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रणजी ट्रॉफ़ी का छठा राउंड: विदर्भ ने रचा इतिहास, मयंक का दोहरा शतक, आकाश दीप का 10 विकेट

बंगाल, मध्य प्रदेश और कर्नाटका क्वार्टरफ़ाइनल में पहुंचे, बिहार और मणिपुर के बीच होगा प्लेट ग्रुप का फ़ाइनल

Akash Deep celebrates after yet another wicket, Saurashtra v Bengal, Ranji Trophy 2019-20 final, Rajkot, March 9, 2020

हरियाणा के ख़िलाफ़ जीत दर्ज करने के बाद बंगाल ने सेमीफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है  •  PTI

रणजी ट्रॉफ़ी के छठे राउंड में कई रोमांचक मैच देखने को मिले। साथ ही कई ऐसी टीमें भी हमें देखने को मिलीं जो आख़िरी राउंड से पहले ही सेमीफ़ाइनल में पहुंच चुकी हैं। हालांकि इस राउंड का हाइलाइट्स रहा विदर्भ और गुजरात के बीच का मैच, जहां विदर्भ ने गुजरात के सामने 73 रनों का लक्ष्य रखा था और उसे उन्होंने डिफ़ेंड भी कर लिया। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे कम स्कोर के बचाव का नया भारतीय रिकॉर्ड है।
कौन-कौन क्वार्टरफ़ाइनल में पहुंचा
बंगाल, मध्यप्रदेश और कर्नाटका की टीम सेमीफ़ाइनल में पहुंच चुकी है। बंगाल के सामने हरियाणा को एक पारी से हार झेलनी पड़ी। इस जीत में बंगाल की तरफ़ से आकाश दीप ने 10 विकेट लिए और इसी के साथ बंगाल की टीम क्वार्टरफ़ाइनल में पहुंच गई। एलीट ग्रुप ए के टेबल में 32 अंकों के साथ वह पहले स्थान पर हैं।
बंगाल ने अपनी पहली पारी में 419 रन बनाए थे, जिसमें अनुस्तुप मजूमदार ने सर्वाधिक 145 रनों की पारी खेली थी। इसके जवाब में हरियाणा पहली पारी में 163 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई और उन्हें फ़ॉलोऑन का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी पारी में 129 रनों की बेहतरीन ओपनिंग साझेदारी के बाद भी हरियाणा की पूरी टीम 206 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई।
वहीं कर्नाटका ने केरला के ख़िलाफ़ पहली पारी की बढ़त के आधार पर तीन अंक बटोर कर क्वार्टरफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है। कर्नाटका फ़िलहाल एलीट ग्रुप सी के अंक तालिका में 29 अंको के साथ टॉप पर है। केरला ने अपनी पहली पारी में 342 का स्कोर बनाया था, जिसमें सचिन बेबी ने 141 रनों की पारी खेली थी। इसके जवाब में कर्नाटका ने नौ विकेट के नुक़सान पर 484 रन बनाया, जिसमें मयंक अग्रवाल ने 208 रनों की पारी खेली। इसके बाद केरला ने अपनी दूसरी पारी मं 96 रन बनाए लेकिन उसका कोई लाभ नहीं था क्योंकि कर्नाटका की टीम पहले ही बढ़त ले चुकी थी।
वहीं डिफ़ेंडिंग चैंपियन मध्यप्रदेश को पंजाब के सामने पारी से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वह क्वार्टरफ़ाइनल में पहुंच चुके हैं, क्योंकि छह मैचों में 32 अंक अर्जित करके एलीट ग्रुप डी के टॉप पर है।
मोहाली में खेले गए मैच में पंजाब ने पहली पारी में 443 रनों की पारी खेली, जिसमें निखिल वहेरा ने 214 और अनमोलप्रीत सिंह ने 124 रनों की पारी खेली। जवाब में मध्यप्रदेश की टीम सिर्फ़ 244 के कुल योग पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद मध्यप्रदेश को फ़ॉलोऑन का सामना करना पड़ा और उनकी टीम सिर्फ़ 77 रन बनाकर आउट हो गई
सरवटे की गेंदबाज़ी के सामने नहीं टिक पाई गुजरात
बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ आदित्य सरवटे ने गुजरात के ख़िलाफ़ पहली पारी में 64 रन देकर पांच विकेट लिए और दूसरी पारी में सिर्फ़ 17 रन देकर छह विकेट झटके। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के कारण दूसरी पारी में गुजरात 73 रनों की छोटे स्कोर का पीछा नहीं कर पाया और पूरी टीम 54 के स्कोर पर बंडल हो गई।
यह भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे कम स्कोर के बचाव का रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड बिहार के नाम था, जब उन्होंने 1948-49 में जमशेदपुर में दिल्ली के ख़िलाफ़ 78 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
विदर्भ पहली पारी में सिर्फ़ 74 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी। गुजरात की तरफ़ से चिंतन गजा और तेजस पटेल ने पांच-पांच विकेट हासिल किए थे। इस स्कोर के जवाब में गुजरात की टीम ने 256 का स्कोर बनाया और उनके पास कुल 182 रनों की बढ़त थी। दूसरी पारी में भी विदर्भ की शुरुआत कुछ ख़ास नहीं रही लेकिन जितेश शर्मा के तेज़-तर्रार 69 रनों की पारी की मदद से उनकी टीम 254 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। उस समय ऐसा लगा था कि गुजरात इस मैच को आसानी से जीत जाएगा। दूसरे दिन की खेल की समाप्ति पर गुजरात का स्कोर छह रन पर एक विकेट था।
लेकिन खेल के तीसरे दिन सरवटे ने मैच को एकदम से ही पलट दिया। गुरुवार को उन्होंने अपना कमाल दिखाते हुए गुजरात के बल्लेबाज़ी क्रम को तहस-नहस कर दिया। उनको अपनी टीम के दूसरे बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे से भी पर्याप्त सहयोग मिला, जिन्होंने 11 रन देकर तीन विकेट लिए।
आंध्रा ने सौराष्ट्र को चौंकाया
बाएं हाथ के स्पिनर ललित मोहन ने इस मैच में 11 विकेट लिए, जिसमें उन्होंने दूसरी पारी में 58 देकर छह विकेट लिया। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पहली पारी में आंध्रा ने 415 रन बनाए थे, जिसमें अश्विन हेब्बर ने 109 और रिकी भुई ने 80 रनों की पारी खेली। जवाब में सौराष्ट्र अपनी पहली पारी में सिर्फ़ 237 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद आंध्रा के पास 178 रनों की बढ़त थी। दूसरी पारी में आंध्रा ने 164 के स्कोर पर पारी घोषित करते हुए सौराष्ट्र के सामने 343 रनों का लक्ष्य रखा लेकिन उनकी टीम सिर्फ़ 143 के योग तक ही पहुंच पाई।
बिहार और मणिपुर खेलेगी प्लेट ग्रुप का फ़ाइनल
सेमीफ़ाइनल में मेघालय को 302 रनों से हराकर बिहार अब मणिपुर के साथ फ़ाइनल में प्रवेश कर चुकी है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ बिपिन सौरभ 177 रनों की पारी के बदौलत बिहार ने अपने पहली पारी में 428 रन बनाए थे। जवाब में मणिपुर की टीम सिर्फ़ 134 के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई। हालांकि बिहार ने मेघालय को फॉलोऑन का न्योता नहीं दिया और बल्लेबाज़ी जारी रखी। हालांकि दूसरी पारी में बिहार सिर्फ़ 164 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई और विपक्षी टीम के सामने 459 रनों का लक्ष्य रखा, लेकिन मेघालय सिर्फ़ 156 के स्कोर पर ऑलआउट हो गया।
मणिपुर ने सिक्किम के ख़िलाफ़ 337 रनों का पीछा करके फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है। मणिपर की तरफ़ से सुमित सिंह ने कमाल का प्रदर्शन किया लेकिन उनकी टीम को जीत नहीं मिली। उन्होंने 56 और 168 रनों की पारी खेलने के अलावा दूसरी पारी में 60 रन देकर छह विकेट भी हासिल किए लेकिन वह जीत के लिए काफ़ी नहीं थे। सिक्किम पहली पारी में 63 रन से आगे था। दूसरी पारी में सुमित ने 168 रन बनाए और अपनी टीम को 273 के योग तक पहुंचाया। मणिपुर के सामने 336 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे उन्होंने आठ विकेट के नुक़सान पर प्राप्त कर लिया।

हिंमांशु अग्रवाल ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।