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घरेलू सत्र के संचालन के लिए बनी वर्किंग ग्रुप में मोहम्मद अज़हरुद्दीन और जयदेव शाह

घरेलू सत्र 2021-22 के सफलतापूर्वक संचालन की जिम्मेदारी इस समूह पर रहेगी

Mohammad Azharuddin addresses the press after a court struck down his life ban, Delhi, November 8, 2012

मोहम्मद अज़हरुद्दीन (फाइल फोटो)  •  Associated Press

भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन और सौराष्ट्र के पूर्व कप्तान व वर्तमान में सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (एससीए) के अध्यक्ष जयदेव शाह को आगामी घरेलू सत्र के संचालन और देखरेख के लिए गठित सात सदस्यीय समूह का सदस्य बनाया गया है।
रोहन जेटली, (डीडीसीए अध्यक्ष), युद्धवीर सिंह (यूपीसीए सचिव), देवजीत सैकिया (एसीए सचिव), अविषेक डालमिया (कैब सचिव) और संतोष मेनन (केएससीए सचिव) इस समूह के अन्य सदस्य हैं। कोरोना से प्रभावित 2020-21 घरेलू सत्र में खिलाड़ियों के मुआवजे के पैकेज को औपचारिक रूप देना इस वर्किंग ग्रुप का तात्कालिक कार्य है।
भारत में बढ़ते कोरोना मामलों और सितंबर-नवंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आईपीएल 2020 के आयोजन के कारण पिछले साल घरेलू सत्र के लिए बहुत ही छोटी खिड़की उपलब्ध हो सका था। इस वजह से पिछले साल रणजी ट्रॉफ़ी का आयोजन भी नहीं हो सका था। वहीं महिला क्रिकेट में घरेलू टी20 प्रतियोगिता को रद्द कर दिया गया था, जबकि कोई भी आयु वर्ग टूर्नामेंट भी संभव नहीं हो सका था।
भारत में घरेलू पुरुष क्रिकेटरों के लिए आय का सबसे बड़ा रणजी ट्रॉफी है। इसके न होने के कारण खिलाड़ियों की आय में कमी आई है। एक घरेलू पुरुष खिलाड़ी औसतन प्रति सीज़न 12-14 लाख रुपये की आय कर लेता है, 2020-21 सीज़न में यह राशि घटकर महज 3-4 लाख रुपये रह गई।
इस महीने की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने महिलाओं के एक दिवसीय टूर्नामेंट के साथ सितंबर से पूर्ण घरेलू सत्र की घोषणा की है। इस घरेलू सत्र में पुरुष, महिला और आयु वर्ग के मैचों को मिलाकर देश भर में कुल 2127 मैच आयोजित किए जाने हैं। पुरुषों का सीज़न सैयद मुश्ताक अली टी20 के साथ 15 अक्टूबर से शुरू होगा। रणजी ट्रॉफ़ी 16 नवंबर से 19 फरवरी के बीच आयोजित की जाएगी।
सात सदस्यीय समिति पर घरेलू सत्र के लिए स्थानों के चयन के अलावा बायो बबल की संचालन की भी जिम्मेदार होगी। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले ही बायो बबल बनाने के महत्व को रेखांकित कर चुके हैं।
उन्होंने पिछले सप्ताह पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, "हमने पिछली बार सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफ़ी के लिए बायो बबल बनाए थे। हमें वही इस साल भी करना होगा। बबल के बिना इस सीज़न में भी क्रिकेट नहीं हो सकता।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर दया सागर ने किया है।