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हरमनप्रीत कौर : हमें अधिक टेस्ट मैच खेलने चाहिए

भारतीय कप्तान घरेलू क्रिकेट में भी अधिक रेड-बॉल क्रिकेट देखना चाहती हैं

A dejected Harmanpreet Kaur at the post-match press conference, Australia vs India, Women's T20 World Cup 2023, semi-final, Cape Town, February 23, 2023

हरमनप्रीत कौर का मानना है कि महिला क्रिकेट की बेहतरी के लिए टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देना ज़रूरी है  •  ICC/Getty Images

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर में अधिक महिला टेस्ट मैचों के आयोजन की इच्छा जताई है। साथ ही उनका मानना है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में और ज़्यादा दिनों के मैच आयोजित किए जाने चाहिए। तीन टेस्ट, 127 वनडे और 154 टी20आई में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली 34-वर्षीय हरमनप्रीत का करियर भारतीय महिला क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मैट में निरंतरता का प्रतीक है।

महिला क्रिकेट के पहले फ़्यूचर टूर कार्यक्रम (एफ़टीपी) के हिसाब से भारत दो टेस्ट मैच खेलेगा। यह 2022-2025 के अवधि के लिए हैं और दोनों मैच भारत में ही 2023-2024 सीज़न में खेले जाएंगे। इस चक्र में केवल चार टीमें ही टेस्ट खेलेंगी, वहीं इंग्लैंड (पांच), ऑस्ट्रेलिया (चार) और साउथ अफ़्रीका (तीन), सब भारत से अधिक मैच खेलेंगे।

'स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट' पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "बतौर खिलाड़ी, मैं चाहती हूं हम अधिक टेस्ट मैच खेलें क्योंकि बचपन में हम टीवी पर टी20 से कहीं ज़्यादा टेस्ट देखते थे। टी20 खेलने में मज़ा आता है लेकिन हर क्रिकेटर को टेस्ट क्रिकेट खेलना बेहतर लगता है। इस साल हम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक-एक टेस्ट खेलेंगे। मुझे उम्मीद है इससे महिला क्रिकेट पर बढ़िया असर होगा और आगे चलकर हमें और टेस्ट खेलने को मिलेंगे। हमें महिला क्रिकेट की बेहतरी के लिए अधिक से अधिक टेस्ट क्रिकेट वापस लाना पड़ेगा।"

भारत में घरेलू क्रिकेट में पिछली बार डे का क्रिकेट 2017-18 सीज़न में खेला गया था, जब बीसीसीआई ने सीनियर और अंडर-19 स्तर पर तीन-दिवसीय इंटर-ज़ोनल टूर्नामेंट का आयोजन किया था। हरमनप्रीत ने ख़ासकर विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के चलते घरेलू क्रिकेट के स्तर में बेहतरी की बात की, लेकिन अधिक दिनों के मैचों की मांग की।

उन्होंने कहा, "यक़ीन कीजिए, [घरेलू क्रिकेट] पहले से काफ़ी बेहतर है। जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब हम मुश्किल से कोई भी क्रिकेट खेलते थे। पिछले कुछ सालों में घरेलू क्रिकेट का स्तर काफ़ी बेहतर हुआ है। अधिक मैच टीवी पर भी लाइव दिखाए जाते हैं। शुरुआती दिनों में मैंने काफ़ी दो और तीन दिन के मैच खेले थे। उम्मीद है इन टेस्ट मैचों के बाद हमें ज़्यादा दो-दिवसीय मैच खेलने को मिलेंगे। क्रिकेट में बेहतर होने का इकलौता उपाय यही है कि आप अधिक खेलें।"

उन्होंने आगे कहा, "निश्चित तौर पर बेहतरी हो रही है और बेहतर प्रतिभाएं भारतीय टीम तक पहुंचेंगी। डब्ल्यूपीएल एक ज़बरदस्त पहल है और सबने इसका बड़ा लुत्फ़ उठाया। उम्मीद है अगले साल इसमें और बेहतरी होगी और हमें कुछ युवा प्रतिभा उभरते हुए दिखेंगे।"
कई सालों से आईपीएल के आधार पर महिला क्रिकेट में वैसे ही टूर्नामेंट की मांग करने के बाद हरमनप्रीत और उनके साथियों को पहले डब्ल्यूपीएल में खेलने का मौक़ा भी मिला। पहला ख़िताब मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए ख़ुद हरमनप्रीत ने ही उठाया। उन्होंने कहा, "इसमें थोड़ी देर ज़रूर हुई लेकिन आख़िर आयोजन तो हुआ। सबने पसंद भी किया। हम थोड़े डरे थे, क्या पता लोगों को इतना पसंद ना आए। लेकिन कुछ लोग आईपीएल से ज़्यादा डब्ल्यूपीएल में रूचि लेते दिखे, क्योंकि यह पहले कभी नहीं हुआ था। उम्मीद है आगे और टीमें जोड़ेंगे ताकि और खिलाड़ी भी जुड़ सकें।