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चौथे गियर में जोख़िम लेकर ज़िम्मेदारी से बल्लेबाज़ी कर रहे हार्दिक

बतौर कप्तान वह हिट करने की ताक़त के साथ प्रमुख गेंदबाज़ों को सम्मान देने लगे हैं

हार्दिक पंड्या ने सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ गुजरात टाइटंस के आख़िरी मैच में 42 गेंद में 50 रन की पारी खेली थी। यश झा ने पारी के बाद आंकड़ों को लेकर अच्छा ट्वीट किया था। हार्दिक उन तेज़ तर्रार भारतीय बल्लेबाज़ों में से एक थे जिन्होंने कप्तानी मिलने के बाद ज़िम्मेदारी से बल्लेबाज़ी करना शुरू किया। आईपीएल कप्तान के तौर पर उनके पहले सीज़न में इन सभी बल्लेबाज़ों का स्ट्राइक रेट पिछले दो सीज़न से बहुत नीचे चला गया, जिसमें हार्दिक का सबसे नीचे गया यानि 151.67 से 122.6।
बिल्कुल, यह केवल कप्तानी की बात नहीं है। टाइटंस के स्क्वायड की बनावट कुछ ऐसी है कि हार्दिक उनके मध्य क्रम के प्रमुख बल्लेबाज़ हैं। इस सीज़न केवल चार मैचों में हार्दिक ने 10 ओवर में सबसे ज़्यादा गेंद खेली है, उनके पिछले आठ सीज़न में पहले 10 ओवरों में यह सबसे ज़्यादा गेंद हैं। हार्दिक को प्रदर्शन के लिए एक रोल दिया गया और हार्दिक ने दिखाया कि वह रोल निभा सकते हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में, क्या हम भूल रहे हैं कि हार्दिक को क्या ख़ास बनाता है, ख़ासतौर पर वह पावर हिटिंग जो गेंदबाज़ों के दिलों में डर पैदा करती है?
तीन दिन बाद हालांकि हार्दिक ने दिखाया कि ज़िम्मेदारी से बल्लेबाज़ी करने का यह मतलब नहीं है कि आप धीमी ​बल्लेबाज़ी करो। वह जब तीसरे ओवर में क्रीज़ पर आए तो स्कोर 15 रन पर दो विकेट था। हार्दिक ने 52 गेंद में नाबाद 87 रन बनाएए, जबकि जब वह क्रीज़ पर थे तो अन्य बल्लेबाज़ों ने 52 गेंद में 86 रन बनाए। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के स्मार्ट स्टैट्स ने पंड्या की पारी को 100.42 स्मार्ट रन दिए।
जबकि हार्दिक का इससे पहले मुंबई इंडियंस में रोल 10 से 15 गेंदों का फ़ायदा उठाना था। ये लंबी पारियां कई तरह के सवाल पूछती हैं, जहां हार्दिक की प्रतिक्रिया जानबूझकर थी। उन्होंने युज़वेंद्र चहल को संभलकर खेला, जिन्हें हार्दिक के लिए चौथे ही ओवर में लाया गया था, लेकिन अगले ओवर में उन्होंने कुलदीप सेन पर जमकर रन बटोरे।
हार्दिक का चहल और अश्विन के ख़िलाफ़ स्ट्राइक रेट 104 का था और यह समझने में ज़्यादा देर नहीं लगी कि ऐसा क्यों। हार्दिक का स्पिन के बजाय तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ अच्छा स्ट्राइक रेट रहता है। लेकिन चहल और अश्विन ने हार्दिक को सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाज़ी की। ना तो उन्होंने उनको रूम दिया ना ही उन्होंने स्लॉट में गेंद की। हार्दिक ने आख़िरी छह ओवर शुरू होने से पहले उन्हें पूरा सम्मान दिया।
हार्दिक ने प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद स्टार स्पोर्ट्स से कहा, "मैं इतना लंबा बल्लेबाज़ी करने का आदी नहीं हूं। यह लगातार दो मुक़ाबले हुए हैं, जहां मैंने 15 और 17 ओवर बल्लेबाज़ी की है, लेकिन मुझे यह पसंद आया। इसने मुझे समय दिया। मैं गणना कर सकता हूं और उसी मुताबिक रिस्क ले सकता हूं। मुझे लगता है कि पिछले मैच में वैसा नहीं हो सका जैसा मैं चाहता था, लेकिन मैंने आज यह तय किया कि मेरी एक सही दृष्टिकोण होना चाहिए जहां पर मैं गेंदबाज़ों पर आक्रमण कर सकूं।"
जिस इरादे की हार्दिक बात कर रहे हैं, वह इस मैच में कहीं बेहतर था। जिससे यह पता चलता है कि लंबी बल्लेबाज़ी करने वाले अगर गेंदबाज़ों पर लगातार प्रहार नहीं करते हैं तो डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट के लिए यह मुश्किल हो सकता है। जब उनसे नंबर चार पर आने के पीछे का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा,"इससे अन्य बल्लेबाज़ों को बिना दबाव के खुलकर बल्लेबाज़ करने का मौक़ा मिलता है। मैंने कई बार इन परिस्थतियों में देखा है जहां मैंने बड़ा रोल निभाया और डेथ ओवरों में 12 गेंद में 30 रन लगा दिए। मैंने यह बहुत मुश्किल पाया, लेकिन अनुभव के कारण नंबर चार पर आकर मैं सही गणना कर सकता हूं और सही गेंदबाज़ों पर सही ओवर में आक्रमण कर सकता हूं।"
इस शानदार पारी के बाद हार्दिक के नंबर इस सीज़न बहुत शानदार दिख रहे हैं। 76 का औसत और 137 का स्ट्राइक रेट। जब आप इस रोल में पहला सीज़न खेल रहे हो तो यह आसान नहीं हो जाता है, लेकिन हार्दिक दोबारा से शेप में आने की शुरुआत कर रहे हैं जहां मौक़ा मिलने पर वह सीमित ओवर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में विशेषज्ञ बल्लेबाज़ के रूप मं खेल सकते हैं।
टीम चयन के बाद एक पत्रकार वार्ता में हार्दिक की उस समय छुपी फ‍़िटनेस के बारे में पत्रकार ने पूछा नहीं बल्कि प्रमुख चयनकर्ता चेतन शर्मा को बताया कि हार्दिक कोई घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते हैं और अगर वह आईपीएल में आधा भी प्रदर्शन कर देते हैं तो वह विश्व कप टीम में वापसी कर लेंगे, जबकि दूसरे हरफ़नमौला खिलाड़ी पीछे रह जाएंगे जो इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। चेतन की प्रतिक्रिया इस तरह थी: हमारी ओर से मत बोलो और निष्कर्ष निकालो कि हार्दिक के लिए वापस आना इतना आसान है।
हालांकि, अगर हार्दिक इसी तरह से बल्लेबाज़ी करते हैं, जहां वह गेंद को हिट करने की और गेंदबाज़ों को चुनकर उन्हें उसी पारी में हिट करने की क़ाबिलियत दिखाते हैं तो चेतन को भूल जाइए, घरेलू क्रिकेट के चहेतों को भी स्वीकार करना होगा। वहीं उनकी गेंदबाज़ी फ‍़िटनेस तो बोनस है और उन्होंने पुष्टि कर दी है कि उन्हें जो गेंदबाज़ी करने में दिक्कत आई थी वह बस एक क्रैंप था।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया हैं।