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मेरे लिए अब तीनों फ़ॉर्मैट खेलना लगभग असंभव: शाकिब

बांग्लादेशी ऑलराउंडर का कहना है कि वह अपने टेस्ट करियर को लेकर सोच विचार कर रहे हैं

शाकिब अल हसन के अनुसार बायो-बबल में रहना "जेल में रहने जैसा" है  •  AFP/Getty Images

शाकिब अल हसन के अनुसार बायो-बबल में रहना "जेल में रहने जैसा" है  •  AFP/Getty Images

बांग्लादेशी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन अपने टेस्ट करियर को लेकर सोच विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पड़ाव पर आकर तीनों फ़ॉर्मैंट खेलना उनके लिए "लगभग नामुमकिन" हो गया है। शाकिब ने यह भी कहा है कि वह गिने-चुने वनडे मुक़ाबले खेलना चाहते हैं, जिसमें केवल विश्व कप सुपर लीग के मैच शामिल होंगे।
शाकिब पहले ही एक जनवरी से न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज़ से नाम वापस ले चुके हैं। उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नाम वापस लिया था। आधिकारिक तौर पर छुट्टी की मांग करने को कहने के बाद आख़िरकार बोर्ड ने उन्हें मंज़ूरी दे दी। 2017 के साउथ अफ़्रीका दौरे के बाद से शाकिब कुछ-कुछ सीरीज़ छोड़ने लगे हैं। इस दौरान उन्हें अक्तूबर 2019 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा एक साल का निलंबन भी दिया गया था।
ढाका स्थित टीवी चैनल NTV से बात करते हुए शाकिब ने कहा, "मुझे पता है कि मुझे किस फ़ॉर्मैट को ज़्यादा महत्व देना है। अब टेस्ट क्रिकेट के बारे में सोच-विचार करने का समय आ गया है। यही सच्चाई है। मैं टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा या नहीं और अगर खेलूंगा तो किस प्रकार खेलूंगा। मुझे इस बात पर भी विचार करना होगा कि क्या मुझे उन वनडे मैचों में भाग लेने की आवश्यकता है, जहां दांव पर कोई अंक नहीं है। इसके अलावा मेरे पास और कोई विकल्प नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। ऐसा भी हो सकता है कि 2022 टी20 विश्व कप के बाद मैं टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलना छोड़ दूं। मैं टेस्ट और वनडे खेल सकता हूं लेकिन तीनों फ़ॉर्मैट खेलना लगभग नामुमकिन है। 40-42 दिन में दो टेस्ट मैच खेलना फ़ायदेमंद नहीं है। यह आपको चुनिंदा रूप से खेलने पर मजबूर करना है। मैं निश्चित रूप से बोर्ड के साथ यह योजना बनाकर आगे बढ़ूंगा। यह करना समझदारी होगी। अगर यह जनवरी में होता है तो मुझे पता चल जाएगा कि मैं बाक़ी साल में क्या कर रहा हूं।"
"मैं यह नहीं कह रहा कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। ऐसा भी हो सकता है कि 2022 टी20 विश्व कप के बाद मैं टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलना छोड़ दूं।"
बांग्लादेश इस समय सुपर लीग के माध्यम से 2023 वनडे विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने का प्रयास कर रहा है। 2022 टी20 विश्व कप में वह सुपर 12 चरण में होंगे और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेंगे। टेस्ट प्रतियोगिता में शाकिब ने ज़्यादा मैच नहीं खेले हैं।
34 वर्षीय शाकिब ने बताया कि महामारी और उसके साथ आने वाले बायो-बबल वातावरण ने उनके इस सोच में अहम भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि ज़्यादा समय परिवार से दूर बिताना अच्छी बात नहीं है।
उनका कहना है, "ज़िंदगी जेल की तरह लगती है। ऐसा नहीं है कि सीरीज़ के दौरान हम खिलाड़ी घूमते रहते हैं। जब आपको मानसिक रूप से पता चल जाता है कि आप चाहकर भी बाहर नहीं जा सकते, तब समस्या शुरू होती है। मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए न्यूज़ीलैंड ने अपनी अंडर-19 टीम को विश्व कप में नहीं भेजा। कोरोना आसानी से नहीं जा रहा है और हमें इससे बचने का नया तरीक़ा खोजना होगा। मुझे नहीं लगता कि क्वारंटीन और बायो-बबल सबसे अच्छा तरीक़ा है।"
शाकिब ने आगे कहा, "जब आप नियमित रूप से अपने तीन छोटे बच्चों से मिल नहीं पाते हैं तो यह अच्छी स्थिति नहीं है। यह उनके बड़े होने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।"
बांग्लादेश के अनुभवी सलामी बल्लेबाज़ तमीम इक़बाल भी इस साल काफ़ी टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों से बाहर रहे थे। उन्होंने टी20 विश्व कप में भी भाग नहीं लिया। हालांकि उन्होंने इस प्रारूप से संन्यास की कोई घोषणा नहीं की है।