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कोटक : लक्ष्मण का मानना है घर पर होने वाली इंडिया ए सीरीज़ में नए खिलाड़ियों को मौक़ा मिले

इंडिया ए के प्रमुख कोच यहां खिलाड़ियों को भारतीय टीम तक पहुंचने का मंच देना चाहते हैं

वीवीएस लक्ष्मण से चर्चा करते सितांशु कोटक  •  Manoj Bookanakere/KSCA

वीवीएस लक्ष्मण से चर्चा करते सितांशु कोटक  •  Manoj Bookanakere/KSCA

राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि घर पर खेली जाने वाली इंडिया ए की सीरीज़ में नए खिलाड़ियों को मौक़ा दिया जाना चाहिए क्योंकि विदेश में खेले जाने वाली सीरीज़ सीनियर टीम के खिलाड़ियों के अभ्यास के तौर पर आयोजित की जाती है। यह कहना था इंडिया ए के प्रमुख कोच सितांशु कोटक का।
बेंगलुरु में न्यूज़ीलैंड ए के विरुद्ध तीसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में 113 रनों से जीत दर्ज करने के बाद कोटक ने पत्रकारों से कहा, "हमारे लिए इंडिया ए एक डेवलपमेंटल प्रोग्राम (विकासीय कार्यक्रम) है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ियों को सीनियर टीम तक पहुंचने का मंच मिले। हर सीरीज़ में हम चाहते हैं कि खिलाड़ियों को रोटेट कर सभी को मौक़े दिए जाए। हमारा ध्यान हमेशा सीरीज़ जीतने पर नहीं होता है। हम ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जो यह खिलाड़ी भारतीय टीम में (जाने पर) अनुभव करेंगे।"
उन्होंने आगे बताया, "लक्ष्मण का कहना है कि जब हम भारत में खेलते हैं, हम नए खिलाड़ियों को मौक़ा देंगे। वह इसलिए क्योंकि जब हम विदेश जाते हैं तो तब टेस्ट खिलाड़ियों को भी अभ्यास चाहिए होता है। दो, तीन या चार टेस्ट खिलाड़ी तब एक या दो मैच खेलने के बाद भारतीय टीम में खेलने जाते हैं। उनका कहना है कि भारत में फ़र्क़ नहीं पड़ता अगर हम नए खिलाड़ियों को मौक़े दें क्योंकि वह सब अच्छे हैं और हम उन्हें खेलने का अवसर देंगे। प्लान प्रक्रिया के बारे में रहता है और ना कि नतीजा के बारे में।"
पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ लक्ष्मण की बात पर खरे उतरते हुए इंडिया ए ने इस सीरीज़ में तिलक वर्मा, रजत पाटीदार, मुकेश कुमार और यश दयाल के रूप में चार खिलाड़ियों को पहली बार अपनी टीम में खेलने का अवसर दिया। चोटिल हुए दयाल के अलावा इन सभी खिलाड़ियों ने अपने मौक़े को दोनों हाथों से स्वीकार किया और अपनी छाप छोड़ी। जहां युवा तिलक ने अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा और मुकेश ने पांच विकेट लिए, बढ़िया फ़ॉर्म से गुज़र रहे पाटीदार ने पहले मैच में 176 और अंतिम मैच में नाबाद 109 रन बनाए।
कोच इन सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा, "तीन हफ़्तों में ज़्यादा बदलाव नहीं आ सकता है लेकिन सपोर्ट स्टाफ़ और ट्रेनर के साथ काम करने का अनुभव उन्हें मिला। उदाहरण के तौर पर मुझे लगा कि मुकेश पहले मैच में सटीक टप्पे पर गेंदबाज़ी नहीं कर रहे थे। लेकिन दूसरे और तीसरे मैच में उन्होंने ऑफ़ स्टंप के आसपास गेंदबाज़ी की। पहले मैच में भी उन्हें विकेट मिले। रजत (पाटीदार) ने पहली बार खेलते हुए पहले मैच में 170 (176) और यहां शतक, तिलक ने पहले मैच में शतक लगाया, वह सराहनीय था। यश (दयाल) ने भी बढ़िया गेंदबाज़ी की। सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और हमें यह जीत मिली।"
विकासीय कार्यक्रम के अलावा यह इंडिया ए सीरीज़ क्या मायने रखती है? इस पर भी कोच ने अपने विचार व्यक्त किए। कोटक ने कहा, "यह मेरी छठी या सातवीं सीरीज़ है। हमने न्यूज़ीलैंड, वेस्टइंडीज़ और साउथ अफ़्रीका के अलावा घर पर भी कई सीरीज़ खेली हैं। मुख्य टीम के खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं जिससे प्रियांक जैसे खिलाड़ियों को अपने मौक़े का इंतज़ार करना पड़ रहा है। कब तक उन्हें लगेगा कि मैं हर (घरेलू) सीज़न में जाकर छह मैचों में, आठ मैचों में 1000 रन बनाऊंगा। यह चयनकर्ताओं के लिए देखने का मौक़ा है कि यह सभी खिलाड़ी तैयार हैं और जब कोई चोटिल होता है या अब किसी को आराम दिया जाना है, तो यह खेल सकते हैं।"
सौराष्ट्र के पूर्व बल्लेबाज़ कोटक ने बताया कि चयनकर्ता रफ़्तार के सौदागर उमरान मलिक को तीनों प्रारूपों में खेलने के लिए तैयार कर रहे हैं और इस वजह से रणजी ट्रॉफ़ी में अनुभवहीन होने के बावजूद उन्हें इंडिया ए में चुना गया।
कोटक ने कहा, "उमरान भारत में सबसे तेज़ खिलाड़ी हैं। चयनकर्ता, राहुल भाई, लक्ष्मण और बीसीसीआई को पता है कि हम उन्हें बेहतर बनाना चाहते हैं। सब जानते हैं कि वह एक तैयार खिलाड़ी नहीं है। वह यहां इसलिए है ताकि हम उन्हें लाल गेंद के साथ बेहतर गेंदबाज़ बनने में मदद कर सकें। सफ़ेद गेंद के साथ आईपीएल में वह ख़ुद को साबित कर चुके हैं। गेंदबाज़ी कोच साईराज (बहुतुले) उनके साथ काम कर रहे हैं। नो बॉल की समस्या (उमरान ने तीसरे मैच में कुल 16 नो-बॉल डाली) पर भी। वह लाल गेंद के साथ ज़्यादा खेले नहीं है। कभी-कभी आपको लगता है कि प्रतिभा होने के बाद कोई खिलाड़ी केवल रणजी ट्रॉफ़ी खेलकर बेहतर नहीं बन सकेगा क्योंकि एनसीए का साथ बहुत अहम होता है। यह हर स्टेट के साथ आपको नहीं मिल सकता।"
मैच के अंतिम दिन इंडिया ए की चिंता बढ़ गई जब लेग स्पिनर राहुल चाहर पहले आधे घंटे में चोट के चलते मैदान से बाहर चले गए। इससे पहले प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण लाल गेंद की सीरीज़ में हिस्सा नहीं ले पाए थे और नवदीप सैनी दलीप ट्रॉफ़ी में खेलते समय चोटिल होकर लिस्ट-ए मैचों की सीरीज़ से बाहर हो चुके हैं।
कप्तान प्रियांक पांचाल ने बताया, "राहुल को मामूली चोट लगी है। हम नहीं चाहते कि वह और बढ़ जाए इसलिए हमने उन्हें रोक दिया। इसके बाद घरेलू मैच भी होंगे और बहुत सारी सीरीज़ है, उसे ध्यान में रखते हमने उन्हें मना कर दिया। हालांकि मैं यह तो नहीं कह सकता कि उनकी स्थिति इस समय कैसी है और क्या वह तीन लिस्ट ए मैचों की सीरीज़ खेल पाएंगे या नहीं।"

अफ़्ज़ल जिवानी (@jiwani_afzal) ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।