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रणजी ट्रॉफ़ी के बिना रीढ़विहीन हो जाएगी भारतीय क्रिकेट : रवि शास्त्री

इस साल दो चरण में आयोजित होगी रणजी ट्रॉफ़ी

A giant for Bengal: Ashok Dinda celebrates a wicket during a Ranji Trophy match against Delhi in December 2011 at Eden Gardens

कोरोना के कारण पिछले साल रणजी ट्रॉफ़ी नहीं आयोजित हो पाया था  •  Hindustan Times via Getty Images

भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि रणजी ट्रॉफ़ी को अगर नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो भारतीय क्रिकेट की रीढ़ टूट जाएगी। उन्होंने ट्वीट किया, "रणजी ट्रॉफ़ी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ की हड्डी है। अगर उसको नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो इस देश की क्रिकेट 'रीढ़विहीन' हो जाएगी।"
शास्त्री का यह ट्वीट तब आया है जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रणजी ट्रॉफ़ी को दो हिस्सों में आयोजित करने का फ़ैसला किया है। मूल रूप से यह टूर्नामेंट 13 जनवरी से आयोजित होना था, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "इस साल रणजी ट्रॉफ़ी दो हिस्सों में आयोजित होगी। पहले चरण में लीग मैच आयोजित किए जाएंगे जबकि जून में नॉकआउट होगा।" माना जा रहा है कि 38 टीमों का यह टूर्नामेंट फ़रवरी के दूसरे सप्ताह से प्रारंभ होगा और एक महीने तक चलेगा।
गुरुवार को हुई एक बैठक के बाद बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा था कि बोर्ड रणजी ट्रॉफ़ी को दो चरणों में आयोजित करने पर विचार कर रही है। हालांकि ऐसा इसलिए भी है क्योंकि 27 मार्च से संभवतः आईपीएल शुरू होने वाला है। इस वजह से रणजी ट्रॉफ़ी जैसे लंबे टूर्नामेंट को एक चरण में कराना संभव नहीं है। इस बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह भी मौजूद थे। साथ में धूमल ने बताया कि बोर्ड ने इस संबंध में राज्य संघों से भी बात की।
महामारी के कारण भारत का घरेलू क्रिकेट लगातार प्रभावित हुआ है। पिछले सीज़न में सिर्फ़ सफ़ेद गेंद के टूर्नामेंट ही आयोजित हो पाए थे। हालांकि इसके बदले में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को मुआवज़े के तौर पर मैच फ़ीस का 50 प्रतिशत भुगतान किया था ताकि प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को अधिक आर्थिक नुक़सान न हो।