कनाडा के युवराज सामरा का भारत के युवराज सिंह के साथ कनेक्शन
कनाडा के 20 वर्षीय खिलाड़ी का नाम भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह से प्रभावित होकर रखा गया था, वह आगे चल कर मुंबई इंडियंस के लिए खेलना चाहते हैं
अलगप्पन मुथु
Feb 9, 2026, 2:29 PM • 4 hrs ago

Yuvraj Singh और Yuvraj Singh Samra • Cricket Canada
बलजीत समरा मिज़ाज से थोड़े मज़ाक़िया इंसान हैं। उन्होंने अपने बेटे का नाम भारत के दिग्गज बल्लेबाज़ युवराज सिंह के नाम पर रखा था। वह अक्सर कोशिश करते थे कि बच्चे को पता चले बिना चुपके से क्रिकेट खेलने निकल जाएं, लेकिन उनकी यह चालाकी ज़्यादा काम नहीं आती थी।
T20 विश्व कप में अब कनाडा की नुमाइंदगी करने जा रहे युवराज सिंह समरा उस दौर को याद करते हुए कहते हैं, "जब मैं बहुत छोटा था, तब अपनी मां के साथ सोता था। जैसे ही पिताजी (बलजीत) सुबह सोकर उठते, मेरी आंख खुल जाती थी। वह मुझे मैच दिखाने साथ नहीं ले जाना चाहते थे, इसलिए मैं उठकर फ़ौरन उनसे पूछ लेता था कि आप कहां जा रहे हो? फिर मैं ज़िद करने लगता कि मुझे भी आपके साथ आना है। आख़िरकार वह मुझे ले ही जाते थे। वहां जब तक उनकी टीम बल्लेबाज़ी करती, मैं रुकता था, लेकिन जैसे ही उनकी गेंदबाज़ी की बारी आती, मैं वहां से खिसक जाता था।"
युवराज सिंह समरा लंबे क़द के बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं और उन्हें गेंद को जितनी ज़ोर से हो सके उतनी ज़ोर से मारना पसंद है।
वह कहते हैं, " जब गेंद बल्ले के ठीक बीच में लगती है तो लगता है कि वाह, मज़ा आ गया। स्टेडियम में जब बल्ले के बीच से शॉट लगता है तो जो आवाज़ गूंजती है, वही असली मज़ा है। वह गूंज ही सब कुछ है। इतना सुकून मिलता है कि लगता है दिन भर वही आवाज़ सुनता रहूं।"
समरा सिर्फ़ 19 साल के हैं लेकिन कनाडा के लिए आठ वनडे और 16 T20I मैच खेल चुके हैं। उनके बेहतरीन प्रदर्शनों में एक साल से भी कम पहले बहामास के ख़िलाफ़ लगाया गया 15 गेंदों में अर्धशतक शामिल है। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
समरा की युवराज से दो-तीन बार मुलाक़ात हो चुकी है। उन्होंने कहा, "मुझे ठीक से याद नहीं कि मैं कब उनसे मिला था। शायद तब, जब वह 2019 में टोरंटो नेशनल्स के लिए खेले थे। मेरे पापा वहां थे। पापा ने उन्हें मेरे नाम के बारे में बताया। सुपर 60 शुरू होने पर पिछले साल 2025 में उनसे दोबारा मुलाक़ात हुई।"
"वह जिस तरह गेंद को हिट करते हैं, वह कमाल का है। उसे देख कर ही मज़ा आ जाता है। मेरे पापा हमेशा चाहते हैं कि मैं उनकी नकल करूं। लेकिन मैं हमेशा यही कहता हूं कि मैं अपनी अलग पहचान बनाना चाहता हूं। मैं एबी (डिविलियर्स) जैसा नहीं हूं कि इधर स्कूप, उधर स्कूप करूं। मैं अपने शॉट्स पर भरोसा करता हूं। मुझे वी में खेलना अच्छ लगता है। सीधे शॉट्स मारना ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है।"
Yuvraj Samra और उनके पिता बलजीत•Cricket Canada
सामरा कहते हैं, "मैं इस विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और फ्रेंचाइज़ी लीग खेलना चाहता हूं। यही मेरा मुख्य लक्ष्य है। मैं चाहता हूं कि दुनिया भर की लगभग सभी लीग खेलने वाले शुरुआती कनाडाई खिलाड़ियों में शामिल रहूं। मैं 19 साल का हूं और मुझे लगता है कि मुझमें वह क़ाबिलियत है। मेरे पापा तो चाहते ही हैं कि मैं मुंबई इंडियंस के लिए IPL खेलूं।"
अक्तूबर 2023 तक समरा एज़ ग्रुप क्रिकेट खेल रहे थे। फिर फ़रवरी 2024 में सीनियर टीम के साथ टूर पर जाने का मौक़ा मिला। उस समय उनका सिर सचमुच आसमान में था। उन्होंने कनाडा के लिए अपने दूसरे वनडे मैच में शतक लगाया था।
उन्होंने कहा, " शतक लगाना एक अच्छा एहसास है। मुझे लगा कि यह बहुत बड़ा मौक़ा है। मैं (पूर्व) कोच पबुदु (दस्सनायके) का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उन्हीं की वजह से 17 साल की उम्र में मुझे यह मौक़ा मिला। उस समय बहुत कम लोगों को भरोसा था कि मैं इस स्तर के क्रिकेट के लिए तैयार हूं।"
रिकॉर्ड के लिए बता दें कि युवराज ने भारत के लिए 18 साल की उम्र में डेब्यू किया था और उन्हें अपने पहले शतक के लिए चौथे मैच तक इंतज़ार करना पड़ा था। आने वाले कुछ हफ़्ते समरा के लिए एक बिल्कुल नया माहौल बनाएगा।
उन्होंने कहा, "अभी मैं एक फ़ोटोशूट में था। एक्सप्रेशन्स देने थे। मैं इसमें बिल्कुल अच्छा नहीं हूं। लेकिन मुझे बोला कि बस आप इन पलों का आनंद लो। हमारा पहला T20 विश्व कप मैच साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ है तो मैं मारक्रम से मिलना चाहूंगा। उनसे पूछूंगा कि उनका माइंडसेट कैसा होता है। इतने बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कैसे करते हैं।"
"मुझे लोगों के पास जाकर बात करना ज़्यादा पसंद नहीं है। लेकिन कभी-कभी लगता है कि बात करना ज़रूरी है। मैं थोड़ा शांत स्वभाव का हूं। लेकिन यह ज़िंदगी में एक बार मिलने वाला मौक़ा है। पता नहीं फिर कब वह मौक़ा मिले। तो पूछ ही लेना चाहिए।"
Yuvraj Samra ने हालिया समय में अच्छी बल्लेबाज़ी की है•ICC/Getty Images
"मुझे लगता है कि बड़े खिलाड़ियों और औसत खिलाड़ियों में सबसे बड़ा फ़र्क़ उनकी मानसिक मज़बूती का होता है। जैसे (एमएस) धोनी। उनका कोई ख़ास स्टाइल नहीं था। लेकिन वह मानसिक रूप से बहुत मज़बूत थे।"
"ग्लोबल T20 कनाडा 2024 में वैंकूवर नाइट्स में हमारे कप्तान उस्मान ख़्वाजा थे। वह और बाक़ी सभी खिलाड़ी बहुत शांत रहते थे। बस यही कहते थे कि खेल का आनंद लो। अगर मज़ा नहीं आ रहा तो खेलने का कोई मतलब नहीं। लोग कहते हैं कि इस तरह खेलोगे तो आउट हो जाओगे। आउट तो वैसे भी होना ही है तो बेख़ौफ़ खेलो।"
बड़े सपने। चीज़ों के बिगड़ने की चिंता कम। ढेर सारी घबराहट भरी ऊर्जा। जिज्ञासा। जल्दी मंज़िल तक पहुंचने की चाह। सबसे ज़रूरी चीज़। शायद यही सारी चीज़ें समरा को परिभाषित करती है।
"मैं Fortnite और Call of Duty खेलता हूं। मैं जितना हो सके देर से उठता हूं। थोड़ा टीवी देखता हूं। मां की मदद करता हूं। बाहर नहीं जाता क्योंकि बहुत बर्फ़ होती है।"
समरा के भीतर का बच्चा आज भी ज़िंदा है। लेकिन उनके आसपास के बड़े लोग जानते थे कि उन्हें अपने कंफ़र्ट ज़ोन से बाहर आना होगा।
टोरंटो में रहने वाले क्रिकेट साउथ अफ़्रीका लेवल 3 कोच अमरिंदर भिंडर ने समरा को तकनीक की बुनियाद सिखाई और उनके पिता को पटियाला शाही क्रिकेट क्लब से मिलवाया। 13 साल की उम्र से ही इस क्लब ने समरा के करियर को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्हें पूरे कनाडा में टूर्नामेंट खेलने ले गए और उन्हें खुलकर खेलने में मदद की। धीरे-धीरे क्रिकेट ही सब कुछ बन गया।
जहां उनके हमउम्र बच्चे छुट्टी के दिन मज़े करने के लिए खेलते थे, वहीं वह पूरी तरह इसमें डूब गए।
समरा कहते हैं, "जब मैंने सही मायनों में अपना क्रिकेट सफ़र शुरू किया तो मेरी मां (होशियार समरा) ने अपनी नौकरी छोड़ दी। वह चौबीसों घंटे मेरे साथ रहती थीं। मुझे मैच और अभ्यास के लिए ले जाती थीं। जब तक मैं निकल न जाऊं, साथ रहती थीं।"
आने वाले कुछ हफ़्ते मज़ेदार होने वाले हैं। और शायद हमें यह समझने का मौक़ा देंगे कि क्या हमारी दुनिया दो युवराज सिंहों के लिए काफ़ी बड़ी हो सकती है।