स्टार स्पोर्ट्स पर एक शो में कॉमेंटेटर साइमन डूल ने कहा कि अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने विल यंग को वह संकेत ही नहीं दिया कि 10 सेकेंड बीत चुके हैं। हालांकि न्यूज़ीलैंड इस तरीक़े से उनके आउट होने से परेशान नहीं है क्योंकि उन्हें पता था कि यंग ने रिव्यू का संकेत 15 सेकेंड के बाद दिया था।

यंग को आर अश्विन के एक ऑफ़ स्पिन गेंद पर पगबाधा करार दिया गया था और यह गेंद अश्विन ने ओवर द विकेट से फेंकी थी। हालांकि रिप्ले में यह साफ़ दिख रहा था कि गेंद विकेट पर नहीं लगती। अंपायर के आउट दिए जाने के बाद यंग ने रिव्यू तो लिया लेकिन तब तक निर्धारित समय समाप्त हो चुका था।

डीआरएस नियमों में कहा गया है, "नॉन स्ट्राइक छोर पर खड़ा फ़ील्ड अंपायर आउट होने वाले खिलाड़ी को आउट करार देने के 10 सेकेंड के बाद एक संकेत देगा। यदि उस समय तक अंपायर के फ़ैसले को रिव्यू करने का अनुरोध नहीं किया गया है तो खिलाड़ी इस संकेत के बाद तुरंत बाद रिव्यू करने की मांग करेगा। यदि मैदान पर मौजूद अंपायरों का मानना ​​है कि 15 सेकंड की समय सीमा के भीतर अनुरोध नहीं किया गया है तो वे रिव्यू की मांग को अस्वीकार कर देंगे।

न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ी कोच ल्यूक रॉन्की ने कहा कि उन्होंने इस बारे में यंग से बात नहीं की है कि उन्हें अंपायर के द्वारा 10 सेकेंड के बाद यह संकेत दिया गया था या नहीं, लेकिन यह बात भी स्पष्ट थी कि यंग ने निर्धारित समय के भीतर मांग नहीं की थी।

रॉन्की ने कहा, "मैंने इस घटना के बारे में यंग से बात नहीं की है, लेकिन ज़ाहिर तौर पर यह हमारे लिए थोड़ा निराशाजनक था। लेकिन जब हमने बड़े स्क्रीन पर देखा तो यह साफ़ था कि रिव्यू लेने का समय समाप्त हो गया था। हमारे लिए यह एक तनावपूर्ण परिस्थिति थी और साथ ही आप इस तरह से बिल्कुल भी विकेट नहीं गंवाना चाहते हैं।" चौथे दिन का खेल ख़त्म होने से पहले यंग का विकेट प्राप्त करना काफ़ी महत्वपूर्ण था क्योंकि पहली पारी में न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ों ने 66 ओवर तक बल्लेबाज़ी की थी। यंग ने उस दौरान 89 रनों की पारी खेली थी। कल न्यूज़ीलैंड अगर ड्रॉ के लिए खेलता है को उसे दूसरी नई गेंद का भी सामना करना पड़ेगा। 280 रनों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहमान टीम के नौ विकेट शेष हैं।

हालांकि रॉन्की ने कहा कि उनकी टीम कल सकारात्मक इरादे से बल्लेबाज़ी करना चाहेगी, इसका मुख्य कारण यह है कि पिच उतनी नहीं टूटी जितनी उम्मीद थी। इसी कारणवश मैच में "तीनों परिणाम संभव हैं।"

आगे उन्होंने कहा, 'अगर हम अच्छे इरादे से बल्लेबाज़ी करते हैं तो हमें यक़ीन है कि हम इस लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं। लेकिन भारतीय दृष्टिकोण से वे कल पूरे विश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे और वह हमें इस लक्ष्य को प्राप्त करने से रोकना चाहेंगे। सतह में बहुत अधिक घुमाव नहीं है। हालांकि यह बात ज़रूर है पिच पर दोहरा उछाल है।"

रॉन्की ने कहा कि न्यूज़ीलैंड को भारतीय बल्लेबाज़ों से सीख लेते हुए सकारात्मक बल्लेबाज़ी करने की ज़रूरत है। उनसे जब पूछा गया कि वह अपने बल्लेबाज़ों को क्या संदेश देना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, बल्लेबाज़ों को लगातार स्ट्राइक रोटेट करने का प्रयास करना होगा। साथ ही उन्हें बढ़िया तकनीक के साथ गेंद को डिफ़ेंड करने का प्रयास करना होगा।"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।