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आईसीसी से पैसे नहीं मिलने के बाद अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड मुश्किल में

पिछले साल तालिबान के अधिग्रहण के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण आईसीसी का पैसा देश तक नहीं पहुंचा है

आईसीसी ने एसीबी से कहा है कि बिना किसी अनुमोदित नियामक तंत्र के अफ़ग़ानिस्तान में पैसा नहीं ले जाया जा सकता है  •  AFP/Getty Images

आईसीसी ने एसीबी से कहा है कि बिना किसी अनुमोदित नियामक तंत्र के अफ़ग़ानिस्तान में पैसा नहीं ले जाया जा सकता है  •  AFP/Getty Images

जुलाई 2021 के बाद से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फ़ंड नहीं पहुंच पाने के कारण अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) एक वित्तीय संकट से जूझ रहा है।
अगस्त 2021 में तालिबान की राजनीतिक सत्ता में वापसी के बाद से, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों ने देश में पैसा भेजना मुश्किल बना दिया है। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो समझता है कि एसीबी ने सभी स्तरों पर खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ़ को पैसों का पूरा भुगतान किया है लेकिन वह अफ़ग़ानिस्तान में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन का केवल 30 प्रतिशत भुगतान कर पाएगा।
दुबई में स्थित एसीबी अधिकारी इस मामले पर आईसीसी से बात कर रहे हैं। यह समझा जा रहा है कि पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान में पैसा लाने के लिए वैकल्पिक मार्ग खोजने की कोशिश की जा रही है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिला है। यह पता चला है कि आईसीसी ने एसीबी से कहा है कि बिना किसी अनुमोदित नियामक तंत्र के अफ़ग़ानिस्तान में पैसा नहीं ले जाया जा सकता है।
अफ़ग़ानिस्तान 2017 में आईसीसी का पूर्ण सदस्य बना। इससे अन्य पूर्ण सदस्यों की तरह उन्हें आईसीसी राजस्व से अधिक हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार मिला। आईसीसी के फ़ंड-डिस्बर्समेंट मॉडल के अनुसार, एसीबी को 2016-23 के वाणिज्यिक अधिकार चक्र के लिए लगभग 22,228 करोड़ रुपये के अनुमानित आईसीसी राजस्व के आधार पर 329 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, आईसीस के अनुमानित राजस्व में कमी के साथ, इसे प्रति वर्ष लगभग 39 करोड़ रुपये में समायोजित किया गया है।
पूर्ण सदस्यों को आईसीसी द्वारा साल में दो बार - जनवरी और जुलाई में - भुगतान किया जाता है। इसके आधार पर एसीबी को अंतिम भुगतान पिछले साल जुलाई में किया गया था। स्थिति से निपटने के लिए, खासकर जब टूर्नामेंट और अन्य श्रृंखलाओं के लिए राष्ट्रीय टीम को दुनिया भर भेजने की बात आती है, तो बोर्ड ने लगभग दो दर्जन खिलाड़ियों के लिए यूएई रेज़ीडेंसी वीज़ा की व्यवस्था की है।
यूएई से यह संबंध एसीबी के लिए उपयोगी रहा है। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को मिली जानकारी के अनुसार, कुछ उदाहरणों में, जब अफ़ग़ानिस्तान ने अमीरात में "मेहमान" टीमों की मेज़बानी की है, आईसीसी ने एसीबी की ओर से विक्रेताओं को भुगतान किया है। एसीबी को आईसीसी से प्राप्त होने वाले धन के ख़िलाफ़ यह पैसा समायोजित किया जा रहा है।
देश में घरेलू क्रिकेट जारी है। पिछले हफ़्ते एसीबी ने अपने प्रथम श्रेणी अहमद शाह अब्दाली टूर्नामेंट के पांचवें संस्करण का आग़ाज़ किया। इसके बाद नवंबर में ग़ाज़ी अमनउल्लाह ख़ान वनडे प्रतियोगिता भी खेली जानी है। इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ को पैसों का भुगतान किया जाएगा लेकिन उसमें देरी होने की संभावना है।
दुर्भाग्य से एसीबी के लिए, आईसीसी का राजस्व धन का प्रमुख स्रोत है, क्योंकि कोई भी अंतर्राष्ट्रीय टीम द्विपक्षीय सीरीज़ के लिए अफगानिस्तान की यात्रा नहीं करती है। और तो और एसीबी का टी20 टूर्नामेंट देश से बाहर प्रसारित नहीं होता है।
पिछले साल तालिबान के अधिग्रहण के बाद, ऐसी चिंताएं थीं कि महिलाओं को क्रिकेट नहीं खेलने देने के तालिबान के फ़ैसले के कारण आईसीसी अफ़ग़ानिस्तान की पूर्ण-सदस्यता को छीन सकता है। इसके बाद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले पर अपना रुख़ अपनाया और अफ़ग़ानिस्तान के साथ घर पर निर्धारित एक टेस्ट मैच को रद्द कर दिया। हालांकि, अफ़ग़ानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप में भाग लेगा, जैसा कि उन्होंने 2021 में यूएई में किया था। इसके अलावा, नवीनतम आईसीसी भविष्य दौरा कार्यक्रम में, ऑस्ट्रेलिया को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ दो द्विपक्षीय सीरीज़ खेलनी हैं - अगस्त 2024 में घर से बाहर एक टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज़ और जुलाई 2026 में ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट और तीन टी20 मैचों का दौरा।

उमर फ़ारूक़ ESPNcricinfo के पाकिस्तानी संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।