राजस्थान रॉयल्स सात विकेट पर 150 (मिलर 62, मॉरिस 36*, आवेश 3-32) ने दिल्ली कैपिटल्स आठ विकेट पर 147 (पंत 51, उनादकट 3-15) को तीन विकेट से हराया
पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ एक बड़े लक्ष्य को पार करने में असफल होने के दर्द से राजस्‍थान रॉयल्‍स ने आज वापसी तो की, लेकिन यह टीम 148 रनों के लक्ष्‍य को 222 रनों के लक्ष्‍य से कठिन बनाने में कामयाब रही। अधिकांश समय तक ऐसा लग रहा था कि लक्ष्य का बचाव कर रही दिल्ली कैपिटल्स लगातार तीसरी बार लक्ष्‍य को बचाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन डेविड मिलर और क्रिस मॉरिस ने मिलकर एक समय 17 रन पर पर तीन विकेट और फ‍िर 104 रन पर सात विकेट गंवा चुकी राजस्‍थान को मुश्किल परिस्थितियों में तीन विकेट से जीत दिलाने में कामयाब रहे।
मैच के पहले 35 ओवरों में एक भी छक्का नहीं लगा, वानखेड़े स्टेडियम में यह पहली घटना थी जब 20 ओवरों की कोई पारी बिना किसी बड़े शॉट के साथ खत्म हुई थी, लेकिन मिलर, मॉरिस और जयदेव उनादकट ने मिलकर सात बार गेंद स्‍टैंड में पहुंचाया, जिसके दम पर राजस्‍थान अंतिम 4.4 ओवरों में 60 रन बनाने में कामयाब रहे।
उनादकट ने किया कैपिटल्स को अंडरकट
2011 के बाद पहली बार पावरप्ले में तीन ओवर फेंक रहे उनादकट अपनी गति में परिवर्तन कर दिल्‍ली के बल्‍लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहे। दूसरे ओवर में पृथ्वी शॉ बाहरी किनारे के चलते प्वाइंट पर कैच थमा बैठे, चौथे ओवर में शिखर धवन ने रचनात्मक रैम्प शॉट लगाया पर विकेटकीपर संजू सैमसन की करामाती डाइविंग कैच के चलते उन्हें वापस जाना पड़ा और अजिंक्य रहाणे छठे ओवर में उनादकट की दिशा में आसान सा कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। पिछले तीन वर्षों में आईपीएल में पहली बार उनादकट ने किसी मैच में तीन विकेट झटके।
सातवें ही ओवर में मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने धीमी गति की गेंदों से इस आंकड़े को चार में बदल दिया जब मार्कस स्टॉयनिस बाहरी किनारे के चलते कवर पर लपके गए। सात ओवरों के बाद कैपिटल्स 37 रनों पर चार विकेट खो बैठे थे।
पंत ने लिया ज़मीन का सहारा
दिल्‍ली ने उन 9.3 ओवरों में 72 रन बनाए जो ऋषभ पंत ने क्रीज़ पर बिताए, जिसमें से 32 गेंदों में 51 रन पंत के बल्ले से आए थे। 140 के आसपास रन बनने की संभावना वाली पिच पर 190 रन बनाने के लिए यह काफी अच्‍छा प्रयास था। खास बात यह थी ऐसा उन्‍होंने बिना कोई छक्‍का लगाए किया। हां अपने पुराने साथी राहुल तेवतिया के खिलाफ 11वें ओवर में उन्‍होंने चार अलग-अलग कटों के साथ चार बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर चौके के लिए भेजा।
एक तेज रन ने दिल्‍ली की पारी को किया धीमा
दिल्‍ली को खेल में वापस लाने के बाद, पंत खुद एक बड़ी पारी के लिए सेट लग रहे थे, जब उन्होंने ललित यादव को तेज सिंगल के लिए बुलाया, जबकि गेंद गेंदबाज रियान पराग के पास ही गई थी। 13वें ओवर में, पांच विकेट खो चुकी दिल्‍ली ने अंतिम सात ओवरों में केवल पांच चौके जड़े और 88 रनों पर पांच विकेट की स्थिति से 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 147 रन बनाने में कामयाब रही।
विविधता पर नहीं गए दिल्‍ली के तेज गेंदबाज
टीमें अक्सर विरोधियों को देखकर, उनके लिए क्या कारगर साबित हुआ उसकी नकल करने की कोशिश करती हैं, लेकिन दिल्‍ली के तेज गेंदबाज कटर और धीमी गति की गेंद की तलाश में नहीं गए जो राजस्‍थान के लिए सही रणनीति साबित हुई। क्रिस वोक्‍स और कगिसो रबाडा ने बेहद खूबसूरती से सीम का इस्‍तेमाल किया, जिसकी वजह से कुछ ही समय में राजस्‍थान के 17 रनों पर तीन विकेट गिर गए, इसमें सैमसन का अहम विकेट भी शामिल था। धवन ने इस बीच अपने कैच से काफी प्रभावित किया। उन्‍होंने स्लिप में सैमसन, वाइड स्लिप में शिवम दुबे और कवर पर रियान पराग का कैच लपका।
मिलर, तेवतिया ने शुरू किया कमबैक
मिलर अच्छे टच में दिख रहे थे, शायद उतना ही अच्छा जैसा पंत ने पहली पारी में पहले किया था। तेवतिया ने उनका बखूबी साथ दिया। किसी कारणवश, बाएं हाथ के दो बल्लेबाज़ों के मध्य में होने के बावजूद पंत ने आर अश्विन को गेंदबाज़ी से हटाया और स्टॉयनिस के पास गए। पंत की यह रणनीति उनके ही विरुद्ध चली गई और मैच यहीं से बदलने लगा, शायद ओस ने पंत के इस फैसले को प्रभावित किया?
स्टॉयनिस के ओवर में तीन चौके आए और टॉम करन के पारी के14वें ओवर में दो चौके आए। रबाडा ने तेज गति से बाउंसर की और तेवतिया पुल करने के चक्‍कर में आउट हो गए, लेकिन राजस्‍थान को इस विकेट से कोई भी फर्क नहीं पड़ा। मिलर ने अगले ओवर में आवेश खान की गेंद पर दो छक्के लगाए। वह एक हैट्रिक बनाने की कोशिश में कैच आउट हो गए और एक बार फिर से 25 गेंद में 44 रनों का लक्ष्‍य मुश्किल होता दिखने लगा।
मॉरिस, उनादकट ने किया अंत
यह सही था कि उनादकट ने वोक्‍स पर पुल से छक्‍का लगाकर साझेदारी की शुरुआत की। करन का 18वां ओवर अहम था और उन्‍होंने बेहद ही किफायती गेंदबाजी करके राजस्‍थान को 12 गेंद में 27 रनों की जरूरत पर ला दिया, लेकिन गीली गेंद ने अंतिम दो ओवरों में रबाडा और करन को गेंदबाजी करने में मुश्किल ला खड़ी की। रबाडा स्लॉट में गेंद डालते रहे और मॉरिस ने दो गेंदों के पर शानदार संपर्क किया और अब अंतिम ओवर में राजस्‍थान को जीत के लिए 12 रन चाहिए थे।
पिछले मैच में मॉरिस को आखिरी ओवर में सिंगल लेने से सैमसन ने मना कर दिया गया था, जब राजस्‍थान 13 रन बनाने में नाकाम रही थी, लेकिन इस बार मॉरिस टीम को जीत दिलाने के लिए ही उतरे थे, वह बताना चाहते थे कि पिछले मैच में उनकी बल्‍लेबाजी को कम आंका गया था। उन्‍होंने करन के आखिरी ओवर की दूसरी और चौथी गेंद पर छक्‍का लगाकर राजस्‍थान के खाते में जीत डाल दी।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब-एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।