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दिमाग़ में शतक था इसलिए रात भर सो नहीं सका: सरफ़राज़ ख़ान

मुंबई के इस धाकड़ बल्लेबाज़ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता नौशाद ख़ान को दिया

सरफ़राज़ ख़ान रणजी ट्रॉफ़ी के इस सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं  •  PTI

सरफ़राज़ ख़ान रणजी ट्रॉफ़ी के इस सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं  •  PTI

"मुझे 100 करना था। छोड़ना नहीं है इतनी आसानी से।"
कहते हैं ना करनी, कथनी से अधिक ताक़तवर होती है। बिल्कुल ऐसा ही सरफ़राज़ ख़ान के साथ है। उत्तराखंड के ख़िलाफ़ दूसरे दिन के खेल में उन्होंने अपने कल के स्कोर 69 रन को 153 रन में तब्दील किया। उन्होंने अपने पिता को अपनी सफलता का सारा श्रेय देते हुए उन्हें बार-बार धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा "सारा श्रेय मेरे पिता को जाता है।"
क्या वह तिहरे अंक तक पहुंचने के बारे में चिंतित थे क्योंकि उन्हें दूसरे दिन पारी को फिर से शुरू करना था? सरफ़राज़ ने कहा "मैं पूरी रात सो नहीं सका। कल पूरी रात मेरे दिमाग़ में बस शतक की बात घूमती रही।"
यह इस तथ्य के बावजूद कि यह उनका सत्र का तीसरा शतक था, जिसमें सौराष्ट्र के ख़िलाफ़ 275 रन और ओडिशा के ख़िलाफ़ 165 रन शामिल थे। इस तथ्य के बावजूद कि आज से पहले वह 12 अर्धशतकों को छह बार शतक में बदल चुके थे। इस तथ्य के बावजूद कि उन्होंने नाबाद 301, नाबाद 226 और 177 का स्कोर बनाया था, जब उन्होंने पिछली बार 2019-20 सीज़न के दौरान रणजी खेला था, इसके अलावा पिछले नवंबर में ब्लूमफ़ॉन्टेन में साउथ अफ़्रीका ए के ख़िलाफ़ नाबाद 71 रन बनाए थे।
वर्तमान में लौटते हैं। जब उत्तराखंड के ख़िलाफ़ आकाश माधवल ने ऑफ़ स्टंप के बाहर छोटी गेंद डाली तो सरफ़राज़ ने उसे थर्डमैन के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया। एक बार के लिए उन्हें यह संदेह था कि गेंद सीमा रेखा के पार गई या नहीं क्योंकि अंपायर अपना सिग्नल देने के लिए इंतज़ार कर रहे थे; लेकिन उनकी सारी झिझक तब दूर हुई जब एक शानदार पारी की सराहना करने के लिए मुंबई का पूरा ड्रेसिंग रूम अपने पैरों पर खड़ा हो गया।
हालांकि, सरफ़राज़ असमंजस में ही थे।
उन्होंने कहा "मुझे किसी तरह याद है कि मैंने केवल एक या दो सिंगल लिए हैं, भले ही उस ओवर से सात या आठ रन ले लिया हो।"
उन्होंने ओवर की शुरुआत में दो चौके लगाए- एक कड़कदार कवर ड्राइव के बाद अगली गेंद बल्ले और पैड पर लग कर चौके के लिए गई थी।
"मैं सोच रहा था कि मैं अभी भी दस रन दूर हूं, और इसलिए मुझे आश्चर्य हुआ कि पूरा ड्रेसिंग रूम इतना खुश और आनंदित क्यों था।"
उन्होंने दिन की शुरुआत 104 गेंदों में 69 रनों पर की। 146 गेंदों पर उन्होंने अपना शतक पूरा किया और अगले 59 गेंदों में 53 रन बना दिए, जिसमें 105 वें ओवर में बाएं हाथ के स्पिनर स्वप्निल सिंह को तीन चौका शामिल था।
अपनी पारी के दौरान सरफ़राज़ ने चेतन बिस्ट को इस सीज़न सर्वाधिक रन बनाने के मामले में पीछे छोड़ा। सरफ़राज़ ने 704 रन पांच पारियों में बनाए हैं जबकि बिस्ट ने 623 रन बनाने के लिए छह पारी लिए हैं।
उन्होंने कहा "ऑफ़ सीज़न या लॉकडाउन के दौरान मैं अक्सर कार से 2500-3000 किलोमीटर की यात्रा करता हूं और जब हमारे पास कार नहीं थी तो हम खेलने के लिए दिल्ली जाने के लिए राजधानी (ट्रेन) लेते थे। मेरा गांव यूपी में है, इसलिए मैं मध्य प्रदेश, मथुरा, ग़ज़ियाबाद और अन्य जगहों से होकर जाता हूं। हम हर जगह दो दिन रुकते हैं और वहां की अकादमियों में खेलते हैं। इससे हमें खेल के संपर्क में रहने में मदद मिलती है, साथ ही हमें लाल और काली मिट्टी के बीच अंतर करने में भी मदद मिलती है। आप काली मिट्टी पर स्क्वेयर ऑफ़ द विकेट नहीं खेल सकते हैं जैसा कि आप लाल मिट्टी पर खेल सकते हैं। आपको काली मिट्टी पर सीधे बल्ले से खेलना चाहिए। जबकि लाल मिट्टी पर आप गेंद को (ज़्यादातर समय) जाने दे सकते हैं जब वह आपसे दूर हो क्योंकि अतिरिक्त उछाल होता है।"
यह दिखाता है कि वह अपने खेल के प्रति कितने समर्पित रहे हैं।
और जब सरफ़राज़ बिना रुके क्रिकेट, अपने खेल, अपने पिता और अपने प्रशिक्षण के बारे में बात करते रहे तो मेरे सहयोगी को उनसे यह पूछने के लिए मजबूर किया गया कि क्या वह वास्तव में क्रिकेट के अलावा कुछ और भी जानते हैं।
वह मुस्कुराने लगे "मुझे फ़िल्में देखना पसंद ह। वह तब होता है जब मेरा दिमाग़ आराम करता है। मैं सोने से पहले टीवी सीरियल भी देखता हूं।"
दो दिन के खेल के बाद मुंबई ने शिकंजा कस दिया है। शायद वो सेमीफ़ाइनल के लिए भी क्वालिफ़ाई कर जाएंगे, जहां एक बार फिर सरफ़राज़ एक्शन में दिखेंगे।

हिमांशु अग्रवाल ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।