मैच (11)
Nepal Tri-Nation (1)
WPL (2)
रणजी ट्रॉफ़ी (4)
PSL 2024 (2)
Durham in ZIM (1)
IND v ENG (1)
ख़बरें

SRH vs RR रिपोर्ट कार्ड: बटलर-सैमसन की बल्ले-बल्ले, बोल्ट-चहल से हैदराबाद गई थल्ले

अपने घर में भी हैदराबाद की टीम नहीं रही असरदार

राजस्थान की जीत के हीरो रहे चहल और बटलर  •  BCCI

राजस्थान की जीत के हीरो रहे चहल और बटलर  •  BCCI

अपने घर में खेलते हुए सनराइज़र्स हैदराबाद को अपने पहले ही मैच में हार का सामना करना पड़ा। राजस्थान रॉयल्स ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए 72 रनों से जीत दर्ज की। आइए देखते हैं कि दोनों टीमों हर विभाग में कैसा प्रदर्शन किया
बल्लेबाज़ी-
राजस्थान ( A ++) ने टॉस हारने के बाद भी बेहतरीन बल्लेबाज़़ी की। तीन बल्लेबाज़़ों ने तीन अर्धशतक लगाकर साबित कर दिया कि वे इस मैच में बेहतर स्थिति में हैं। बटलर और यशस्वी की सलामी जोड़ी ने 85 रनों की साझेदारी की और दोनों ने ही अच्छे शाट्स खेले। इसके बाद कप्तान सैमसन ने भी धुआंधार चार छक्कों और तीन चौकों की मदद से 55 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को 200 के पार पहुंचा दिया।
हैदराबाद ( C )के बल्लेबाज़ शुरुआत से ही लड़खड़ा गए। बोल्ट ने पहले ओवर में दो विकेट गिराकर बल्लेबाज़ों को कड़ा संदेश दे दिया। इसके बाद मयंक अग्रवाल ने कुछ अच्छे शॉट्स खेले लेकिन उन्हें कोई साझेदार नहीं मिला। धीरे-धीरे हैदराबाद के विकेट गिरते गए और बल्लेबाज़ पवैलियन लौटते गए। हालांकि आख़िर में समद ने कुछ देर टक्कर दी लेकिन वो नाकाफ़ी रही।
गेंदबाज़ी -
राजस्थान (A +) ने गेंदबाज़ी में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। बोल्ट की तेज़ गेंदबाज़ी हो या अश्विन और चहल की फिरकी, हैदराबाद के बल्लेबाज़ कुछ ख़ास नहीं कर पाए। बड़े टोटल का पीछा करने का दबाव और आला दर्जे की गेंदबाज़ी ने हैदराबाद की कलई खोल दी । चहल के नाम चार विकेट रहे और जीत में अहम योगदान भी।
हैदराबाद (B) की गेंदबाज़ी में वो धार दिखाई नहीं दी जो राजस्थान की बल्लेबाज़ी में सेंध लगा सके। टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला उलटा साबित हुआ। हैदराबाद के गेंदबाज़ न ही राजस्थान की सलामी जोड़ी तोड़ पाए न ही मध्यक्रम में घुसपैठ कर पाए। दस के औसत से रन भी काफी बने और कसावट भी नहीं दिखाई दी। हालांकि हैदराबाद के गेंदबाज़ों ने 10 ओवर के बाद जिस तरह से धीमी गेंदों का और यॉर्कर का प्रयोग किया वह थोड़ा प्रभावी था। पर 200 के पार के टोटल ने हौसले पस्त कर दिए।
क्षेत्ररक्षण -
राजस्थान ( A) की टीम ने मैच में कुल 8 विकेट लिए। चहल के चार विकेट और कप्तान की मैदानी जमावट प्रभावी दिखाई दी। ना ही कप्तान सैमसन ने स्टंपिंग करने में देरी की और ना ही हेटमायर, आसिफ़, होल्डर और बटलर ने कैच पकड़ने में कोई ग़लती की। रन रोकने के लिहाज़ से भी राजस्थान की टीम ने विरोधी खेमे को 131 से आगे स्कोर नहीं करने दिया।
हैदराबाद ( B) की टीम रन रोकने में नाक़ाम रही। हालांकि मैदान में कैच पकड़ने में फ़जलहक़ फ़ारुक़ी काफ़ी चुस्त दिखाई दिए। लेकिन रन रोकने में फील्डिंग विभाग उतना चुस्त नहीं था इसलिए कुल 21 मैदानी चौके उन्हें खाने पड़े। जबकि राजस्थान के फील्डिंग विभाग ने आठ मैदानी चौके ही खाए। इस तरह फील्डिंग में भी हैदराबाद को अगले मैच में प्रदर्शन सुधारना होगा।
रणनीति-
हैदराबाद (A+) ने टॉस जीतने के बाद गेंदबाज़ी का फैसला लिया, लेकिन ये फैसला ही शायद उलटा पड़ गया। गेंदबाज़ उतने असरदार नहीं दिखे और राजस्थान ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाया। वहीं इंपैक्ट प्लेयर के रुप हैदराबाद ने फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी की जगह पर समद को मौक़ा दिया। फ़ारूक़ी ने चार ओवर किए और उन्होंने बटलर और जायसवाल के दो महत्वपूर्ण विकेट भी लिए। इसके बाद अब्दुल समद को बल्लेबाज़़ के रुप में सही समय पर उतारा। समद ने अपने चयन को सही साबित किया और आख़िर तक टीम का साथ दिया और 32 रन बनाकर नाबाद रहे।

विवेक शर्मा Espncricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर हैं।