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2022 विश्व कप से पहले भारतीय महिला तेज गेंदबाजी का बड़ा पूल चाहते हैं रमेश पवार

भारतीय महिला टीम के कोच साथ ही टीम की मध्य ओवरों की बल्लबाजी में भी सुधार चाहते हैं

Arundhati Reddy gets a high five from Radha Yadav, England vs India, 2nd women's T20I, Hove, July 11, 2021

इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों में अरुणधती रेड्डी एक ही विकेट ले सकी।  •  Getty Images

भारतीय महिला टीम के प्रमुख कोच रमेश पवार ने फरवरी 2022 में होने वाले वनडे विश्व कप से पहले टीम को दो क्षेत्रों में तैयार करने की बात कही है। वह भारतीय महिला तेज गेंदबाजों का बड़ा पूल चाहते हैं और टीम की मध्य ओवरों की बल्लेबाजी में सुधार चाहते हैं।
भारत के पास इंग्लैंड में सभी प्रारुपों की टीम में सिर्फ चार तेज गेंदबाज रहे। ड्रॉ टेस्ट के बाद सीमित ओवर सीरीज में वापसी करने वाली शिखा पांडे ने सीमित ओवर सीरीज में पांच विकेट झटके, जबकि झूलन गोस्वामी चार भारतीय तेज गेंदबाजों में इस दौरे पर सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर रहीं। उन्होंने टी20 सीरीज में भाग नहीं लिया।
दो युवा तेज गेंदबाज पूजा वस्त्रकर और अरुणधती रेड्डी प्रभावित नहीं कर सकीं। वस्त्रकर टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थी, जहां पर टीम को 1-2 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। रेड्डी ने तीनों मुकाबलों में मात्र सात ही ओवर किए, इस दौरान उन्होंने एक ही विकेट लिया और 9.57 रन प्रति ओवर दिए। वहीं बुधवार को हुए आखिरी टी20 में तो उन्होंने सिर्फ एक ही ओवर​ किया, जहां भारतीय टीम ने 153 रनों के बचाव में अपने स्पिनरों को उतारा।
मल्टी फॉर्मेट सीरीज में 6-10 से शिकस्त झेलने के बाद पवार ने कहा कि सच कहूं तो हमने इस दौरे से बहुत सी चीजें सीखीं हैं। हमें और भी मैच का समय लेना पड़ेगा। हमें विश्व कप से पहले कुछ और मुकाबले खेलने होंगे। तेज गेंदबाजी के क्षेत्र में सिर्फ झूलन ने ही प्रदर्शन किया। उनका समर्थन करने के लिए कोई होना चाहिए। ऐसे में हम तेज गेंदबाजी क्षेत्र में विस्तार के बारे में सोच रहे हैं।
भारतीय टीम को अब ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर सितंबर में मल्टी फॉर्मेट सीरीज खेलनी है। प्रमुख कोच के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल में पवार के पास वक्त कम है और उन्हें उम्मीद है कि तेज गेंदबाजी पूल को पहचानने के लिए एक प्रोपर कैंप लगेगा और कुछ वार्मअप मुकाबले मिलेंगे।
पवार ने कहा कि हम कुछ तेज गेंदबाजों को शामिल करने के बारे में सोच रहे हैं। अगर हमें इस दौरे के बाद कैंप करने का मौका मिला तो हम इस पर काम शुरू कर देंगे। विश्व कप को देखते हुए हम इन सात महीनों में तेज गेंदबाजों का पूल तैयार करना चाहते हैं। हमारे पास अभी पांच तेज गेंदबाज हैं टीम में, लेकिन हम पांच और तेज गेंदबाजों के बारे में सोच रहे हैं। अगर हम 10 गेंदबाजों के साथ अगले कुछ महीनों तक काम करेंगे तो हमें नतीजे मिलेंगे।
पवार ने आगे कहा कि हां, समय कम है लेकिन हम घरेलू टीम और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने वाली तेज गेंदबाजों को शामिल करने की सोच रहे हैं। हम आमतौर पर लंबी तेज गेंदबाजों को ढूंढ रहे हैं। जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन किया, उन्हें कैंप में शामिल किया जा सकता है, तो हां, हम 10 से 15 तेज गेंदबाजों के बारे में सोच रहे हैं।
पवार ने इसके बाद मध्य ओवरों की बल्लेबाजी पर भी बात की। मिताली राज ने तीनों वनडे में अर्धशतक लगाए, लेकिन उनके अलावा बाकी बल्लेबाजों ने संघर्ष किया। पहले वनडे के बाद पूनम राउत को खेलने का मौका नहीं मिला, जबकि उनकी जगह आई जेमिमाह रोड्रिग्स दोनों मैच में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। वहीं दीप्ति शर्मा भी राउत की ही तरह तेज रन बनाने के लिए जूझती दिखीं।
उन्होंने कहा कि वनडे में पावरप्ले के बाद मध्य ओवरों में बल्लेबाजी अहम हो जाती है। जहां पर लगातार स्ट्राइक बदलने और सेट होने के बाद डॉट बॉल के आंकड़े को कम करने की आप पर जिम्मेदारी होती है। हम सात साल बाद टेस्ट खेले और हमें यहां पर काफी कुछ सीखना है।
हम कुछ बेहतरीन प्रदर्शन के कारण टेस्ट को ड्रॉ कराने में कामयाब रहे, लेकिन टी20 में हमें दूसरी टीम पर दबाव बढ़ाने के लिए 160 से ज्यादा रन बनाने थे। अगर हम न्यूजीलैंड में खेलेंगे तो हमें अच्छे तेज गेंदबाजों की जरूरत है और मध्य ओवरों में तेजी से रन बनाने की जरूरत है। मिताली ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन हमें समर्थन की जरूरत है जहां पर हम 250 से ज्यादा रन बनाकर विरोधी टीम पर दबाव बना सकते हैं।
'हम प्रभुत्व स्थापित करने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा'
पवार ने कहा कि एक तरह से चीजों को बदला जा सकता था कि हम आक्रामक और निडर होकर खेलें, लेकिन उन्होंने साथ ही समझाया भी कि क्यों मौजूदा टीम को जज करने से पहले थोड़ा और समय देने की जरूरत है। उन्हें लगता है कि जिस तरह की क्रिकेट उनकी टीम ने दो से तीन सालों में स्वीकार की है, वह एक बटन के क्लिक होने करने पर नष्ट नहीं की जा सकती है।
पवार ने कहा कि हम निडर क्रिकेट खेलेंगे, यही वह है जो हम करेंगे। इस समय मैं चाहता था कि वह इसे महसूस करें। एक कोच के तौर पर आप पहली ही सीरीज में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। वे दो या तीन सालों में एक सोच के साथ क्रिकेट खेल रही थीं। मुझे बस यही पहचानना होगा कि उनपर क्या भाता है। आप एकदम से चीजों को बदल नहीं सकते हैं।
वह अलग तरह से खेल रहीं हैं। इससे उन्हें बाहर निकालने के लिए मुझे उनको मनाना होगा। इसमें वक्त लगेगा। तीसरे टी20 में हम पांच ओवर में ही 28 रन पर दो विकेट खो चुके थे लेकिन हम 153 तक पहुंंचने में कामयाब रहे। हमने इस बारे में चर्चा की थी कि हमें निडर होकर क्रिकेट खेलना ही होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हर टीम आप पर प्रभुत्व जमाना चाहेगी।
इसमें समय लेगा क्योंकि कोविड और कम मैच अभ्यास के चलते हम एक बड़े ग्रुप में ट्रेनिंग नहीं कर पाए, लेकिन हम प्रभुत्व के बारे में सोच रहे हैं। आइडिया अच्छा है लेकिन हां इसमें वक्त लगेगा।
पवार हालांकि टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म में वापसी से खुश दिखे। हरमनप्रीत का टेस्ट और वनडे सीरीज में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। उन्होंने दौरे का अंत लगातार 30 से ज्यादा का स्कोर करके किया। पवार को लगता है कि वह अभी इंग्लैंड में ही रहेंगी, जहां उन्हें द हंर्डेड में मैनचेस्टर ओरिजनल्स के लिए खेलना है तो इससे उन्हें फायदा मिल सकता है।
पवार ने कहा कि यह सभी के लिए अच्छा है क्योंकि उनका रन बनाना टीम में हर किसी के लिए मायने रखता है। वह इस तरह की खिलाड़ी हैं जो गेंदबाजों पर प्रभुत्व बना सकती हैं और हमारे लिए हर मुकाबला जीता सकतीं हैं। टी20 में भी जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की हमें एक उम्मीद की किरण नजर आई है। उम्मीद है जल्द ही हमें एक अलग हरमन देखने को मिलेगी।
हमने चर्चा की थी कि क्रीज पर समय बिताया जाए। अगर आप ऐसा करते हैं तो जाहिर है उनके पास प्राकृतिक कौशल है जिससे वह खुद को साबित कर सकती है, क्योंकि वह निडर है। वह अनुभवी है और उन्हें पता है कि कैसे इससे बाहर आना है। उनकी तकनीक में कोई खामी नहीं है। अगर आप क्रीज पर समय बिताएंगे तो एक समय पर चीजें सही हो जाएंगी। वह यह जानती थी। पिछली दो पारियों में वह पुरानी हरमन दिखीं।
वह द हंर्डेड में खेलेंगी। इससे उन्हें अपना गेम टाइम मिलेगा। यही हम चाहते हैं। यहीं पर इंग्लैंड हमसे थोड़ा आगे रहा, गेम टाइम की वजह से, क्योंकि वे घरेलू क्रिकेट खेल रही थी। यही वो जगह है जहां पर हम पिछड़े हुए थे। हमें अभ्यास मैच नहीं मिले, हमने सिर्फ नेट सत्र किए। अगर वह रन बनाती हैं तो वह टीम का नेतृत्व अलग तरह से कर सकती हैं। बल्लेबाजी में आत्मविश्ववास के कारण वह अपने फैसलों का बचाव कर सकती हैं।
"हमने चर्चा की थी हम लोग निडर होकर क्रिकेट खेलेंगे फ‍िर चाहे जो हो। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हर टीम आप पर अपना प्रभुत्‍व जमाएगी।"
रमेश पवार, भारतीय महिला टीम के कोच
भारतीय टीम के सात साल बाद टेस्ट खेलने पर पवार टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट दिखे, जहां पर उन्होंने लड़कर टेस्ट ड्रॉ कराया, लेकिन उन्हें लगता है कि मैच की परिस्थितियों के प्रति जागरूकता सिर्फ अधिक मैच टाइम मिलने से ही आ सकती है।
मैं टीम की परिस्थति के मुताबिक ढलने से अचंभित नहीं था। हमने साउथैंप्टन में एक सप्ताह तक लाल गेंद से अभ्यास किया। वे अच्छी खिलाड़ी हैं, उन्हें पता है कैसे प्रदर्शन करना है, लेकिन लाल गेंद क्रिकेट में अनुभव की जरूरत होती है। हम उन्हें मानसिक तौर पर ही तैयार कर सकते थे। अगर आप ज्यादा लाल गेंद क्रिकेट खेले बिना टेस्ट खेलते हैं तो जाहिर है आपमें परिस्थितियों के प्रति जागरूकता कम होगी।
अगर आप लगातार लाल गेंद से क्रिकेट खेलते हैं तो आपको पता होता है कि अगले चार दिन में क्या होने वाला है, जैसे चीजें धीमी होंगी, मौके बनाने होंगे, एक ओर से ऑफ द विकेट गेंदबाजी करनी होगी। यह अनुभव से आता है। सहायक स्टाफ के नाते हमने यह बातें उन्हें साझा की कि यह हो सकता है और यह नहीं हो सकता है।
फॉलोऑन मिलने के बाद भी उन्हें नहीं पता था कि क्या हो सकता है। हमने उन्हें बताया कि हम अब भी मैच जीत सकते हैं। अगर पांचवां दिन होता तो आपको पता नहीं क्या हो सकता था। मैं परिणाम को लेकर अचंभित नहीं था। जिस तरह से स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा ने बल्लेबाजी की वह शानदार है, दीप्ति तो क्लासिकल टेस्ट खिलाड़ी है। हमारे पास जो भी जानकारी थी हम साझा करने की कोशिश कर रहे थे। हम इससे ज्यादा नहीं कर सकते थे। साइड गेम्स बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। अगली बार हम अधिक साइड गेम्स के बारे में अनुरोध करेंगे।

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एसोसिएट सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।