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अगर जानबूझ कर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को विश्व कप से बाहर करना चाहा तो मार्श पर लगेगा बैन

जॉश हेज़लवुड के बयान के बाद बढ़ा बवाल

नीमीबिया के ख़िलाफ़ खेले गए मुक़ाबले के बाद जॉश हेज़लवुड के एक बयान के कारण ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर बैन भी लग सकता है। हेज़लवुड ने कहा था कि इंग्लैंड को टी20 विश्व कप से बाहर करने के लिए उनकी टीम जीत की मार्जिन को कम-ज़्यादा कर सकती है। अगर ऑस्ट्रेलिया इस तरह का कोई भी प्रयास करता है और उसका दोषी पाया जाता है तो मार्श पर बैन लग सकता है।
हालांकि एक बात यह भी है कि यह मामला तब तक स्पष्ट नहीं होगा, जब तक इंग्लैंड की टीम ओमान और नामीबिया के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेल लेती। अगर इन दोनों मैचों में से इंग्लैंड एक भी मैच हारता है तो उन्हें स्वत: ही वतन वापसी का टिकट काट लेना होगा। इसके अलावा एक विकल्प यह भी है कि ऑस्ट्रेलिया अपने ग्रुप मैच में कम मार्जिन से मैच जीते ताकि नेट रनरेट के आधार पर स्कॉटलैंड सुपर आठ में जा सकता है। अगर इंग्लैंड अपने बाक़ी बचे दो मैच जीतता है तो वह पांच अंकों तक पहुंच सकता है। स्कॉटलैंड के पास भी पांच अंक हैं। अगर वह ऑस्ट्रेलिया को हरा दे तो उनका रास्ता साफ़ है। लेकिन अगर वह कम मार्जिन से हारता है तो उनका नेट रनरेट इंग्लैंड से बेहतर रह सकता है।
हेज़लवुड ने कहा, "ऐसा हो सकता है कि इस विश्व कप के किसी स्टेज में हमारा सामना दोबारा इंग्लैंड के साथ हो। वह उन टीमों में से हैं, जिनके ख़िलाफ़ टी20 में हमारी टीम काफ़ी संघर्ष चुकी है। इसलिए यह अच्छा होगा कि हम उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दें। यह सिर्फ़ हमारे नहीं, सभी टीमों के हित में होगा। यह देखना दिलचस्प भी होगा। मुझे नहीं लगता कि हम एक टीम के रूप में पहले कभी इस स्थिति में रहे हैं, इसलिए चाहे हम चर्चा करें या नहीं, हम बस कोशिश करेंगे और इसे फिर से उसी तरह खेलेंगे जैसा हमने आज रात खेला। यह [अन्य] लोगों पर निर्भर करेगा, मुझ पर नहीं।"
लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा करने का फ़ैसला किया, तो मार्श को अपने तीन सुपर 8 मुकाबलों में से दो मैचों के लिए प्रतिबंधित किए जाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है। उन पर ICC की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.11 के तहत आरोप लगाया जा सकता है, जिसे "अनुचित रणनीतिक या सामरिक कारणों से खेलों में हेरफेर को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।" जब कोई टीम जानबूझकर ICC इवेंट में पूल मैच हार जाती है ताकि उस ICC इवेंट में अन्य टीमों की स्थिति प्रभावित हो तो यह नियम लागू किया जाता है।
आचार संहिता यह भी स्पष्ट करती है कि यह "नेट रन रेट में अनुचित हेरफेर" पर भी लागू हो सकती है और कप्तान को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा, तथा उस पर लेवल दो का अपराध लगाया जाएगा। अपराध की गंभीरता के आधार पर, इसमें न्यूनतम 50% मैच फ़ीस का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकतम चार डिमेरिट अंक और दो निलंबन अंक भी दिए जा सकते हैं, जिसके कारण मार्श ऑस्ट्रेलिया के पहले दो सुपर आठ मैचों से बाहर हो जाएंगे।
अगर देखा जाए तो अंपायरों के लिए यह कहना मुश्किल हो सकता है कि ऑस्ट्रेलिया ने जानबूझकर नेट रनरेट में हेरफेर करने का प्रयास किया था।
अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम ऐसा करती है तो 1999 विश्व कप की यादें तरोताज़ा हो जाएंगी, जब उनकी टीम ने सुपर सिक्स में अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए धीमी बल्लेबाज़ी की थी।