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वनडे विश्‍व कप में भारत के शीर्ष छह में दो बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ चाहते हैं रवि शास्‍त्री

शास्त्री के अनुसार अगर भारत युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का सही संतुलन बनाता है तो वह टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार होगा

Ishan Kishan laughs during India's training session in Arundel ahead of the World Test Championship final, June 1, 2023

क्‍या वनडे विश्‍व कप में मध्‍य क्रम में फ़‍िट बैठ पाएंगे किशन?  •  ICC via Getty Images

क्‍या भारत की वनडे टीम में अभी शीर्ष छह में बहुत सारे दायें हाथ के बल्‍लेबाज़ हैं ? वैसे भारत के पूर्व प्रमुख कोच रवि शास्‍त्री भी यही सोचते हैं और इस साल होने वाले वनडे विश्‍व कप में वह भारत के शीर्ष छह में कम से कम दो बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ देखना चाहते हैं।
शास्‍त्री ने दि वीक से कहा, "आपको एक सही संतुलन की ज़रूरत है। क्‍या आपको लगता है कि एक बायें हाथ का बल्‍लेबाज़ शीर्ष क्रम में अंतर पैदा कर सकता है ? ओपनिंग पर नहीं तो शीर्ष तीन या चार पर। आपको यह सभी विकल्‍प देखने होंगे, सही मायने में शीर्ष छह में मैं दो बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ देखना चाहता हूं।"
कार दुर्घटना के कारण जब ऋषभ पंत इस साल कोई पेशेवर क्रिकेट नहीं खेलने जा रहे हैं तो भारत ने वनडे क्रिकेट में एक अच्‍छा बायें हाथ का बल्‍लेबाज़ गंवाया है। उन्होंने कुछ मैचों में इशान किशन का प्रयोग ज़रूर किया है। रवींद्र जाडेजा भी एक अन्‍य विकल्‍प हैं लेकिन उनके पास शीर्ष छह में बल्‍लेबाज़ी करने का अधिक अनुभव नहीं है। यशस्‍वी जायसवाल वेस्‍टइंडीज़ दौरे पर टेस्‍ट टीम में जगह बनाने में क़ामयाब रहे हैं, लेकिन वह वनडे टीम से गायब हैं।
विश्‍व कप 5 अक्‍तूबर से शुरू होना है। पंत अगर इस समय तक फ़‍िट हो जाते हैं तो वह टीम में आ सकते हैं लेकिन अन्‍य बायें हाथ के कौन से विकल्‍प हैं?
शास्‍त्री ने कहा, "आपके पास इशान किशन है। विकेटकीपिंग खेमे में आपके पास संजू सैमसन हैं। लेकिन बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ के रूप में आपके पास यशस्‍वी जायसवाल और तिलक वर्मा हैं। ऐसे कई बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ हैं जो इस समय किसी भी सीनियर खिलाड़ी की जगह ले सकते हैं।"
शास्‍त्री ने साथ ही कहा कि भारत को विश्‍व कप को देखते हुए युवा और अनुभवी खिलाड़‍ियों का पूल बनाने की ज़रूरत है। वह जहां लाल गेंद क्रिकेट में भारत की गहराई से चिंतित दिखे तो वहीं सफ़ेद गेंद क्रिकेट में जिस तरह का कौशल आ रहा है उससे खु़श भी दिखे।
उन्‍होंने कहा, "यहां पर कई सारे युवा हैं। जायसवाल हैं, मैं कुछ नाम भूल सकता हूं लेकिन तिलक वर्मा हैं, नेहाल वढेरा हैं। साई सुदर्शन हैं, जिन्‍होंने आईपीएल फ़ाइनल में अच्‍छा प्रदर्शन किया। जितेश शर्मा भी हैं।"
"गेंदबाज़ों में आपके पास कई अच्‍छे तेज़ गेंदबाज़ हैं। आपके पास मुकेश कुमार हैं, कई के नाम मेरे दिमाग़ में नहीं आ रहे हैं लेकिन कम से कम चार से पांच ऐसे गेंदबाज़ हैं जो 135-140 किमी प्रति घंटा की गति से गेंदबाज़ी करते हैं। तो मैं सफ़ेद गेंद के कौशल खिलाड़‍ियों को लेकर चिंतित नहीं हूं।"
"आपके पास इन दिनों ऐसे बहुत से खिलाड़‍ी हैं जिनको चोट लगी हैं। मैं हमेशा से 15-20 खिलाड़‍ियों का पूल पसंद करता हूं। आपको हमेशा तैयार रहना चाहिए। आपको प्‍लान बी और प्‍लान सी के लिए तैयार रहना चाह‍िए।"
एक और नाम जिसके बारे में शास्‍त्री ने बहुत खुलकर बात की वह संजू सैमसन थे। केरला का यह बल्‍लेबाज़ टीम से अंदर और बाहर होता रहा है, लेकिन अगले महीने वेस्‍टइंडीज़ दौरे के लिए चुनी गई वनडे टीम में उन्‍हें जगह मिली है। शास्‍त्री ने उनकी तुलना युवा रोहित शर्मा से की और उन्‍हें लगता है कि यह विकेटकीपर बल्‍लेबाज़ वह मैच विजेता बन सकता है जिसको भारत देख रहा है।
उन्‍होंने कहा, "संजू सैमसन वह हैं जिन्‍हें अभी भी अपनी क़ाबिलियत पर विश्‍वास करने की ज़रूरत है। वह मैच विजेता हैं। हालांकि फ़िलहाल उनमें कुछ है जो मिसिंग है। अगर वह अपने करियर में ढेर सारे रन नहीं बनाते हैं तो मुझे काफ़ी निराश होगी। यह ऐसा है जैसे जब मैं कोच था, तो मुझे निराशा होती अगर रोहित शर्मा नियमित टेस्ट खिलाड़ी के रूप में मेरी टीम में नहीं खेलते। अब वह ओपनिंग कर रहे हैं, मैं यही संजू के साथ महसूस करता हूं।"
शास्‍त्री को लगता है कि ऐसे कई युवा हैं जो दरवाज़ा खटखटाने को तैयार हैं और भारत को आगे की प्‍लोनिंग के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्‍होंने कहा, "कई सीनियर खिलाड़ी हैं जो संन्‍यास के दरवाज़े पर जल्‍द लाने वाले हैं तो वहीं कई युवा हैं जो तैयार हैं। जब टी20 क्रिकेट की बात आती है तो इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट में यह कम है और टेस्ट में तो और भी कम है, जहां युवाओं को जगह देने की कोशिश हो।"
"आईपीएल की वजह से आप सफ़ेद गेंद के कई हाई क्‍वालिटी युवा खिलाड़ी देखते हैं। हालांकि लाल गेंद की क्रिकेट के लिए मैं चयनकर्ताओं के साथ बैठूंगा और इस बारे में और अधिक पता लगाऊंगा कि लाल गेंद से उन्होंने किस टीम के ख़िलाफ़ बढ़िया प्रदर्शन किया था, किन परिस्थितियों में किया था, उनकी ताक़त क्या है, उस व्यक्ति का स्वभाव कैसा है।"
"मेरे लिए स्‍वभाव महत्‍वपूर्ण है, यह सर्वोपरि है। क्‍या उस लड़के में लड़ने की भूख है? जब टीम मुश्किलों में हो तो क्‍या वह सभी मुश्किलें झेलने के लिए तैयार है? यही क्‍वालिटी मैं टेस्‍ट क्रिकेटर में देखता हूं। जब मैं कोच के तौर पर निडर शब्‍द का इस्‍तेमाल करता हूं तो यही क्‍वालिटी हैं जो निडर क्रिकेटर बनाती हैं। जो अपनी क़ाबिलियत और ताक़त पर विश्‍वास करे और सहमे नहीं।"
"खु़शकिस्‍मती से भारत के पास दूसरे देशों के मुक़ाबले खिलाड़‍ियों का पूल बड़ा है। मुझे लगता है कि आपके पास हर प्रारूप में एक अच्‍छी बेंच स्‍ट्रैंथ होनी आवश्‍यक है।"
शास्‍त्री को विश्‍वास है कि भारत घर में होने वाले विश्‍व कप में दावेदार के रूप में उतरेगी और अगर उन्‍हें सही संतुलन मिला तो वे जीत भी सकते हैं। उन्‍होंने कहा, "वे घर पर खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि वे विश्‍व कप जीतने के दावेदारों में से एक हैं। मैं आपको अभी बता रहा हूं, मुझे लगता है कि वे इसको जीत भी सकते हैं। अगर वह युवा और अनुभवी का एक बेहतर संतुलन बनाने में क़ामयाब रहे। और अभी सही टीम चुनने के लिए बहुत समय बचा है। अगर आपको अपनी फुल स्‍ट्रैंथ टीम मिल गई तो मुझे लगता है कि भारत इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के साथ विश्‍व कप जीतने का दावेदार है।"