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मेरी नज़र अमोल सर के रिकॉर्ड पर थी, तिहरे शतक पर नहीं: पारकर

"252 पर रनआउट होकर बहुत बुरा लग रहा था"

रणजी ट्रॉफ़ी के क्वार्टर फ़ाइनल में अपना ड्रीम डेब्यू करते हुए 21 वर्षीय बल्लेबाज़ सुवेद पारकर ने शानदार 252 रन बनाए  •  ESPNcricinfo Ltd

रणजी ट्रॉफ़ी के क्वार्टर फ़ाइनल में अपना ड्रीम डेब्यू करते हुए 21 वर्षीय बल्लेबाज़ सुवेद पारकर ने शानदार 252 रन बनाए  •  ESPNcricinfo Ltd

"कल शाम को ऐडु भाई (आदित्य तरे) ने अमोल सर (अमोल मज़ूमदार) के रिकॉर्ड के बारे में बताया था। मेरी नज़र उस पर ही थी और मैं निराश हूं कि मैं उनके 260 रन के रिकॉर्ड को तोड़ नहीं सका। उस रिकॉर्ड के इतने नज़दीक आना और फिर 252 पर रनआउट होना, बहुत बुरा लग रहा था। हम लोग सोचे थे कि 260 तक जाकर पारी को घोषित करेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। मेरी नज़र तिहरे शतक पर बिल्कुल भी नहीं थी।"
उत्तराखंड के ख़िलाफ़ रणजी ट्रॉफ़ी के क्वार्टर फ़ाइनल में अपना ड्रीम डेब्यू करते हुए मुंबई के युवा 21 वर्षीय बल्लेबाज़ सुवेद पारकर ने शानदार 252 रन बनाए। वह पारी के 167वें ओवर में कुणाल चंदेला की सीधी थ्रो पर रनआउट हुए, वरना उन्हें आउट करना मुश्किल ही लग रहा था।
इसी के साथ वह मुंबई के वर्तमान कोच और भारतीय घरेलू क्रिकेट का रिकॉर्डमैन कहे जाने वाले अमोल मज़ूमदार के 260 रन के रिकॉर्ड से पीछे रह गए, जो उन्होंने 1993-94 में अपने पहले प्रथम श्रेणी मैच में हरियाणा के ख़िलाफ़ बनाया था। यह किसी भी मुंबई के बल्लेबाज़ के लिए प्रथम श्रेणी मैच का डेब्यू रिकॉर्ड है।
कुल मिलाकर यह डेब्यू मैच में किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ का पांचवां सबसे बड़ा स्कोर है। बिहार के सकीबुल गनी ने इसी साल फ़रवरी में मिज़ोरम के ख़िलाफ़ 341 रन की पारी खेली थी, जो अभी सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है। हालांकि पारकर ने इनकार किया कि उनकी नज़र तिहरे शतक पर भी थी।
पारकर ने अपनी इस मैराथन पारी के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अपने साथी बल्लेबाज़ सरफ़राज़ ख़ान को भी धन्यवाद दिया और कहा कि उनके क्रीज़ पर रहते हुए बल्लेबाज़ी और आसान हो गई। पारकर ने कहा, "जब सरफ़राज़ क्रीज़ पर थे तो मुझसे लगातार बात कर रहे थे। वह मुझसे लगातार स्ट्राइक रोटेट करने की भी सलाह दे रहे थे ताकि मुझ पर कोई दबाव ना आए। जब कभी मैं थोड़ा कमज़ोर शॉट खेला तो उन्होंने मुझसे आकर टाइट रहने की सलाह दी।"
इस पारी में सरफ़राज़ ने भी 205 गेंदों में 14 चौकों और चार छक्कों की मदद से 153 रन की धमाकेदार पारी खेली और पारकर के साथ चौथे विकेट के लिए रिकॉर्ड 267 रन जोड़े।
जब सरफ़राज़ तेज़ बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो आप पर भी कोई दबाव था? इसके जवाब में पारकर ने कहा, "अगर सामने वाला बल्लेबाज़ ऐसी स्ट्राइक करता है तो आप पर एक अलग तरह का दबाव बनता है। लेकिन मुझे पता है कि मेरा खेल क्या है और उनका खेल क्या है। इसलिए मैंने बिना दबाव में आए, बिना कुछ लालच में आए, अपना क्रिकेट खेला। मुझे पवेलियन से भी लगातार यही सलाह मिल रही थी कि बस अपना नॉर्मल खेल खेलते रहो।"

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं @dayasagar95