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घर की चिंता मन में लिए राशिद फ‍िर बने मैच विजेता

अफ़ग़ानिस्तान के स्टार स्पिनर द हंड्रेड में बने संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़

विकेट लेने के बाद राशिद  •  PA Images via Getty Images

विकेट लेने के बाद राशिद  •  PA Images via Getty Images

अपनी गेंदों से दुनिया भर के बल्लेबाज़ों को अब तक अफ़ग़ानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद ख़ान घुमाते आए हैं। रविवार को द हंड्रेड में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स और ट्रेंट रॉकेट्स के मुक़ाबले में जब राशिद रॉकेट्स की ओर से खेलने उतरे तो उनके माथे की शिकन किसी से छुपी नहीं थी। उनका अपना देश ज़ंग के मैदान में तब्दील हो गया था। उनके अपनों की चिंता उन्हें अंदर ही अंदर सता रही थी। उनके दिमाग में बचपन की वो सभी यादें नासूर बनकर सामने आ गई थी, जिसमें उनका बचपन बीता है। स्टेडियम में मौजूद सभी की निगाहें राशिद पर थी, लेकिन राशिद ने मैच की अपनी 20 गेंद में दिखाया कि क्यों वह सफेद गेंद के सरताज़ हैं।
अपने छह साल के करियर में यह मुकाबला राशिद का 275वां मुकाबला था। दिन खास था, लेकिन मीलों दूर उनका अपना देश अफ़ग़ानिस्तान पूरी तरह से बिखर चुका था। उनके अपने शहर क़ाबुल पर भी तालिबान कब्जा जमा गया था और उन्हें अपने परिवार की चिंता सता रही थी। मन और दिमाग में ढेरों चिंताए थी, लेकिन राशिद ने हमेशा की तरह उन्हें जगजाहिर नहीं होने दिया।
राशिद जब गेंदबाज़ी करने आए तो ओरिजिनल्स का स्कोर 40 गेंद में एक विकेट के नुकसान 70 रन था। राशिद ने पहली गेंद लोअर फुल टॉस की और स्वीप करने के चक्कर में फ़िल साल्ट शॉर्ट फ़ाइन लेग पर समित पटेल को कैच थमा बैठे। इस विकेट को लेने के बाद राशिद हल्का सा मुस्कुराए भी नहीं। दो गेंद बाद कॉलिन एकरमेन स्पिन के जादूगर की गेंद पर स्वीप करने निकले, लेकिन गुगली गेंद ने उन्हें फंसा दिया और एलबीडब्ल्यू हो गए। विकेटकीपर टॉम मूर्स खुशी से भागते हुए राशिद के पास जश्न मनाने आए, लेकिन उनका वह जोश कहीं खो सा गया था। पांच गेंदों के पहले सेट में राशिद दो विकेट निकाल चुके थे।
इसके बाद लांग ऑफ़ पर दायीं ओर भागते हुए राशिद ने टॉम लैमनबी का बेहतरीन कैच ले लिया। इस बार भी राशिद शांत ही रहे। अगले सेट की पहली गेंद पर राशिद ने कप्तान कार्लोस ब्रेथवेट को एक बेहतरीन यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया, यहां राशिद का फ्लाइंग हवाईजहाज वाला जश्न तो था, कुछ नहीं था तो उनके चेहरे पर वह मुस्कान। पहली छह गेंद पर राशिद तीन विकेट ले चुके थे और एक भी चौका नहीं खाए थे। 20 गेंद में राशिद ने 16 रन देकर तीन विकेट लिए और दो ही चौके खाए। यह राशिद के टी20 करियर के 381वें, 382वें और 383वें विकेट थे, जिससे वह इस प्रारूप में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में पांचवें नंबर पर आ गए।
वैसे इस प्रारूप में दुनिया के सबसे बेहतरीन स्पिनर बनने के लिए उन्होंने बहुत त्याग किए हैं। इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले उन्होंने बताया था कि वह पिछले पांच सालों में केवल 25 दिन ही घर पर रहे। पिछले तीन सालों में उन्होंने अपने माता और पिता को खो दिया। मुझे अपने परिवार के साथ समय बिताने का समय नहीं मिला, लेकिन यह मेरे करियर का शुरुआती समय था और मुझे जद्दोजहद करनी पड़ी। वह अपने देश में चल रहे संघर्षों के लिए हमेशा सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं। उन्होंने अब ट्वीट किया था कि हमें अराजकता में मत छोड़ों, अफगानों को मारना और अफ़ग़ानिस्तान को नष्ट करना बंद करो।
रविवार को जब तालिबान ने काबुल को अपने कब्जे में ले लिया और देश के राष्ट्रपति ने देश छोड़ दिया और लाखों लोग देश छोड़ने को मजबूर हुए तो उन्होंने ट्वीट किया शांति। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि एक खिलाड़ी के तौर पर यह निराशाजनक है। यह काफी दर्द देने वाला है, लेकिन इस बीच हम मैदान पर ही अपने देश के लोगों को खुश करने के लिए कुछ खास कर सकते हैं।
उनकी टीम के साथी पटेल ने यह स्वीकार किया कि राशिद आमतौर काफी उत्साही रहते हैं, लेकिन रविवार को उनका मन उदास था, वैसे यह समझने वाली बात भी थी। हमारे पास मुकाबला था और यह उनका ध्यान भटकाने के लिए सबसे बेहतरीन जरिया था। उन्होंने मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया और यह उनकी अंतरआत्मा से निकला।
इस दौरान कॉमेंट्री कर रहे इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन भी राशिद की भावना को समझ रहे थे। इनिंग ब्रेक के दौरान उन्होंने स्काई स्पोर्ट्स पर कहा कि उनके घर पर काफी चीजें चल रही हैं। हमने बाउंड्री पर इस बारे में काफी बात की। वह बहुत चिंतित था, क्योंकि वह अपने परिवार को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर नहीं निकाल सकता था।
22 वर्ष के राशिद एडिलेड से अबू धाबी, ट्रेंट ब्रिज से त्रिनिदाद हर जगह गेंदबाजी कर चुके हैं और छक्के लगा चुके हैं। वह अपने देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं और दुनिया भर की टीम उन्हें अपनी टीम में लेना चाहती हैं।
उनकी जिंदगी और उनके करियर के पीछे गई खून के छींटे हैं और घर का दर्द है। अभी अफ़ग़ानिस्तान एक देश की जगह जंग के मैदान के तौर पर दुनिया भर में जाना जा रहा है, लेकिन इसका क्रेडिट राशिद को जाना चाहिए कि इसके बावजूद दुनिया भर की टीम उनसे जुड़ना चाहती हैं।

मैट रोलर (@mroller98) ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है