टी20 विश्वकप 2021 का ये पहला डेड रबर मैच था और ये अंत भी कुछ उसी अंदाज़ में हुआ। श्रीलंका और नीदरलैंड के बीच क्वालीफ़ाइंग दौर का ये आख़िरी मुक़ाबला दोनों पारी मिलाकर भी 20 ओवर नहीं हो सका। पहले गेंदबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने नीदरलैंड को 10 ओवर में ही 44 रनों पर ऑलआउट कर दिया और फिर 7.1 ओवर में ही दो विकेट के नुक़सान पर बाज़ी अपने नाम कर ली। श्रीलंका ने सात साल बाद टी20 विश्वकप के इतिहास को दोहरा डाला, जब उन्होंने नीदरलैंड को 39 रनों पर ढेर किया था।

ताश के पत्तों की तरह नीदरलैंड ढेर

नीदरलैंड इस मैच के शुरू होने से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था, लिहाज़ा ये मैच वह अच्छे अंदाज़ में ख़त्म करते हुए विदाई लेना चाहते थे, लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा, मैच की चौथी ही गेंद पर मैक्स ओडाउड के तौर पर नीदरलैंड ने पहला विकेट गंवा दिया था जब ओडाउड रन आउट हुए। इसके बाद तो नीदरलैंड के बल्लेबाज़ मानो तू चल मैं आया की धुन पर पवेलियन की तरफ़ लौट रहे थे। पावरप्ले में ही यानी छह ओवर में नीदरलैंड ने छह विकेट गंवाए थे और इसी सिलसिले को आगे जारी रखते हुए दस ओवर ख़त्म होने तक पूरी टीम भी ऑलआउट हो गई।

मिस्ट्री स्पिनर महीश थीक्षना और लेग स्पिनर वनिंदु हसरंगा की फिरकी नीदरलैंड के बल्लेबाज़ों के लिए किसी तिलिस्म की तरह दिख रही थी, यही वजह थी कि औसतन हर गेंद छठी गेंद पर एक विकेट गिरते जा रहे थे। इन दोनों स्पिनरों के बाद जब आक्रमण पर तेज़ गेंदबाज़ आए तो शायद नीदरलैंड के बल्लेबाज़ों को लगा होगा कि अब राहत मिलेगी। लेकिन लहिरु कुमारा की रफ़्तार वाली गेंदें अब बल्लेबाज़ों के लिए जी का जंजाल बन गई थी।

श्रीलंका का धमाकेदार चेज़

हालांकि उम्मीद थी कि श्रीलंका 45 रनों के लक्ष्य को बिना विकेट गंवाए हासिल कर लेगा, लेकिन श्रीलंकाई पारी में पहले दो विकेट तो जल्दी जल्दी गिर गए थे। लेकिन अनुभवी कुसल परेरा ने आश्वस्त किया कि कोई उलटफेर नहीं होने जा रहा। उन्होंने अविष्का फ़र्नांडों के साथ यहां से श्रीलंका को जीत की मंज़िल तक पहुंचा दिया था। परेरा 24 गेंदों पर 33 रन बनाकर नाबाद रहे। इस बड़ी जीत के साथ ही श्रीलंका ने ग्रुप-1 में सुपर-12 की जगह अपने नाम कर ली है, जहां क्वालीफ़ायर से पहुंचने वाली दूसरी टीम बांग्लादेश है।

दन्याल रसूल (@Danny61000) ESPNcricinfo में सब-एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।