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बॉक्सिंग डे टेस्ट में कैसा रहेगा साउथ अफ़्रीका का अंतिम एकादश?

कुछ नए चेहरों के साथ पुराने दिनों की वापसी चाहेगी अफ़्रीकी टीम

Temba Bavuma and Dean Elgar walk off at the end of the day's play, South Africa v England, 1st Test, Durban, 2nd day, December 27, 2015

Getty Images

साउथ अफ़्रीका ने अपना अंतिम टेस्ट छह महीने पहले खेला था। इसे टेस्ट क्रिकेट में अफ़्रीकी टीम के नए युग की मानी गई क्योंकि नए कप्तान डीन एल्गर की अगुआई में इस टीम में 2012 का एक भी सदस्य नहीं मौजूद था, जब साउथ अफ़्रीका ने नंबर एक रहते हुए आईसीसी गदा जीता था।
यह सीज़न साउथ अफ़्रीका के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। पहले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में उन्होंने पांचवा स्थान हासिल किया था। वे इस बार उससे कहीं बेहतर करना चाहते हैं। हालांकि 2019 से 21 के बीच में साउथ अफ़्रीकी क्रिकेट का हालत सिर्फ़ और सिर्फ़ बिगड़ा ही है।
इस टीम का लगातार नौ साल तक अपराजेय रहने का रिकॉर्ड रहा है। तमाम कमियों के बावजूद यह टीम घर में अभी भी मजबूत दिखाई देती है। उनकी गेंदबाज़ी आक्रामक है और बल्लेबाज़ी भी विश्वसनीय दिखाई देती है। साउथ अफ़्रीका की सबसे ख़ास बात यह है कि उन्हें हराना बहुत मुश्किल है और वे वापसी करना भी जानते हैं।
कोरोना के कारण साउथ अफ़्रीका ने 2021 में सिर्फ़ पांच टेस्ट खेला है। हालांकि उन्हें इस दौरान नौ टेस्ट मैच खेलना था लेकिन मार्च में ऑस्ट्रेलिया ने चार टेस्ट मैचों के दौरे पर आने से मना कर दिया था। लेकिन अब उन्हें भारत, न्यूज़ीलैंड और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ घर पर लगातार तीन सीरीज़ खेलनी है, इसके बाद उन्हें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए अगस्त में इंग्लैंड भी जाना है। कुल मिलाकर अगर सब कुछ ठीक रहता है तो साउथ अफ़्रीका को 2022 में कम से कम 10 टेस्ट मैच खेलने हैं।
2012 में मार्क बाउचर के संन्यास लेने के बाद से साउथ अफ़्रीकी क्रिकेट से हर साल कोई ना कोई बड़ा नाम रिटायर होता रहा है। 2013 में जैक्स कालिस, 2014 में ग्रैम स्मिथ, 2015 में अल्विरो पीटरसन, 2017 में जेपी ड्यूमिनी, 2018 में काइल एबॉट, मोर्ने मॉर्केल व एबी डिविलियर्स, 2020 में हाशिम अमला, वर्नोन फ़िलेंडर और डेल स्टेन और 2021 में फ़ाफ़ डु प्लेसिस ऐसे प्रमुख नाम हैं। पिछले नौ साल में टीम के पांच कप्तान और कोच भी बदले गए हैं, जो दिखाता है कि टीम में स्थायित्व की कमी है। कप्तान डीन एल्गर भी इसे स्वीकार करते हैं।
जहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टीम उथल पुथल से गुजरी, वहीं घरेलू क्रिकेट संरचना में भी कई बड़े परिवर्तन हुए, वहीं प्रशासन में भी कई बड़ा बदलाव आया। 2016 से 2020 तक जहां टीम में दो काले सहित छह अश्वेत खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में जगह देना अनिवार्य था, वहीं पिछले साल इसे बदलकर क्रमशः तीन और सात कर दिया गया। हालांकि बोर्ड में नए अधिकारियों की नियुक्ति होने के बाद इस पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया गया है।
अगर हम अंतिम एकादश की बात करें, तो कप्तान डीन एल्गर के साथ सलामी जोड़ी के रूप में ऐडन मार्करम का आना तया है। वेस्टइंडीज़ में तीन पारियों में 44 रन बनाने वाले कीगन पीटरसन को एक और मौक़ा दिया जाएगा, वह नंबर तीन पर खेलेंगे। चौथे स्थान के लिए रासी वैन डर डुस्सें का नाम भी तय है। पांच नंबर पर उपकप्तान तेम्बा बवूमा आएंगे, वहीं छठे स्थान पर विकेटकीपर बल्लेबाज़ क्विंटन डिकॉक का स्थान भी लगभग तय है।
नंबर सात पर आलराउंडर वियान मल्डर खेलेंगे। वह साउथ अफ़्रीका की तेज़ और उछाल लेती पिचों पर चौथे तेज़ गेंदबाज़ का विकल्प होगे, इसके अलावा वह बल्लेबाज़ी भी अच्छी कर लेते हैं। अनरिख़ नॉर्खिये को चोट लग जाने के बाद से इस बहस पर भी विराम लग गया है कि लुंगी एनगिडी और डुएन ऑलिवियेर में से तीसरा तेज़ गेंदबाज़ कौन होगा? अब शुरुआती एकादश में यही दोनों तेज़ गेंदबाज़ कगिसो रबाडा का साथ देंगे। वहीं अंतिम स्थान पर केशव महाराज एक स्पिन विकल्प के रूप में शामिल होंगे।
हालांकि अभी एनगिडी के फ़िटनेस पर भी संदेह है। अगर वह पूरी तरह मैच फ़िट नहीं होते हैं, तो उनकी जगह युवा मार्को यानसन लेने को तैयार हैं, जो कि बाएं हाथ से तेज़ गेंदबाज़ी कर एक विविधता प्रदान करने की संभावना रखते हैं।
अगर हम यही संयोजन रखते हैं, तो टीम में तीन काले अफ़्रीकी सहित पांच अश्वेत खिलाड़ी होते हैं, जो कि कोटा पैमाने को तो पूरी तरह पूरा नहीं करते हैं, लेकिन एक बेहतर टीम खड़ा करते हैं। यहां पर यह ध्यान देना ज़रूरी है कि यह कोटा पैमाना हर मैच नहीं बल्कि सीज़न के औसत के आधार पर तय होता है। तो अगर किसी मैच में एक अश्वेत खिलाड़ी कम भी खेलता है, तो उसे आगे आने वाले मैचों में संतुलित भी किया जा सकता है।

फ़िरदौस मूंडा ESPNcricinfo की साउथ अफ़्रीका संवाददाता हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के दया सागर ने किया है