दूसरे टेस्ट से पहले कई ऐसे हालात बन रहे थे जिसके कारण टीम में मयंक अग्रवाल को शामिल किए जाने के बारे में काफ़ी संशय था। ऐसा हो सकता है कि अगले टेस्ट में रोहित शर्मा और केएल राहुल से ही ओपन करवाया जाए क्योंकि इंग्लैंड में उन दोनों बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन काफ़ी अच्छा रहा था। साथ ही अगर वह इस टेस्ट में भी उपलब्ध रहते तो शायद वही ओपन करते।

यह बात साफ है कि भारतीय टीम के दोनों मुख्य ओपनर फिलहाल टीम के साथ नहीं हैं। विराट कोहली के लिए यह फ़ैसला काफ़ी आसान होता कि मुंबई टेस्ट में मयंक को टीम में शामिल ना किया जाए। क्योंकि अगले टेस्ट में मयंक पहली पसंद की टीम में शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि फिलहाल इस बात के बारे में जानकारी नहीं है कि मयंक को टीम में शामिल वाले फ़ैसले के बारे में कितना गंभीर होकर निर्णय लिया गया है या फिर इसके पीछे क्या सोच रही है। मयंक को टीम में आसानी से शामिल किए जाने के पीछे अंजिक्य रहाणे की हैमस्ट्रिंग इंजरी भी शामिल थी।

भारतीय टीम में शामिल होने से ज़्यादा आसान टीम से बाहर होना है। शुरुआत से ही भारतीय टीम पांच गेंदबाज़ों के साथ खेल रही है। टीम में सिर्फ़ पांच विशेषज्ञ बल्लेबाज़ थे। 2018 के बाद से भारतीय टीम मध्य क्रम के तीन बल्लेबाज़ों को लगातार टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में नए बल्लेबाज़ के लिए सिर्फ़ दो ही स्लॉट नए खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध रहा है। साथ ही इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि एशिया के बाहर बल्लेबाज़ी करना भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए एक कठिन काम रहा है।

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अगर रहाणे या जाडेजा फ़िट होते तो मयंक टीम में ही नहीं होते : जाफ़र
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एक बेहतरीन ओपनर की भूमिका निभाने के बाद अग्रवाल ने भी एशिया के बाहर काफ़ी ख़राब प्रदर्शन किया। एशिया के बाहर चार टेस्ट में उनका औसत 17 का रहा है। टीम शामिल किए जाने के बारे में बात करते हुए अग्रवाल ने कहा, "जब मुझे टीम में चुना गया तो राहुल भाई मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे बात की। उन्होंने मुझसे कहा कि सुनो जो आपके हाथ में है उसे नियंत्रित कीजिए। आपके पास यह अवसर है, मैदान पर जाएं, अपना सर्वश्रेष्ठ दें और हमें आपसे बस यही अपेक्षा है। और जब आप सेट हो जाएं, तो उसे एक बड़ी पारी में तब्दील करें। मैं खुश हूं। मुझे खुशी है कि जब मैं सेट हुआ तो मैं अपनी पारी को बड़ा सका।"

जिस तरीके से अग्रवाल ने एक मुश्किल पिच पर और एक मुश्किल समय में बल्लेबाज़ी की और उन्होंने यह बता दिया कि स्पिनरों के ख़िलाफ़ बेख़ौफ तरीक़े से रन बनाने वाले इस खिलाड़ी को टीम में शामिल न करना, क्यों एक ग़लत फ़ैसला रहता। पहले दिन की समाप्ति पर अग्रवाल का औसत स्पिनरों के ख़िलाफ़ 116.4 का रहा और उनके ख़िलाफ़ चार रन गति के साथ उन्होंने रन बनाए।

अग्रवाल ने कानपुर में आउट होने के बारे में कहा, "हां, यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैंने काफ़ी सोचा है, लेकिन आज की पारी धैर्य और दृढ़ संकल्प के बारे में थी, एक योजना पर टिके रहना, उस योजना में मानसिक रूप से अनुशासित होने के बारे में था। मुझे पता है कि अपनी पारी के दौरान कई बार मैं सहज नहीं था, लेकिन जब तक मैं अपने काम को करने में सफल था, तब तक इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता है।"

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।