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बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ : कप्तान रोहित शर्मा के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा

टेस्ट कप्तानी मिलने के बाद रोहित ने सिर्फ़ दो टेस्ट खेला है

रोहित शर्मा के टेस्ट कप्तानी की यह पहली बड़ी परीक्षा है  •  BCB

रोहित शर्मा के टेस्ट कप्तानी की यह पहली बड़ी परीक्षा है  •  BCB

रोहित शर्मा को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट की पूर्णकालिक कप्तानी मिलने के बाद एक साल से अधिक का समय हो गया है। हालांकि उनकी पहली बड़ी परीक्षा अब ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ से होने वाली है।
जब से रोहित भारत के तीनों फ़ॉर्मैट के कप्तान बने हैं, तब से उन्होंने भारत के पांच में से सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं। चोट के कारण वह भारत के पिछले 10 में से आठ टेस्ट मैचों से बाहर रहे हैं। इससे पहले वह इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चौथे टेस्ट में प्लेयर ऑफ़ द मैच बने थे। इस टेस्ट के बाद भारतीय टीम को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में 2-1 की बढ़त मिली थी, वहीं इससे पहले भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में 2-1 से हराकर आई थी।
हालांकि उसके बाद से भारत का प्रदर्शन टेस्ट मैचों में लगातार गिरा है। वह साउथ अफ़्रीका से हारे, फिर इंग्लैंड जाकर टेस्ट सीरीज़ के अंतिम मैच को गंवाया। इसके बाद ढाका के दूसरे टेस्ट में भी भारत हारते-हारते बचा। रोहित इन सभी मैचों से लगभग नदारद थे।
हालांकि सीमित ओवर क्रिकेट में रोहित का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। भारतीय वनडे कप्तानों में उनके जीत-हार के अनुपात का रिकॉर्ड सबसे बढ़िया है, वहीं टी20 में वह बस हार्दिक पंड्या से पीछे हैं।
2021 के टी20 विश्व कप के ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने के बाद भारतीय टीम टी20 विश्व कप 2022 के सेमीफ़ाइनल तक पहुंची। 2021 के टी20 विश्व कप के बाद ही रोहित कप्तान बने थे, लेकिन एक साल बाद ही अब उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगी है।
कम से कम टी20 में यह साफ़ दिखता है। टी20 विश्व कप के बाद से भारत के सभी टी20 मैचों में कप्तानी हार्दिक ने की है और रोहित ने तब से कोई टी20 मैच नहीं खेला है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इस साल वनडे विश्व कप है और सीनियर खिलाड़ियों को टी20 में आराम दिया जा रहा है। हां, उनके वनडे कप्तानी पर सवाल अभी विश्व कप की परीक्षा के बाद ही उठेंगे और उनकी टेस्ट कप्तानी तो अभी शुरू हुई है।
वास्तव में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी टेस्ट कप्तानी में अब तक की रोहित की होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा है। 2022-23 की ऑस्ट्रेलियाई टीम हालिया समय की सबसे बेहतरीन भारत का दौरा करने वाली टीम है। हां, टीम में बस दूसरे स्पिनर की कमी है। जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति के बावजूद भारत के पास घरेलू परिस्थितियों के लिए पर्याप्त और घातक तेज़ व स्पिन गेंदबाज़ मौजूद हैं।
हालांकि ऋषभ पंत और पहले टेस्ट में श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति से भारतीय बल्लेबाज़ी ज़रूर कुछ कमज़ोर दिख रही है। 2021 से ये दोनों बल्लेबाज़ उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में भारत के दो सबसे सफल बल्लेबाज़ हैं। इस दौरान चेतेश्वर पुजारा का एशियाई औसत सिर्फ़ 34.61 और विराट कोहली का 23.85 रहा है। इन सबके बावजूद भारतीय टीम इस सीरीज़ के लिए फ़ेवरिट है।

कार्तिक कृष्णास्वामी ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं।