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बंगाल, सौराष्ट्र, मध्यप्रदेश और कर्नाटका ने रणजी ट्रॉफ़ी के सेमीफ़ाइनल में बनाई जगह

पहले सेमीफ़ाइनल में मध्य प्रदेश की टीम बंगाल और दूसरे सेमीफ़ाइनल में कर्नाटका की टीम सौराष्ट्र से भिड़ेगी

Parth Bhut scored an unbeaten 111 to help Saurashtra go past 300, Saurashtra vs Punjab, Rajkot, 1st day, Ranji Trophy, Quarterfinals, January 31, 2023

पार्थ भूत ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल किया  •  Saurashtra Cricket Association

सौराष्ट्र 303 और 379 (मांकड़ 88, वसावड़ा 77, जानी 77, विनय 7-179) ने पंजाब 431 और 180 (मंदीप 45, मान 42, भूत 5-89, धर्मेंद्रसिंह 3-56) को 71 रन से हराया
पार्थ भूत के पहले शतक और पहले पंजे की मदद से सौराष्ट्र ने पंजाब को 71 रन के बड़े अंतर से हराकर रणजी ट्रॉफ़ी के सेमीफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया। पार्थ ने इस मैच में 111* और 51 रन की पारियां खेलीं और फिर गेंदबाज़ी में दोनों पारियों में क्रमशः तीन और पांच विकेट लिए। पार्थ को बाएं हाथ के स्पिनर धर्मेंद्रसिंह जाडेजा का भी भरपूर साथ मिला और उन्होंने भी पहले पारी में पंजे सहित मैच में कुल आठ विकेट झटके।
252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम राजकोट में सौराष्ट्र के स्पिन गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी और 180 रन पर ही ऑलआउट हो गई। पहली पारी में 128 रन की बढ़त लेने के बाद यह पंजाब की दुर्लभ हार है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी सौराष्ट्र की टीम ने स्नेल पटेल (70) और पार्थ के शतक की मदद से 303 रन बनाए थे। पंजाब के लेग स्पिनर मयंक मार्कंडेय ने सौराष्ट्र के बल्लेबाज़ी क्रम को रौंदते हुए चार विकेट लिए। पहली पारी में एक समय पंजाब का स्कोर 147 रन पर आठ विकेट था। तेज़ गेंदबाज़ बलतेज सिंह ने भी इस दौरान 60 रन देकर तीन विकेट लिए।
लेकिन नंबर नौ पर आते हुए पार्थ ने ना सिर्फ़ अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक लगाया बल्कि चेतन साकरिया (22) के साथ 61 और फिर नंबर 11 युवराजसिंह डोडिया (17) के साथ 95 रन जोड़कर अपनी टीम को 300 के पार पहुंचाया।
जवाब में पंजाब के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों प्रभसिमरन सिंह (126) और नमन धीर (131) ने शतक जड़ा और पहले विकेट के लिए तेज़ 212 रन जोड़े। कप्तान मंदीप सिंह ने भी 91 रनों की पारी खेली और धर्मेंद्रसिंह के पांच विकेट के बावजूद पंजाब 431 रन बनाकर पहली पारी की महत्वपूर्ण बढ़त लेने में सफल रही।
दूसरी पारी में भी सौराष्ट्र की शुरुआत ख़राब रही थी और उनके पहले चार विकेट सिर्फ़ 60 रन पर ही गिर गए थे। लेकिन इसके बाद कप्तान अर्पित वसावड़ा और चिराग जानी ने पांचवें विकेट के लिए 140 रन जोड़े और अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद प्रेरक मांकड़ (88) और पार्थ (51) ने अर्धशतक जड़ अपनी टीम को 379 पर पहुंचाया। पंजाब के लिए बाएं हाथ के स्पिनर विनय चौधरी ने दूसरी पारी में सात विकेट लिए, हालांकि इस दौरान उन्होंने 179 रन ख़र्च किए।
पंजाब को 252 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन दूसरी पारी में वह कभी भी इसके नज़दीक़ नहीं दिखी। सौराष्ट्र के तीनों स्पिनरों ने नियमित अंतराल पर विकेट लिया और पंजाब को सिर्फ़ 180 रन पर ऑलआउट कर दिया।
बंगाल 328 और 69/1 (अभिमन्यु 28*, घरामी 26*, राहुल 1-24) ने झारखंड 173 और 221 (सेन 64, चक्रवर्ती 41*, रॉय 40, आकाश 3-21, शाहबाज़ 2-45, आकाश दीप 2-46) को नौ विकेट से हराया
क्वार्टरफ़ाइनल में बंगाल की टीम ने झारखंड को नौ विकेट से हरा कर 2022-23 के रणजी ट्रॉफ़ी सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की कर ली है। आकाश दीप ने इस मैच में छह विकेट लेते हुए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे। वहीं शाहबाज़ अहमद, अभिमन्यु ईश्वरन और सुदीप घरामी ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
टॉस जीत कर बंगाल की टीम ने पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया था। कप्तान मनोज तिवारी के फ़ैसले को सही साबित करते हुए मुकेश कुमार, आकाश दीप और आकाश घटक ने झारखंड की टीम पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और सिर्फ़ 173 के स्कोर पर ऑलआउट कर दिया। झारखंड की तरफ़ से सिर्फ़ कुमार सूरज ही एक ऐसे बल्लेबाज़ थे, जो थोड़ा टिक कर खेल सके। उन्होंने नाबाद 89 रन बनाएं।
बंगाल की तरफ़ से पहली पारी में आकाश दीप ने चार और आकाश घटक ने दो विकेट लिए। इसके बाद दूसरी पारी में बंगाल की शुरुआत कुछ ख़ास नहीं रही लेकिन उनकी टीम ने 328 रन बनाए। अभिमन्यू ईश्वरन ने 77, सुदीप घरामी ने 68 और शाहबाज़ अहमद ने बहुमूल्य 81 रनों की पारी खेली। पहली पारी में बंगाल की टीम के पास 151 रनों की लीड थी।
इसके बाद दूसरी पारी में झारखंड की टीम की शुरुआत फिर से काफ़ी ख़राब रही और उन्होंने सिर्फ़ 21 के योग पर चार विकेट गंवा दिए थे। हालांकि आर्यमान सेन और सुप्रियो चक्रवर्ती की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियों ने झारखंड को 221 तक पहुंचाया और बंगाल के सामने 67 रनों का टारगेट रखा, जिसे बंगाल की टीम ने एक विकेट के नुक़सान पर प्राप्त कर लिया।
बंगाल का अब अगला मैच आंध्रा प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच चल रहे, क्वार्टरफ़ाइनल के विजेता के साथ होगा।
कर्नाटका 606 (श्रेयस 161*, मयंक 83, समर्थ 82, अभय 4-109, मयंक मिश्रा 3-107) ने उत्तराखंड को 116 और 209 (स्वप्निल 51, श्रेयस 3-26, वैशाख 3-55) को एक पारी और 281 रन से हराया
श्रेयस गोपाल की नाबाद 161 रनों की पारी ने कर्नाटका को उत्तराखंड के ख़िलाफ़ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा श्रेयस ने इस मैच तीन विकेट भी लिए। चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए क्वार्टर फ़ाइनल में कर्नाटका ने उत्तराखंड को एक पारी और 281 रनों से हरा कर सेमीफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है।
यह एक ऐसा मैच था जिसमें कर्नाटका शुरू से ही हावी था। कर्नाटका के टॉस जीत कर क्षेत्ररक्षण करने फ़ैसला लिया। युवा तेज गेंदबाज़ एम वेंकटेश ने प्रथम श्रेणी में पदार्पण पर पांच विकेट लेकर उत्तराखंड को केवल 116 रनों पर समेटने में मदद की।
कर्नाटका के शीर्ष चार बल्लेबाज़ों में से प्रत्येक ने अर्धशतकीय पारी खेली और टीम को एक अच्छी स्थिति पर ले गए। सलामी बल्लेबाज़ मयंक अग्रवाल (83) और आर समर्थ (82) ने शुरुआती विकेट के लिए 159 रन की साझेदारी की और देवदत्त पडिक्कल (69) और निकिन जोस (62) ने फिर तीसरे विकेट के लिए 118 रन जोड़े। हालांकि पहली पारी में श्रेयस ने सबसे बढ़िया बल्लेबाज़ी की। उन्होंने कर्नाटका को 606 के स्कोर तक ले जाने के लिए अपना पांचवां प्रथम श्रेणी शतक लगाया। इसके बाद दूसरी पारी में उत्तराखंड सिर्फ़ 209 रन ही बना सकी।
मध्य प्रदेश 228 और 245/5 (यश 58, रजत 55, शुभम 40, पृथ्वी 2-50, मोहन 2-91) ने आंध्रा को 379 और 93 (आवेश 4-24, गौरव 3-10) को पांच विकेट से हराया
यश दुबे और रजत पाटीदार ने शानदार अर्धशतक के बदौलत मध्यप्रदेश की टीम ने 245 रनों के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लिया है। इसी के साथ मध्यप्रदेश सेमीफ़ाइनल में भी पहुंच गया है। पहली पारी में 151 रनों से पिछड़ने के बावजूद मध्यप्रदेश की टीम आंध्रा को हराने मे क़ामयाब रही।
पहली पारी में रिकी भुई और करण शिंदे के शतकों की मदद से आंध्रा की टीम ने 379 रन बनाए थे। हालांकि आंध्रा की तरफ़ से सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियां हनुमा विहारी ने बटोरी। बाएं हाथ में फ़्रेक्चर के बावजूद हनुमा दोनों पारियों में बल्लेबाज़ी की और कुछ रन भी बनाए।
वहीं मध्यप्रदेश की टीम पहली पारी में सिर्फ़ 228 रन ही बना सकी। बाएं हाथ के मध्यम तेज़ गेंदबाज़ ने आंध्रा की तरफ़ से 26 रन देकर पांच विकेट लिए।
हालांकि इसके बाद जब दूसरी पारी में आंध्रा प्रदेश की टीम बल्लेबाज़ी करने उतरी तो मध्यप्रदेश के गेंदबाज़ों ने काउंटर अटैक कर दिया और आंध्रा को सिर्फ़ 93 के स्कोर पर ऑलआउट कर दिया।
मध्यप्रदेश के सामने 245 रनों का लक्ष्य था, जिसे उन्होंने आराम से प्राप्त कर लिया।