कानपुर टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम के कप्तान अभी तक मैच के परिणाम के बारे में सोच रहे होंगे। उनकी टीम आज जीत से बस एक विकेट दूर थी। एक तरफ़ अजिंक्य रहाणे आज की पिच, रणनीति और टीम के खिलाड़ियों के बारे में विवेचना कर रहे होंगे। वहीं दूसरी तरफ आज भारतीय कोच से रहाणे के फ़ॉर्म के बारे में पूछा जा रहा था।

पिछले 16 टेस्ट मैचों में रहाणे का औसत 24.39 का रहा है जिसमें बॉक्सिंग डे टेस्ट में उनका शतक भी शामिल है। कानपुर टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 4 रन बनाएं। उनके पूरे करियर का औसत अब 40 से भी कम है और भारत में उनका औसत 35.73 का है।

द्रविड़ से पूछा गया कि क्या वह रहाणे के रनों की कमी को लेकर चिंतित हैं? द्रविड़ ने कहा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित नहीं हूं। साथ ही आप भी चिंता न करे, बेशक आप चाहते हैं कि अजिंक्य अधिक से अधिक रन बनाएं। वह एक गुणवत्तापूर्ण खिलाड़ी हैं। उन्होंने अतीत में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। वह उन लोगों में से हैं जिनमें रन बनाने की चाह है। उनके पास अनुभव है। उम्मीद है कि यह सिर्फ़ एक पारी की बात है, एक मैच की बात है, जहां वह इस ख़राब दौर से पार पा सकते हैं।"

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हां या ना ? भारतीय गेंदबाज़ों के लिए टॉम लेथम ऑउट ऑफ़ सिलेबस निकले
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रहाणे के बल्ले से रनों की कमी तब और ज़्यादा गंभीर मुद्दा बन गई जब पूर्णकालिक कप्तान विराट कोहली ने इस टेस्ट में आराम करने का निर्णय लिया और उनकी जगह पर टीम में जगह बनाने वाले श्रेयस अय्यर ने टेस्ट डेब्यू पर शतक और अर्धशतक बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। अक्सर यह देखा जाता है कि अय्यर या ऐसा कोई भी बल्लेबाज़ की जगह पर अगले मुक़ाबले में टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी को शामिल किया जाता है। वहीं जब अन्य खिलाड़ी टीम में संघर्ष कर रहे होते हैं, तो सवाल पूछा जाता है: जब टीम में मौजूद सीनियर खिलाड़ी नहीं बना रहे हैं तो आप एक पदार्पण करने वाले सेंचुरियन को कैसे टीम से बाहर कर सकते हैं? द्रविड़ भी से यह पूछा गया कि क्या अय्यर को अगले टेस्ट में टीम में बरक़रार रखा जाएगा।

द्रविड़ ने कहा, "हमने मुंबई में होने वाले अगले टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन तय नहीं की है। अभी इस बारे में बात करना जल्दबाज़ी होगी। हम अभी तक सिर्फ़ इस टेस्ट के बारे में सोच रहे हैं। जब हम मुंबई पहुंचेंगे तो वहां की परिस्थितियों और पिच को देखेंगे। हम खिलाड़ियों की फ़िटनेस पर नज़र रखेंगे। विराट कोहली भी हमारे साथ जुड़ेंगे इसलिए उनसे सलाह मशविरा किया जाएगा। फिर हम तय करेंगे कि प्लेइंग इलेवन में कौन होगा।"

रहाणे के अलावा, चेतेश्वर पुजारा का फ़ॉर्म भी हालिया समय में कुछ ख़ास नहीं रहा है, जिन्होंने आख़िरी बार जनवरी 2019 में शतक बनाया था। यहां तक कि कोहली को भी शतक लगाए दो साल हो चुके हैं।

अब यह देखने मज़ेदार होगा कि कोहली और द्रविड़ किस तरह की चयन प्रकिया के साथ टीम आगे बढ़ेंगे।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।