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महिला टी20 चैलेंज में इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नज़रें

भारत की अनकैप्ड खिलाड़ियों में किरण नवगिरे, सुजाता मलिक, वी चंदू को खेलते देखना दिलचस्प होगा

2020 में यूएई में हुए आख़िरी महिला टी20 चैलेंज के बाद एक बार फिर यह टूर्नामेंट भारत में लौट आया है। 23 मई से शुरु होने वाले इस तीन टीमों के टूर्नामेंट में कुल 12 विदेशी खिलाड़ियों और 12 भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों में से ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो ने छह ऐसे खिलाड़ियों को चुना है जिन्हें खेलते हुए देखना काफ़ी दिलचस्प रहने वाला है।
महाराष्ट्र की 26 वर्षीय हरफ़नमौला खिलाड़ी को लेकर चर्चा है कि आगामी महिला टी20 चैलेंज का संस्करण उनके लिए कुछ वैसा ही सिद्ध हो सकता है जैसा कि 2019 का संस्करण शेफ़ाली वर्मा और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सिद्ध हुआ था।
पिछले महीने सीनियर महिला टी20 ट्रॉफ़ी में नागालैंड के पहले मैच में अरुणाचल प्रदेश के ख़िलाफ़ किरण की 76 गेंदों में 162 रनों की ताबड़तोड़ पारी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। किरण इस पारी के बाद टी20 की किसी पारी में 150 से अधिक रन बनाने वालीं पहली खिलाड़ी बन गईं। अगर किरण वेलॉसिटी के लिए इसी तेज़ी के साथ बल्लेबाज़ी करती हैं तो एमएस धोनी की फ़ैन निश्चित तौर पर विपक्षी टीम के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती हैं। किरण ने अभ्यास सत्र के दौरान अपनी पावर हिटिंग क्षमता की झलक दिखाना भी शुरु कर दिया है, ख़ुद कप्तान दीप्ति शर्मा ने इस बात की पुष्टि भी की है।
ऑस्ट्रेलियाई रिस्ट स्पिनर के लिए यह साल लगातार बेहतर होता जा रहा है। क्रिकेट के तमाम प्रारूपों में प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण और जनवरी-फ़रवरी में ऐशेज़ जीतने वाला अभियान, विश्व कप में पहली बार खेलने का मौक़ा जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने दोबारा अपनी गद्दी प्राप्त की, पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के टॉप 15 रोस्टर में प्रमोशन जिसके बाद उन्हें केंद्रीय करार पूल में जगह मिली और अब एक एंग्लो इंडियन माता-पिता की संतान की एक ऐसे देश में वापसी जहां तीनों टीमों में वह इक़लौती ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि हैं।
26 वर्षीय यह गेंदबाज़ पुणे के एमसीए मैदान में अपनी टीम के लिए काफ़ी उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं जहां की काली मिट्टी से युक्त पिच पारंपरिक तौर पर स्पिनर्स के लिए मददगार सिद्ध होती है। डब्ल्यूबीबीएल 2021-22 में संयुक्त रूप से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालीं पांचवें नंबर की गेंदबाज़ और विश्व कप के फ़ाइनल मुक़ाबले में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 64 रन देकर तीन विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली किंग सुपरनोवाज़ की कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए स्पिन गेंदबाज़ी में सबसे बेहतर विकल्प हैं। किंग गेंदों में अपने मिश्रण के लिए जानी जाती हैं और इंग्लैंड के बाएं हाथ की स्पिनर सोफ़ी एक्लेस्टन के साथ उनका तालमेल दो बार की चैंपियन सुपरनोवाज़ के लिए विजयी संयोजन हो सकता है।
भुवनेश्वर की मध्यम गति की तेज़ गेंदबाज़ स्मृति मंधाना की ट्रेलब्लेज़र्स में ओडिशा से ताल्लुक रखने वाली दो खिलाड़ियों में से एक हैं। उनके अलावा ऑफ़ स्पिनर प्रियंका प्रियदर्शिनी भी इसी टीम का हिस्सा हैं। सुजाता सीनियर वुमेंस टी20 ट्राफ़ी में दूसरी सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ थीं, जहां ओडिशा को सेमीफ़ाइनल में रेलवे के हाथों हार झेलनी पड़ी।
टीम में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर अरुंधति रेड्डी और रेणुका सिंह की मौजूदगी के कारण सुजाता को बेंच पर बैठना पड़ सकता है जो कि ओडिशा के लिए गेंदबाज़ी की शुरुआत करती हैं। राउंड रॉबिन स्टेज में हर टीम के साथ लीग चरण में अधिकतम दो मैच खेलने का ही विकल्प है। हालांकि 28 वर्षीय इस गेंदबाज़ की दोनों तरफ़ गेंद को घुमाने की क़ाबिलियत एक या दो मैचों में उन्हें मौक़ा ज़रूर दिला सकती है। सुजाता ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो से कहा कि यह मौक़ा उन्हें और उनके परिवार के वर्षों तक किए गए संघर्ष से छुटकारा दिला सकता है।
बैटिंग ऑलराउंडर ने ख़ुद को इंग्लैंड की टीम के अहम सदस्य तौर पर स्थापित कर लिया है। 2018 में डेब्यू करने वालीं डंकली, पिछली गर्मियों में भारत के ख़िलाफ़ खेली गई घरेलू सीरीज़ के बाद से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। विश्व कप सेमीफ़ाइनल में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उनकी 60 रनों की पारी को भला कौन भूल सकता है जिसमें उन्होंने यह दर्शाया कि वह मैच की परिस्थिति के अनुसार अपना गियर भी बदल सकती हैं।
हाल ही में दुबई में खेली गई फ़ेयरब्रेक इनविटेशनल टी20 प्रतियोगिता में भी उन्होंने 73 गेंदों पर नाबाद 123 रनों की पारी खेली थी। उस टूर्नामेंट में उनकी पार्ट टाइम लेग स्पिन ने सात पारियों में कुल छह विकेट झटके। डंकली की इस विशेषता का ट्रेलब्लेज़र्स की कप्तान मंधाना पूरा लाभ उठाना चाहेंगी।
कर्नाटका की ऑफ़ स्पिनर वी चंदू ने सीनियर वुमेंस टी20 ट्रॉफ़ी में अपनी टीम के लिए सबसे ज़्यादा आठ विकेट लिए थे। एक पारी में उन्होंने पांच विकेट भी अपने नाम किए थे। चंदू ने टूर्नामेंट में 14.97 की औसत और 6.69 की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी की थी। वह अपनी राज्य टीम की 2014-15 से ही नियमित सदस्य रही हैं और नई गेंद के साथ भी दायित्व निभाती हैं।
एक वार्ड बॉय और एक गृहिणी की बेटी, 27 वर्षीय चंदू, भारत की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी वेदा कृष्णमूर्ति, वनिता वीआर और करुणा जैन की तरह, कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिकेट से निकली हैं। सुपरनोवाज़ टीम में उनका चयन घरेलू सर्किट में सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के कारण हुआ है। पिछले दिसंबर में सीनियर 50-ओवर चैलेंजर ट्रॉफ़ी में, भारत बी की गेंदबाज़ सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ थीं। एक महीने पहले, वह सीनियर एक दिवसीय ट्रॉफी में विकेट लेने वालों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर थीं। उस टूर्नामेंट में सौराष्ट्र के ख़िलाफ़ खेले मुक़ाबले में उन्होंने पांच विकेट लिए थे जिसमें वह हैट्रिक लेने से चूक गई थीं।
थाईलैंड के लिए विश्वप कप में सबसे पहला अर्धशतक जड़ने वाली चैंथम को सुपरनोवाज़ के ख़िलाफ़ पिछले संस्करण में मिली ख़िताबी जीत में उनकी पुरानी टीम ट्रेलब्लेज़र्स की बल्लेबाज़ी लाइन-अप में नौवें स्थान पर बल्लेबाज़ी करने के लिए भेजा गया। इसके बावजूद चैंथम ने बाउंड्री लाइन पर अविश्वसनीय तौर पर चौका बचाकर उस टूर्नामेंट में अपनी अमिट छाप छोड़ दी।
महिला टी20 चैलेंज के अपने दूसरे सीज़न में चैंथम वेलॉसिटी का हिस्सा हैं जिसकी कमान ट्रेलब्लेज़र्स की उनकी पुरानी साथी दीप्ति शर्मा के हाथों में है। फ़ेयरब्रेक इनविटेशनल टी20 प्रतियोगिता की सेमीफ़ाइनलिस्ट स्पिरिट के लिए उन्होंने 33 की औसत से 163 रन बनाकर आ रही हैं जो कि उनकी टीम के लिए अच्छे संकेत हैं। थाईलैंड की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज़ का भारत में विस्तृत प्रवास निर्धारित है। महिला टी20 चैलेंज के बाद वह अपनी थाईलैंड की साथियों व भारतीय राष्ट्रीय कोच हर्षल पाठक के साथ पुणे और पुडुच्चेरी में एक ऑफ़ सीज़न शिविर के लिए जुड़ेंगी।

ऑन्नेशा घोष ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।