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शनका ने अफ़ग़ानिस्तान से हारने के बाद टीम के बल्लेबाज़ों की तैयारियों पर सवाल उठाया

श्रीलंकाई कप्तान का कहना है कि हारना सामान्य बात है लेकिन इतने बड़े अंतर से हारना समान्य नहीं है

एशिया कप के पहले मैच में मिली बड़ी हार के बाद दसून शनका ने कहा कि श्रीलंका को अपने बल्लेबाज़ों से पूछना चाहिए कि क्या "वे अफ़ग़ानिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार थे।"
श्रीलंका ने दो ओवरों में 3 विकेटों के नुक़सान पर सिर्फ़ 5 रन बनाए थे। भानुका राजापक्षा और दनुष्का गुनातिलका ने चौथे विकेट के लिए 44 रन जोड़े, लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम 105 पर सिमट गई।
शनका ने कहा कि फज़लहक़ फ़ारूक़ी को जो स्विंग मिली वह सबसे बड़ी समस्या थी। कुसल मेंडिस और चरिथ असलांका जल्दी-जल्दी आउट हो गए। इसके अलावा शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों ने नवीन उल हक़ के ख़िलाफ़ भी काफ़ी संघर्ष किया।
शनका ने कहा, "हमें अपने बल्लेबाज़ों से पूछना होगा कि क्या वे तैयार थे। हम जानते हैं कि फ़ारूकी गेंद को दोनों तरफ़ स्विंग कराते हैं। नवीन उल हक़ भी ज़्यादातर समय स्विंग कराने में क़ामयाब रहते हैं। हमारे यहां ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं।"
"यह वास्तव में एक अच्छी पिच थी। यह पहले दो ओवर थे जिसने पूरी तस्वीर को बदल दिया। पिछले दो वर्षों में यह चिंता का विषय रहा है कि हमने शुरुआत से साझेदारी नहीं की है। यही वह कमी है जिसके प्रति हमें चिंतित होना चाहिए।"
अफ़ग़ानिस्तान ने इस छोटे से लक्ष्य को सिर्फ़ 10.1 ओवर में ही प्राप्त कर लिया और उनके सिर्फ़ दो विकेट गिरे। बड़ी अंतर से मिली इस हार के बाद श्रीलंका का नेट रन रेट बुरी तरह से प्रभावित होने वाला है।
शनका ने कहा, "जब आप पहले ओवर में दो विकेट खो देते हैं, और पावरप्ले के अंदर [7.2 ओवर में] चार विकेट खो देते हैं, तो खेल में वापस आना वाकई मुश्किल होता है। हारना एक सामान्य बात है, लेकिन हम इस तरह के अंतर से हारना सामान्य नहीं है। उन्होंने नई गेंद के साथ वास्तव में अच्छी गेंदबाज़ी की, लेकिन हमारे पास कोई बहाना नहीं है। आपको किसी भी स्थिति में बल्लेबाज़ी करने में सक्षम होना पड़ेगा"
राशिद ख़ान के नेतृत्व में अफ़ग़निस्तान का स्पिन आक्रमण लंबे समय से उनकी ताक़त रहा है। राशिद के अलावा इस टीम में मुजीब उर रहमान और मोहम्मद नबी भी हैं। इसके अलावा उनके पास कुछ बेहतरीन आक्रामक बल्लेबाज़ भी हैं, जिसमें रहमानउल्लाह गुरबाज़ (18 गेंदों में 40* रन) और हज़रतउल्लाह ज़ज़ई (28 गेंद में 37 रन) शामिल हैं।
शनका ने कहा, "ये उनके लिए घरेलू हालात हैं। इसलिए अगर उनके बल्लेबाज़ टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके पास फ़ाइनल में जगह बनाने का बहुत अच्छा मौक़ा है। इसमें कोई शक़ नहीं है कि उनकी गेंदबाज़ी विश्व स्तरीय है।"