आईपीएल 2021 के बाकी बचे मैचों की योजना को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह के नेतृत्व में बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सोमवार को चार्टर प्लेन के माध्यम से दुबई पहुंचे। साथ ही अक्टूबर-नवंबर में पुरुषों के टी 20 विश्व कप की मेज़बानी करने के लिए यूएई की संभावना पर चर्चा की जा सके। वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए बुधवार को दुबई पहुंचेंगे।
शाह के साथ अरुण धूमल (बोर्ड के कोषाध्यक्ष), जयेश जॉर्ज (बोर्ड के संयुक्त सचिव), हेमंग अमीन (बीसीसीआई के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और धीरज मल्होत्रा ​​(बीसीसीआई के संचालन के महाप्रबंधक और टी 20 विश्व कप के टूर्नामेंट निदेशक) भी दुबई गए हैं।
मई के पहले सप्ताह में आईपीएल के अचानक और अनिश्चित काल के लिए निलंबित होने के बाद शनिवार को बीसीसीआई को राज्य क्रिकेट संघों द्वारा सितंबर-अक्टूबर में आईपीएल के दूसरे भाग को यूएई में स्थानांतरित करने के लिए अधिकृत किया गया था। अहमदाबाद और दिल्ली में खेले जा रहे मैचों के दौरान बायो बबल में कोविड -19 मामलों की बढ़ती संख्या के कारण बीसीसीआई को आधे रास्ते में टूर्नामेंट को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा था। अभी भी चार प्लेऑफ सहित कुल 31 मैच खेले जाने बाकी हैं।
ईसीबी के साथ अपनी बातचीत में, बीसीसीआई को सबसे पहले यूएई सरकार से आईपीएल की मेज़बानी के लिए मंजू़री मिलने की उम्मीद है। चर्चा यूएई के तीन स्थानों - दुबई, अबू धाबी और शारजाह की तैयारियों और आठ आईपीएल टीमों के लिए टूर्नामेंट बबल बनाने के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं पर भी किए जाने की संभावना है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले खिलाड़ियों के साथ, दोनों बोर्डों को आईपीएल के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को अंतिम रूप देने से पहले दोनों बोर्डों को बायो बबल की जरूरतों को देखने की आवश्यकता होगी।
वहीं जो खिलाड़ी भी बायो बबल का हिस्सा हैं उनके टीकाकरण पर भी चर्चा की जाएगी। हाल ही में अबू धाबी सरकार ने अमीरात में शेष पीएसएल 2021 की मेज़बानी को इस शर्त पर मंजूरी दी है कि सभी छह टीमों और बाकी सदस्यों को जो टूर्नामेंट बबल का हिस्सा होंगे उनका टीकाकरण जरूरी है।
क्या यूएई में होगा टी-20 वर्ल्ड कप?
दुबई में बीसीसीआई की पूरी शीर्ष शाखा की मौजूदगी को टी20 विश्व कप को यूएई में स्थानांतरित करने के पहले कदम के रूप में देखा जा सकता है, जिसे बीसीसीआई के द्वारा एक बैकअप के रूप में नामित किया गया था। ICC ने अभी तक 16 टीमों वाले विश्व कप में खेलने के लिए किसी भी प्रकार की यात्रा के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है।
वर्तमान में भारत इस बार के टी-20 विश्व कप के आयोजन के लिए मेज़बान के रूप में नामित किया गया है। हालांकि देश में कोविड -19 महामारी की स्थिति और आईपीएल के निलंबन ने यह साफ कर दिया है कि विश्व कप के आयोजन में कठिनाई हो सकती है। शनिवार को बीसीसीआई की एसजीएम में गांगुली ने सदस्यों से कहा कि बीसीसीआई यह तय करने के लिए एक और महीने का समय मांगेगा ताकि देखा जा सके कि भारत में टी-20 विश्व कप की मेज़बानी हो पाएगी या नहीं।
राजस्व साझाकरण भी उन प्रमुख बिंदुओं में से है जिस पर बीसीसीआई और ईसीबी के बीच चर्चा हो सकती है। हाल ही में मल्होत्रा ​​ने बीबीसी पॉडकास्ट पर कहा था कि टी-20 विश्व कप को यूएई में ले जाना "अंतिम उपाय" होगा, और बीसीसीआई तब भी मेज़बानी के अधिकार को बरकरार रखना चाहेगा।
इसका मुख्य कारण इसमें शामिल आकर्षक राशि है : आईसीसी वैश्विक आयोजन में प्रत्येक मैच की मेजबानी के लिए लगभग 18 से 21 लाख रुपये देता है। 45 मैचों के हिसाब से यह एक बड़ी रकम है।
चर्चा का दूसरा बिंदु यह होगा कि यदि यूएई आईपीएल और टी-20 विश्व कप, दोनों की मेजबानी करता है तो क्या वे ऐसी लगातार खेले जाने वाले मैचों की स्थिति में पिचों की फिटनेस को संभाल सकते हैं। यदि आईपीएल और टी20 विश्व कप दोनों वहां खेले जाते हैं तो बाद के अभ्यास मैचों को छोड़कर, कुल 76 मैच खेले जाएंगे।
दोनों बोर्ड आईपीएल को दर्शकों के लिए खोलने की संभावना पर भी विचार करना चाहेंगे। 2020 में, जब पूरे आईपीएल को यूएई में आयोजित किया गया था तब बीसीसीआई ने दर्शकों को अनुमति नहीं देने का विकल्प चुना था। अबू धाबी में आगामी पीएसएल भी बिना दर्शकों के ही आयोजित किया जाएगा।

नागराज गोलापुड़ी ESPNCricinfo के एडिटर हैं। अनवाद ESPNCricinfo के सब-एडिटर राजन राज ने किया है।