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नीलामी में किस टीम ने लगाई सबसे सफल बोली, किस प्लेयर के पीछे सबसे ज़्यादा टीमें भागी

किस घरेलू टीम से निकले सबसे महंगे खिलाड़ी, आईपीएल के मेगा ऑक्शन का महीन विश्लेषण

चैन्नई ने लगाई सबसे अधिक खिलाड़ियों के लिए बोली  •  BCCI

चैन्नई ने लगाई सबसे अधिक खिलाड़ियों के लिए बोली  •  BCCI

चेन्नई सुपर किंग्स नीलामी में सबसे सक्रिय टीम थी। उन्होंने 50 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई। यह अलग बात है कि उन्होंने केवल 21 खिलाड़ियों को ख़रीदा। इस सूची में दिल्ली कैपिटल्स दूसरे स्थान पर है, जिसमें उन्होंने 49 खिलाड़ियों के लिए कम से कम एक बार बोली लगाई। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने सबसे कम खिलाड़ियों (35) के लिए बोली लगाई और उन्होंने उनमें से 19 को ख़रीदा। बोली लगाते हुए खिलाड़ियों को ख़रीदने के मामले में 55.26% की सफलता दर के साथ कोलकाता नाइट राइडर्स नीलामी तालिका में सबसे प्रभावी फ़्रेंचाइज़ी थी, जिसने 37 में से 21 खिलाड़ियों को ख़रीदा था।
बड़ा पर्स होने के बावजूद पीछे छूट गई सनराइज़र्स की टीम
सनराइज़र्स हैदराबाद ने 68 करोड़ रुपये के साथ, दूसरे सबसे बड़े पर्स के साथ नीलामी में प्रवेश किया था। जिन खिलाड़ियों की सबसे अधिक मूल्य की बोली लगाई गई, उन खिलाड़ियों को ख़रीदने की दौड़ में हैदराबाद की टीम काफ़ी दूर तक गई थी लेकिन वे उनमें से कई सौदों को हासिल नहीं कर सके। ऐस 17 खिलाड़ी थे जिनके लिए वह अंत तक गए लेकिन हासिल नहीं कर पाए।
किसी भी खिलाड़ियों के लिए अंतिम दो बोली लगाने वाली टीमों के सफलता प्रतिशत के संदर्भ में, केवल राजस्थान रॉयल्स को ही सनराइज़र्स की तुलना में कम सफलता मिली। उन्होंने 10 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई और उन्हें जीतने में सफल रहे और 14 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाने के मामले में वह उपविजेता थे। रॉयल चैलेंजर्स की सफलता दर सबसे अच्छी थी, उन्होंने 18 खिलाड़ियों में से 11 को ख़रीदने में सफल रही।
सबसे लोकप्रिय खिलाड़ी
आईपीएल नीलामी के इतिहास में 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने वाले पहले अनकैप्ड तेज़ गेंदबाज़ अवेश खान के लिए इस बार सबसे अधिक बोलियां लगाई गई। पांच टीमें उन्हें खरीदने की दौड़ में थीं। उनका बेस प्राइस 20 लाख था। कुछ मिनट बाद, लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें ख़रीदने के लिए 62वीं और अंतिम बोली लगाई।
नीलामी के सबसे महंगे खिलाड़ी भले ही इशान किशन थे लेकिन चार अलग-अलग फ़्रेंचाइज़ी ने उनके लिए 55 बोलियां लगाई।
वहीं किसी एक खिलाड़ियों के लिए सबेस अधिक टीमों के द्वारा बोली लगाए जाने के मामले में तीन नाम हैं: आर साई किशोर, दीपर हुड्डा और टिम डेविड। इन तीनों खिलाड़ियों के लिए कुल छ: टीमों ने बोली लगाई।
बेस प्राइस पर ख़रीदे गए खिलाड़ी
91 खिलाड़ियों को उनके बेस प्राइस पर ख़रीदा गया। जिस टीम ने सबसे अधिक खिलाड़ियों को आधार मूल्य पर हासिल किया, वह थी नाइट राइडर्स - उन्होंने ऐसी 13 ख़रीदारी की। इस तरह की सबसे कम ख़रीदारी सनराइज़र्स, कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस की टीमों ने किया। घरेलू टी20 चैंपियन सबसे ज़्यादा कमाते हैं
घरेलू टूर्नामेंट में सफल टीमों के खिलाड़ियों के लगाई गई बोली
तमिलनाडु ने भारत के घरेलू टी 20 टूर्नामेंट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी के पिछले दो संस्करण जीते, और उससे एक साल पहले ख़िताबी भिड़ंत में एक रन पीछे रह गए। टी 20 प्रारूप में उनकी निरंतरता का उनके खिलाड़ियों ने आईपीएल नीलामी में मोटी कीमत अर्जित करने का काम किया। तमिलनाडु के 13 खिलाड़ियों पर 39.55 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो किसी भी भारतीय घरेलू टीम के खिलाड़ियों पर ख़र्च की गई सबसे बड़ी राशि है।
ऐसे आठ खिलाड़ी थे जिनके लिए 1 करोड़ रुपये की बोली लगाई। उसमें से तीन खिलाड़ी अनकैप्ड थे। बड़े शॉट लगाने वाले, मध्य क्रम के बल्लेबाज़ शाहरुख़ ख़ान के लिए 55 बोलियां लगाई गई, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर साई किशोर के लिए छह अलग-अलग टीमों ने बोली लगाई। कर्नाटक और दिल्ली से 13 खिलाड़ियों को भी चुना गया, जो राज्य की टीमों में संयुक्त रूप से सबसे अधिक हैं।

संपत बंडारूपल्ली ESPNcricinfo में स्टैटिशियन हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।