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आईपीएल से बाहर हुए जाडेजा

जाडेजा दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ खेले पिछले मुक़ाबले में टीम का हिस्सा नहीं थे

Virat Kohli and Ravindra Jadeja share a lighthearted moment as they enter the ground for an important game, Chennai Super Kings vs Royal Challengers Bangalore, IPL 2022, Pune, 4 May 2022

जाडेजा बेंगलुरु के ख़िलाफ़ खेले गए मुक़ाबले में चोटिल हो गए थे  •  BCCI

पसली की चोट के कारण रवींद्र जाडेजा के लिए आईपीएल का यह सीज़न समाप्त हो गया है। जाडेजा जिन्होंने सीज़न के मध्य में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ दी थी, उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ खेले मुक़ाबले में डीप में कैच पकड़ते समय चोट लग गयी थी। जाडेजा ने उस मुक़ाबले में खेलना जारी रखा था। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ खेले पिछले मुक़ाबले में उन्हें बेंच पर बैठने पर मजबूर होना पड़ा।
चेन्नई के सीईओ कशी विश्वनाथन ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की कि फ्रैंचाइज़ी और जाडेजा दोनों का मानना था कि इस चोट से उबरने की प्रक्रिया आईपीएल के बाहर ही उचित है। उन्होंने कहा, "उनकी पसली में चोट लगी है और मेडिकल सलाह के अनुसार इस वक़्त उन्हें आराम की ज़रूरत है। इसी के चलते उन्हें आईपीएल से बाहर रखने का निर्णय लिया गया है।"
आईपीएल 2012 के सीज़न से चेन्नई के लिए खेल रहे जाडेजा के लिए यह सिर्फ़ दूसरा अवसर था जब उन्हें चेन्नई के किसी मुक़ाबले से बाहर होना पड़ा था। इससे पहले वह 2019 में मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ खेले मुक़ाबले से बाहर रहे थे। महेंद्र सिंह धोनी भी उस मैच में चेन्नई का हिस्सा नहीं थे। जाडेजा इस वक़्त अपने करियर के चुनौतीपूर्ण दौर से गुज़र रहे हैं। सीज़न की शुरुआत से ठीक दो दिन पहले जाडेजा को टीम की कमान सौंपी गयी। हालांकि जाडेजा ने कहा था कि उनके सामने में एक बड़े रिक्त स्थान को भरने की चुनौती है लेकिन अभी भी धोनी उनके साथ मौजूद हैं जिस वजह से वह आत्मविश्वास से लैस हैं।
बतौर कप्तान जाडेजा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उन्होंने 2007 में भारतीय युवा टीम का नेतृत्व करने के अलावा कभी भी किसी सीनियर टीम की कप्तानी नहीं की थी। हालांकि जाडेजा के अपार अनुभव और मैच विनिंग क्षमता ने उन्हें कप्तानी के लिए सबसे बेहतर विकल्प बनाया था। ख़ुद टीम के मालिक एन श्रीनिवासन ने भी जाडेजा में भरोसा जताया था। जाडेजा इस सीज़न में जब आए थे तब हाल ही में वह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक ऑलराउंडर बने थे। आईपीएल के पिछले दो सीज़न में फ़िनिशर का तमगा भी उनके सिर सज गया था। 2020 और 2021 में जाडेजा ने 57 के औसत और 157 के स्ट्राइक रेट से 459 रन बनाए थे।
हालांकि कप्तानी के बोझ का असर जाजेजा के खेल में साफ तौर पर झलकने लगा। जाडेजा की कप्तानी में चेन्नई को सिर्फ़ दो मुक़ाबले में जीत मिली जबकि छह मुक़ाबले में उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा, लेकिन उनके कप्तानी छोड़ने के बाद चेन्नई ने पिछले तीन में से दो मुक़ाबले अपने नाम किए हैं। चेन्नई के लिए प्लेऑफ़ की उम्मीदें अब भी बरकरार हैं। कप्तानी से परे एक बल्लेबाज़ और फ़ील्डर के तौर पर भी जाडेजा का प्रदर्शन काफ़ी निराशाजनक रहा। जाडेजा ने इस सीज़न 10 पारियों में 116 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 19 और स्ट्राइक रेट 118 का रहा। इसमें दो डक भी शामिल हैं। गेंदबाज़ी में भी उनके नाम सिर्फ़ पांच विकेट हैं, जो उन्होंने 33 ओवरों में लगभग 50 के औसत से लिए हैं। सबसे ज़्यादा खटकने वाली बात फ़ील्डींग में उनका प्रदर्शन है। विश्व के सर्वश्रेष्ठ फ़ील्डरों में से एक माने जाने वाले जाडेजा ने इस सीज़न में कुल चार कैच टपका दिए।
एक मई को सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ खेले मुक़ाबले में चेन्नई की दोबारा कप्तानी शुरु करने वाले धोनी ने मैच के बाद ब्रोडकास्टर पर कहा, "टीम की कमान बदलते समय यह तय किया था कि मैं पहले दो मैचों में फ़ील्डींग सहित खेल के तमाम पहलुओं पर नज़र रखूंगा, लेकिन इसके बाद टीम को पूरी तरह से जाडेजा को ही लीड करना होगा। क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि ऐसा महसूस हो कि टीम का नेतृत्व कोई और कर रहा है। एक कप्तान के तौर पर आपको कई अहम निर्णय लेते हों और उनकी जवाबदेही भी आपकी ही होती है।"
धोनी ने आगे कहा था, "जब आप कप्तान होते हैं तो आपको कई चीज़ों का ख़्याल रखना होता है और इसमें आपके ख़ुद का खेल भी आता है। अपने ज़हन को नियंत्रित कर के रखना इतना आसान नहीं होता। आप सोते जाते वक़्त अपनी आंखें ज़रूर बंद कर लेते हैं, लेकिन आपका दिमाग तब भी चालू रहता है। टीम से संबंधित तमाम सवाल के बारे में आप सोचते रहते हैं, आपको आराम करने का मौक़ा नहीं मिलता। जाडेजा का खेल प्रभावित हो रहा था। मुझे एक बल्लेबाज़, गेंदबाज़ और फ़ील्डर जाडेजा के होने में ख़ुशी महसूस होगी। अग़र सिर से कप्तानी का बोझ उतरने के बाद वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं तो हमारे लिए इससे बेहतर और कुछ नहीं है और हम भी यही चाहते हैं क्योंकि हम एक उम्दा फ़ील्डर खो रहे हैं। हम डीप मिडविकेट के क्षेत्र में संघर्ष कर रहे हैं। हम अब तक 17-18 कैच छोड़ चुके हैं जो कि काफ़ी चिंताजनक है।"