मैच (16)
आईपीएल (1)
T20I Tri-Series (1)
County DIV1 (5)
County DIV2 (4)
CE Cup (2)
ENG v PAK (1)
USA vs BAN (1)
WI vs SA (1)
फ़ीचर्स

साई सुदर्शन : एक शांत लड़का जो बल्ले से जवाब देना पसंद करता है

पहले मैच में गुजरात के लिए इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलने आए सुदर्शन अब तक अपना इंपैक्ट दिखाने में क़ामयाब रहे हैं

Sai Sudharsan leaps in the air to play a shot, Delhi Capitals vs Gujarat Titans, IPL 2023, Delhi, April 4, 2023

नॉर्खिये की गेंद पर रैंप शॉट खेलते साई सुदर्शन  •  BCCI

अनरिख़ नॉर्खिये की आग उगलती गेंदों पर शफ़ल करके स्कूप लगाना आसान नहीं, ख़ासकर तब, जब वह 145+ की स्पीड से लगातार गेंदबाज़ी कर रहे हों और दो अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाज़ उसका शिकार हो चुके हों।
गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज़ साई सुदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ मैच में उस समय बल्लेबाज़ी करने आए, जब भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋद्धिमान साहा, नॉर्खिये की एक 143 किमी/घंटे की रफ़्तार से अंदर आती लेंथ गेंद पर हक्का-बक्का रह गए और गेंद उनका स्टंप बिखेर ले गई। थोड़ी देर बाद भारत के वर्तमान समय के तीनों फ़ॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ शुभमन गिल भी नॉर्खिये की कुछ इसी तरह की गेंद से बीट होकर पवेलियन में थे। इस बार नॉर्खिये ने अपना स्पीड बढ़ाते हुए उसे लगभग 149 कर लिया था। 163 रन का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम अब पांचवें ओवर में ही 36 रन पर दो विकेट खोकर पवेलियन में थी।
पिछले साल गुजरात के लिए डेब्यू कर सबको प्रभावित करने वाले साई सुदर्शन को चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ पहले मैच के शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिली थी। जब केन विलियमसन फ़िल्डिंग के दौरान चोटिल हुए तो उन्हें इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर टीम में शामिल किया गया। उन्होंने अपना इंपैक्ट दिखाते हुए 17 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 22 रनों की उपयोगी पारी खेली और शुभमन गिल के साथ महत्वपूर्ण 53 रनों की साझेदारी की।
दिल्ली के ख़िलाफ़ जब वह बल्लेबाज़ी करने आए तो गुजरात के लिए परिस्थितियां थोड़ी उलट थी। साहा और शुभमन के बाद टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या भी पावरप्ले के अंत तक पवेलियन में थे और गुजरात तीन विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था। लेकिन सुदर्शन तो कुछ और ही ठान कर आए थे। उन्होंने नॉर्खिये की पहली ही अंदर आती गेंद को मिडविकेट की ओर फ़्लिक कर अपना ख़ाता खोला और फिर ऐसी ही गेंद को मिड ऑन की ओर धकेल सिंगल चुराया। नॉर्खिये अब भी गेंद से काफ़ी आक्रामक थे, लेकिन स्वभाव से बेहद शांत सुदर्शन उन्हें बहुत शांति से जवाब दे रहे थे।
सुदर्शन ने पारी का अपना पहला चौका, चौथी गेंद पर लगाया, जब मुकेश कुमार की ऑफ़ स्टंप के बाहर की फ़ुल गेंद उनके बल्ले के ठीक बीच में आई और उन्होंने उसे ख़ूबसूरती से थोड़ा आगे झुकते हुए कवर और कवर प्वाइंट के बीच ड्राइव कर दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज़ का कवर ड्राइव वैसे भी देखने लायक होता है और जब सुदर्शन ड्राइव लगाते हैं तो नज़रें ठिठक ही जाती हैं।
ख़ैर, सुदर्शन की असली परीक्षा तो अगले ओवर में होने वाली थी। अभी दो गेंद पहले ही नॉर्खिये ने शुभमन को क्लीन बोल्ड किया था, लेकिन सुदर्शन के दिमाग़ में शायद इसका कोई भय नहीं था और ना ही वह इसे अपने शांत दिमाग़ में हावी होने देना चाहते थे। नॉर्खिये ने ऑफ़ स्टंप पर 144 की रफ़्तार से एक फ़ुल लेंथ की गेंद फेंकी। सुदर्शन चाहते तो इसे सीधे बल्ले से खेलने के लिए जाते, लेकिन उन्हें पता था कि इस रफ़्तार की गेंद कभी भी हरकत कर उन्हें परेशान कर सकती हैं। उन्होंने ऑफ़ साइड में शफ़ल किया और उसे फ़ाइन लेग के ऊपर से स्कूप कर आधा दर्जन रनों के लिए भेज दिया। जितना ऊपर सुदर्शन का यह छक्का गया, अब उतना ही ऊपर सुदर्शन का आत्मविश्वास भी था।
इसके बाद से तो सुदर्शन को मैदान में रोकना मुश्किल ही लग रहा था। वह अच्छी गेंदों को सम्मान देकर उसे सिंगल-डबल के लिए भेज रहे थे तो ख़राब गेंदों पर जबरदस्त प्रहार कर उसे बाउंड्री पार भी पहुंचा रहे थे। उनके फ़्लिक, कट, पंच और मैदान के चारों कोनों में खेले गए शॉट बता रहे थे कि वह धीरे-धीरे एक परिपक्व बल्लेबाज़ बनने की तरफ़ बढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के अपने सीनियर साथी विजय शंकर के साथ 53 रनों की साझेदारी की और सुनिश्चित किया कि गुजरात ख़तरे के दलदल से बाहर निकले।
पारी का 17वां ओवर, अब सुदर्शन 48 पर थे। नॉर्खिये ने डराने के मकसद से एक बार फिर से सुदर्शन को पटकी हुई गेंद फेंकी। चौथे स्टंप पर आई इस बाउंसर का सुदर्शन ने क्रीज़ में ही इंतज़ार किया और जब गेंद उनके बिल्कुल पास आ गई तो अपने शरीर को थोड़ा झुकाते हुए उन्होंने इसे कीपर के ऊपर से रैंप कर दिया। गेंद रस्सी से थोड़ा पहले गिरकर चार रनों के लिए बाउंड्री पार थी और सुदर्शन अपने अर्धशतक का जश्न अपने शांत अंदाज़ में बल्ला उठाते हुए थंप्स अप कर मना रहे थे।
दो गेंद बाद उन्होंने नॉर्खिये की एक अंदर आती लेंथ गेंद को शफ़ल कर फ़ाइन लेग के ऊपर से छह रनों के लिए उड़ाया। नॉर्खिये अब अपने घुटने पर थे। इस शॉट से सुदर्शन ने यह भी जतलाने की कोशिश की कि वह एक बाएं हाथ के क्लासिक बल्लेबाज़ से कहीं अधिक हैं और किसी भी तरह की शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। मैच के बाद सबकी जुबान पर बस सुदर्शन का नाम था।
गुजरात के कप्तान हार्दिक ने प्रज़ेंटेशन के दौरान कहा, "वह (सुदर्शन) बहुत ही बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी पर बहुत काम किया है और इसका फल उन्हें मिल रहा है। अगले दो सालों में वह फ़्रैंचाइज़ी क्रिकेट में एक बड़ा नाम होंगे और उम्मीद है कि भारत के लिए भी खेलेंगे।"
वहीं प्रेस कॉन्फ़्रेंस में डेविड मिलर ने कहा, "वह (सुदर्शन) एक बेहतरीन प्रतिभा हैं और उनके जैसे खिलाड़ियों की टीम में ज़रूरत है। पिछले सीज़न भी उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं और इस सीज़न भी दोनों मैच उनके लिए अच्छे गए हैं। उन्हें अच्छा खेलते और प्लेयर ऑफ़ द मैच पाता देखना सुखद है। टीम को भी इससे काफ़ी बल मिला है।"
मैच के बाद सुदर्शन ने स्वीकार किया कि वह मैच से पहले थोड़े नर्वस थे क्योंकि वह पहली बार दिल्ली की पिच पर खेल रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं सोच रहा था कि मैं कैसे चीज़ों को अपने लिए सही रखूं और ख़ुद को दबाव में ना लाऊं। मेरा काम था कि मैं खेल को अंत तक ले जाऊं और मैं ख़ुश हूं कि मैं ऐसा कर सका।"
साई सुदर्शन के लिए 2022-23 साल का बेहतरीन रहा है। उन्होंने विजय हज़ारे मैचों में तीन बेहतरीन शतकीय पारियां खेल नारायण जगदीशन के साथ विश्व रिकॉर्ड साझेदारियां की थीं और फिर जब उन्हें रणजी ट्रॉफ़ी में खेलने का मौक़ा मिला तो उन्होंने फ़र्स्ट क्लास डेब्यू पर भी शतक जड़ा। अब उनकी नज़रें आईपीएल को भी अपने लिए बड़ा बनाने पर होंगी।

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं @dayasagar95