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बिना किसी दबाव या उम्मीदों के भारत के लिए मैच ख़त्म करना चाहते हैं तिलक

टी20 सीरीज़ में चुने जाने से पहले तिलक ने सैयद मुश्‍ताक़ अली ट्रॉफ़ी में 96 की औसत और 143.28 के स्ट्राइक रेट रन बनाए

Hemant Brar
हेमंत बराड़
Nov 26, 2023, 6:39 AM
Tilak Varma speaks to the media, Thiruvananthapuram, November 25, 2023

टीम के लिए मैच ख़त्‍म करना चाहते हैं तिलक  •  AFP/Getty Images

जब भारत ने ऑस्‍ट्रेलिया के ख़‍िलाफ़ पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में मुख्‍़य खिलाड़‍ियों को आराम दिया है तो अन्‍य खिलाड़‍ियों के पास 2024 जून में होने वाले टी20 विश्‍व कप से पहले प्रभाव छोड़ने का मौक़ा है। हालांकि तिलक वर्मा यह सोचकर ख़ुद को दबाव में नहीं डालना चाहते हैं।
तिलक ने दूसरे टी20 से पहले कहा, "मेरा माइंडसेट साफ़ है। मुझे टीम में एक रोल मिला है तो मैं उसी रोल पर क़ायम रहना चाहता हूं। मैं ख़ुद पर अच्‍छा करने का कोई दबाव या उम्‍मीद नहीं लाना चाहता हूं। मैं बस अपने रोल को पूरा करने पर ध्‍यान केंद्रित कर रहा हूं।"
"मैं पिछले मैच में नंबर 5 पर बल्‍लेबाज़ी कर रहा था, तो मेरा माइंडसेट यही था कि अगर मेरे पाले में गेंद आएगी तो मैं मारने जाऊंगा, वरना मैं स्‍ट्राइक चेंज कर लूंगा।"
पहले टी20 में जब तिलक बल्लेबाज़ी करने के लिए आए तो 209 रनों का पीछा करते हुए भारत को 7.3 ओवर में 75 रन की ज़रूरत थी। उन्‍होंने तनवीर संघा पर लगातार दो चौके लगाए लेकिन एक बार और प्रयास करने पर वह 10 गेंद में 12 रन बनाकर आउट हो गए।
तिलक ने कहा, "मैं लेग स्पिनर के ख़िलाफ़ आक्रमण करना चाहता था क्‍योंकि तब हमें प्रति ओवर 10 रन चाहिए थे। तो मेरा माइंडसेट साफ़ था : अगर लेग स्पिनर गेंद डाल रहा है तो मैं शॉट लगाऊंगा। तेज़ गेंदबाज़ों के ख़‍िलाफ़ सूर्यकुमार भाई प्रहार करेंगे।"
हालांकि सूर्यकुमार की 42 गेंदों में 80 रन की पारी ने भारत को मैच में क़रीब ला दिया और रिंकू सिंह ने 14 गेंदों में नाबाद 22 रन बनाकर इसे समाप्त किया। तिलक भी रिंकू की तरह खेल ख़त्म करना चाहते हैं।
उन्‍होंने कहा, "मुझे मैच ख़त्‍म करना पसंद है। मैं रिंकू से यह सीख रहा हूं क्‍योंकि वह यह लगातार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आने वाले मैचों में मैं ऐसा करूंगा।"
तिलक भारत के घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर इस सीरीज़ में आए। उन्होंने सात पारियों में 96.00 की औसत और 143.28 के स्ट्राइक रेट से 288 रन बनाए। उनका सर्वोच्च निजी स्‍कोर उपविजेता बड़ौदा के ख़‍िलाफ़ नाबाद 121 रन था।
तिलक इस श्रृंखला में भी "उसी फ़ॉर्म को जारी रखना" चाह रहे हैं। इसके अलावा उनके पास तिरुवनंतपुरम की "अच्छी यादें" हैं। 2019 में वह साउथ अफ़्रीका, अफ़ग़ानिस्तान, भारत ए और भारत बी की टीम से 50 ओवर की अंडर -19 चतुष्कोणीय श्रृंखला का हिस्सा थे, यह सीरीज़ यहीं पर खेली गई थी।
उस श्रृंखला में उन्होंने तीन मैचों में 115 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ नाबाद 44 रन था। उनमें से दो मैच थुम्बा के मैदान पर और तीसरा ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जहां पर रविवार को दूसरा टी20आई खेला जाएगा।
उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा, "उस समय यह एक अच्छा सीमिंग विकेट था। लेकिन आमतौर पर केरल का विकेट धीमा होता है और थोड़ा टर्न लेता है। मुझे नहीं पता कि यह अब कैसा है। हम आज देखेंगे और प्रवाह के साथ आगे बढ़ेंगे।"
पिछले हफ़्ते भारत वनडे विश्‍व कप में अजेय रहने के बाद फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। लेकिन तिलक मौजूदा कार्यभार को बदले की भावना से नहीं देख रहे हैं।
उन्‍होंने कहा, "हमारे लिए वह बस एक बुरा दिन था, वरना हम विश्‍व कप में शानदार खेले। मैं ऑस्‍ट्रेलिया को उस हार का बदला लेने के लिए नहीं हराना चाहता। हम बस मैच दर मैच देख रहे हैं।"

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।