाबले में पाकिस्तान ने भारत के ख़िलाफ़ 182 रनों का लक्ष्य पांच विकेट गंवाते हुए आख़िरी ओवर में हासिल कर लिया था। 18वें ओवर में रवि बिश्नोई अपनी लेग स्पिन के द्वारा आसिफ़ अली को शॉर्ट थर्ड पर कैच लपकवा चुके थे लेकिन अर्शदीप के हाथों में गेंद आने के बावजूद कैच छूट गया था।
अगर वह कैच पूरा कर लेते तो पाकिस्तान की आख़िरी बल्लेबाज़ों की जोड़ी मैदान पर मौजूद होती और उन्हें 15 गेंदों पर तब भी 31 रनों की ज़रूरत थी। जीवनदान मिलने के दौरान शून्य पर खेल रहे आसिफ़ ने आख़िरकार दो चौकों और एक छक्के की मदद से आठ गेंदों पर 16 रन बनाए और आख़िरी ओवर में अर्शदीप के ही यॉर्कर पर आउट हुए।
स्पोर्ट्स18 के कार्यक्रम 'स्पोर्ट्स ओवर द टॉप' में मांजरेकर ने कहा, "जिसने भी थोड़ा क्रिकेट भी खेला हो वह आम तौर पर वह कैच पकड़ लेता। अर्शदीप ऐसे कैच लगभग आंख बंद करके भी 100 बार में 99 बार पकड़ लेते। शायद उनके दिमाग़ में यह चीज़ आई कि यह भारत बनाम पाकिस्तान है और इतना महत्वपूर्ण कैच है। लेकिन अर्शदीप सिंह जैसे युवा खिलाड़ी पर पूरी ज़िम्मेदारी डालना उचित नहीं है। आप वैसे भी एक क्षण में क्रिकेट का मैच नहीं हारते हैं।"
भारत ने इस मैच में अस्वस्थ आवेश ख़ान की जगह दीपक हुड्डा को एकादश में शामिल किया लेकिन मांजरेकर ने इस परिवर्तन को ग़लत ठहराया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है इस मैच से भारत को कुछ अच्छे सबक मिले और उनमें एक है कि आप हार्दिक को तीसरे सीमर के रूप में नहीं खिला सकते। जब हार्दिक चौथे सीमर के रूप में खेलते हैं तो उन्हें पता होता है कि अगर वह थोड़े महंगे भी साबित होते हैं तो कोई और आकर दो ओवर कर सकता है।"
मांजरेकर ने आगे कहा, "मुझे याद है इसी मंच पर आकर मैंने भारत की टी20 क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ी की गहराई और गुणवत्ता की तारीफ़ की थी। लेकिन अब शायद सच्चाई बाहर आ रही है कि एक या दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने प्रतिभा का परिचय तो दिया है लेकिन शायद इस स्तर या बड़े मैच के दबाव में उतना अच्छा नहीं कर पा रहे हैं। यह भारत-पाकिस्तान का दबाव विश्व कप में हर मैच में होगा।"
मांजरेकर का यह भी मानना था कि भारत ने इस मैच में एक समय 200 के आसपास का स्कोर लक्ष्य पर रखा था और वहां तक ना पहुंच पाने की वजह बल्लेबाज़ी क्रम में गहराई की कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता इस टीम का टेल बहुत लंबा है क्योंकि पिछले मैच में दीपक हुड्डा सातवें नंबर पर खेलने आए थे। जब आप आत्याक्रमक बल्लेबाज़ी करेंगे तो कभी-कभी ऐसा भी होगा कि आप गुच्छों में विकेट गंवा बैठेंगे। सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा और केएल राहुल के विकेट मारते हुए ही गिरे, और इस सब के बावजूद भारत ने 180 पार किया। अगर निचले क्रम से थोड़ा योगदान मिलता तो शायद 210-220 तक बनता। 10 ओवर के बाद 93 बने थे और वहां से केवल 88 ही बने, लेकिन यह इस मानसिकता का एक ख़तरा है।"

देबायन सेन ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो में सीनियर असिस्टेंट एडिटर और स्थानीय भाषाओं के प्रमुख हैं