मैच (9)
ज़िम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज़ (1)
बीबीएल (1)
आईएलटी20 (2)
बीपीएल 2023 (2)
रणजी ट्रॉफ़ी (1)
सुपर स्मैश (1)
एसए20 (1)
फ़ीचर्स

रेटिंग्‍स : एशिया कप जीत में रेणुका और स्‍मृति बनीं 10 नंबरी

स्‍नेह, दीप्ति और राजेश्‍वरी ने भी जुटाए महत्वपूर्ण अंक

भारतीय टीम ने सातवीं बार एशिया कप का खिताब जीता  •  Asian Cricket Council

भारतीय टीम ने सातवीं बार एशिया कप का खिताब जीता  •  Asian Cricket Council

श्रीलंकाई टीम को एशिया कप के फ़ाइनल में आठ विकेट से हराकर भारतीय टीम ने ख़‍िताब जीत लिया। भारत ने आठ में से सात बार यह ख़ि‍ताब अपने नाम किया है। तो चलिए देखते हैं इस ऐतिहासिक जीत में किन खिलाड़‍ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके कितने अंक जुटाए हैं।

क्‍या सही क्‍या ग़लत?

सही तो इस मैच में भारत के लिए सब कुछ ही रहा। शुरू से ही भारतीय गेंदबाज़ों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी और इसके बाद बल्‍लेबाज़ों के बेहतरीन प्रदर्शन से भारत ने यह मैच और एशिया कप का ख़‍िताब अपने नाम कर लिया।
भारत के लिए अगर कुछ सही नहीं गया तो कहा जा सकता है कि भारत टॉस नहीं जीत पाया। इसके अलावा शेफ़ाली वर्मा ने भी निराश किया क्‍योंकि वह लंबी पारी खेलकर भारत को दस विकेट से जीत दिला सकती थीं।

रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वाधिक)

शेफ़ाली वर्मा, 5 : एक कम स्‍कोरिंग मैच में शेफ़ाली वर्मा को नाबाद लौटना चाहिए था, लेकिन एक टर्निंग पिच पर आगे निकलकर इन साइड आउट ड्राइव लगाने का उन्‍हें ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ा। वह केवल पांच ही रन बना सकीं। पारी के अंत में उन्‍होंने दो ओवर भी किए लेकिन श्रीलंका की पारी को ख़त्‍म नहीं कर सकीं।
स्मृति मांधना, 10 : लक्ष्‍य केवल 66 रनों का था लेकिन उसमें मांधना ने अकेले ही नाबाद 51 रन बना दिए। इससे पहले कि शेफ़ाली का विकेट गिरने के बाद श्रीलंका के स्पिनर दबाव बनाने का मौक़ा बनाते मांधना ने काउंटर अटैक शुरू कर दिया। उनके इन साइड आउट शॉट हों या वाइड लांग ऑन की दिशा में आगे निकलकर लगाए गए शॉट, वह सभी में एकदम सटीक दिखीं।
जेमिमाह रॉड्रिग्स, 5 : अब तक इस टूर्नामेंट में अच्‍छा प्रदर्शन करने वाली जेमिमाह के लिए यह मुक़ाबला सही नहीं गया। वैसे उनके आउट होने में गेंद भी मुख्‍य वजह रही। वह आगे निकलकर स्‍लॉग स्‍वीप के लिए जाती दिखीं, लेकिन गेंद धीमी रही और वह बोल्‍ड हो गईं। जेमिमाह इस बड़े मैच में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाईं।
हरमनप्रीत कौर, 8 : हरमनप्रीत 11 रन बनाकर नाबाद लौटीं लेकिन उन्‍हें आठ अंक उनकी कप्‍तानी के लिए दिए गए हैं। जैसे ही श्रीलंका ने कुछ जल्‍द विकेट गंवाए तो हरमनप्रीत ने रेणुका को गेंदबाज़ी पर लगाए रखा। वहीं दूसरे छोर से दीप्ति शर्मा, स्‍नेह राणा और राजेश्‍वरी गायकवाड़ भी लगी रहीं, जिसका नतीज़ा हुआ कि श्रीलंका दबाव से निकल नहीं सका। शॉर्ट कवर और शॉर्ट बैकवर्ड प्‍वाइंट जैसे क्षेत्ररक्षण लगाकर भी उन्‍होंने श्रीलंकाई बल्‍लेबाज़ों को बांधे रखा।
ऋचा घोष, 7 : ऋचा घोष की बल्‍लेबाज़ी तो नहीं आई लेकिन विकेट के पीछे ही उन्‍होंने सात अंक कमा लिए। समाराविक्रमा का विकेट के पीछे कैच हों या चमारी अटापट्टू और अनुष्‍का संजीवनी को रन आउट करना, वह सभी में मुस्‍तैद दिखीं।
पूजा वस्त्रकर, 6 : पूजा के लिए ना तो आज बल्‍लेबाज़ी आई और ना ही गेंदबाज़ी, लेकिन अपने क्षेत्ररक्षण से उन्‍होंने छह अंक जरूर कमाए, जब उन्होंने संजीवनी को रन आउट कराया। यह वह विकेट था जिसके बाद श्रीलंका पूरी पारी में उबर नहीं पाई।
दीप्ति शर्मा, 7 : दीप्ति शर्मा को आज कोई विकेट नहीं मिल सका और ना ही उनकी बल्‍लेबाज़ी आ पाई लेकिन चार ओवर में केवल सात रन देकर उन्‍होंने श्रीलंकाई बल्‍लेबाज़ों को फंसाए रखा। साथ ही इस टूर्नामेंट में वह संयुक्‍त रुप से 13 विकेट लेने वाली गेंदबाज़ भी रहीं। बल्‍ले से भी अहम योगदान की वजह से उन्‍हें प्‍लेयर ऑफ़ द सीरीज़ चुना गया।
स्नेह राणा, 9 : स्‍नेह राणा के लिए आज भी गेंदबाज़ी में अच्‍छा दिन रहा। शुरुआत में उन्‍होंने बल्‍लेबाज़ों पर दबाव बनाया और फ‍िर अपनी फ़्लाइटेड गेंदों में फंसाना शुरू कर दिया। एक धीमी गति पर चिप शॉट खेलने की वजह से राणा ने अपनी ही गेंद पर एक आसान सा कैच लपका तो एक और बार ड्रिफ़्ट करती गेंद पर बोल्‍ड करके अपना दूसरा विकेट चटकाया।
दयालन हेमलता, 6 : पारी के अंत में कप्‍तान ने दयालन हेमलता को लगाया लेकिन उन्‍होंने भी अपनी ऑफ़ स्पिन से बल्‍लेबाज़ों को बांधे रखा। उन्‍होंने तीन ओवर में केवल आठ दिए और अंत में श्रीलंका की बल्‍लेबाज़ खुलकर रन नहीं बना सकीं।
रेणुका सिंह, 10 : श्रीलंका की पारी को समेटने में सबसे बड़ा योगदान रेणुका का ही था। अपने पहले ओवर की पांच गेंद उन्‍होंने डॉट डाली। जबकि अगले ओवर में तो उन्‍होंने तीन गेंद के अंदर दो विकेट निकाल लिए, जबकि दूसरी गेंद पर एक बल्‍लेबाज़ रन आउट हो गई। इससे श्रीलंकाई खे़मे में ख़लबली मच गई। रेणुका यहीं नहीं रुकीं, अपने अगले ओवर में उन्‍होंने कविशा दिलहारी के स्‍टंप्‍स बिखेर दिए।
राजेश्वरी गायकवाड़, 9 : राजेश्‍वरी हमेशा अपनी किफ़ायती गेंदबाज़ी के लिए जानी जाती हैं। जब टीमें रन बनाने के लिए जूझ रही होती हैं तो वह और भी ख़तरनाक हो जाती हैं। जो दबाव राणा, रेणुका और दीप्ति ने बनाया उसमें उन्‍हें भी विकेट लेने में क़ामयाबी मिली क्‍योंकि बल्‍लेबाज़ उन पर रन बनाने का फ़ैसला करके ग़लती कर बैठीं। दो बल्‍लेबाज़ों को उन्‍होंने बोल्‍ड किया।

निखिल शर्मा ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर हैं। @nikss26