चेन्नई सुपर किंग्स 173/3 (गायकवाड़ 75, डुप्लेसी 56, राशिद 3-36) ने सनराइज़र्स हैदराबाद 171/3 (पांडे 61, विलियमसन 26*, एनगिडी 2-35) को 7 विकेट से हराया।
दिल्ली में खेले गए मुक़ाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को 7 विकेट से शिकस्त देते हुए एक बार फिर IPL अंक तालिका में टॉप का स्थान हासिल कर लिया। इस हार के बाद हैदराबाद अभी भी आख़िरी पायदान पर ही है।
डेविड वॉर्नर ने दिल्ली में खेले गए इस सीज़न के पहले मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि, "ऐसा हमने इसलिए किया क्योंकि अब तक हमने पहले बल्लेबाज़ी नहीं की थी।" ये एक कोशिश थी कि हैदराबाद की क़िस्मत को बदला जा सके, लेकिन बल्लेबाज़ों ने टीम का स्कोर 171/3 तक ही पहुंचाया। वॉर्नर ने ख़ुद भी अर्धशतक ज़रूर लगाया लेकिन वह उनके शैली के विपरित था, जबकि वापसी कर रहे मनीष पांडे ने 46 गेंदों पर 61 रन बनाए। इसके बावजूद ऐसा लगा कि शायद इस पिच पर ये स्कोर नाकाफ़ी साबित होगा।
इस बात को पूरी तरह सही साबित किया ऋतुराज गायकवाड़ ने जिन्होंने 44 गेंदों पर 75 रनों की पारी खेली, इस पारी में उनके बल्ले से छक्का तो नहीं आया लेकिन एक दर्जन चौके ज़रूर निकले। तो उनका बख़ूबी साथ दिया अनुभवी फ़ाफ़ डुप्लेसी ने, जिन्होंने 38 गेंदों पर 56 रन बनाए। चेन्नई के इन दोनों ही सलामी बल्लेबाज़ों का स्ट्राइक रेट हैदराबाद के बल्लेबाज़ों से कहीं बेहतरीन था। हालांकि राशिद ख़ान ने करामात दिखाई लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी और तीन बार की चैंपियन चेन्नई ने 18.3 ओवर में जीत हासिल कर ली।
मुश्किल में दिखे वॉर्नर, पांडे का पलटवार
डेविड वॉर्नर ने अर्धशतक तो ज़रूर जड़ा लेकिन वह उनके T20 करियर का सबसे धीमा अर्धशतक रहा, वॉर्नर ने 50गेंदों पर पचासा पूरा किया। साथ ही साथ वॉर्नर ने T20 क्रिकेट करियर में 10 हज़ार रन भी पूरे कर लिए, ऐसा करने वाले वह सिर्फ़ चौथे क्रिकेटर हैं। लेकिन ये दोनों ही माइलस्टोन एक ऐसे मैच में आए जिसे वह याद नहीं रखना चाहेंगे। अपनी इस पारी के दौरान वॉर्नर ख़ुद से काफ़ी नाराज़ भी दिखे, आख़िरकार उन्होंने 55 गेंदों पर 57 रन बनाया।
दूसरी ओर वापसी कर रहे मनीष पांडे बेहद आकर्षक अंदाज़ में खेल रहे थे, लेकिन उन्होंने भी कोई बड़े शॉट लगाने की कोशिश नहीं की। यहां तक कि जब वॉर्नर मुश्किल में थे और उनके बल्ले से रन नहीं आ रहे थे तब भी पांडे सिंगल और डबल्स की तलाश में ही थे। इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 106 रन तो जोड़े लेकिन इसके लिए उन्होंने 13.5 ओवर का सामना किया। इससे पहले IPL इतिहास में इससे धीमी शतकीय साझेदारी सिर्फ़ 3 बार ही दिखी है और 2017 के बाद ये पहला मौक़ा था।
विलियमसन बने फ़िनिशर
केन विलियमसन ने अपनी टीम की रनगति को बढ़ाने का पूरा प्रयास किया और आख़िरी लम्हों में उन्होंने 10 गेंदों पर 26* रन बनाए और एक ऐसे स्कोर तक हैदराबाद को पहुंचाया जहां से गेंदबाज़ों के लिए कुछ गुंजाइश रहे। विलियमसन जब बल्लेबाज़ी करने आए थे तो उस समय टीम का स्कोर 17.1 ओवर में 128/2 था और ESPN क्रिकइनफ़ो के फ़ॉरेकास्टर टूल ने तो उस समय 156 रनों तक ही पहुंच पाने की भविष्यवाणी की थी। लेकिन विलियमसन और केदार जाधव की जोड़ी ने 13 गेंदों पर 37 रन बनाते हुए टीम को 170 के पार पहुंचाया।
गायकवाड़-डुप्लेसी की शतकीय साझेदारी
हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज़ों को जहां रन बनाने में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा था तो चेन्नई के दोनों ओपनर इसके उलट आक्रामक अंदाज़ में नज़र आ रहे थे। गायकवाड़ और डुप्लेसी ने वॉर्नर और पांडे से कम गेंदें खेलीं लेकिन उनके बीच 129 रनों की साझेदारी हुई, जबकि वॉर्नर-पांडे ने 106 रन बनाए थे।
हैदराबाद के गेंदबाज़ों को पिच से मानो कोई मदद ही नहीं मिल रही थी, जिसका फ़ायदा उठाते हुए चेन्नई के सलामी बल्लेबाज़ एक के बाद एक शॉट खेल रहे थे। गायकवाड़ ने जहां जगदीश सुचित और राशिद ख़ान पर प्रहार किए तो डुप्लेसी ने संदीप शर्मा, ख़लील अहमद और सिद्धार्थ कौल की पेस तिकड़ी पर आक्रमण किया।
चेन्नई के लिए राशिद ख़ान के 4 ओवर बेहद अहम थे और गायकवाड़ ने इस मुश्किल को तब आसान बना दिया, जब उन्होंने राशिद के ख़िलाफ़ बेहद आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की।
देर से हुआ ख़ान साहब का करिश्मा
हालांकि राशिद ख़ान ने ही गायकवाड़ को पवेलियन की राह दिखाई, और फिर अपनी गुगली पर मोईन अली को भी राशिद ने अपना शिकार बनाया। तुरंत ही बाद डुप्लेसी भी राशिद ख़ान की गुगली पढ़ पाने में असफल रहे।
राशिद ख़ान ने तीन विकेट लेकर अपनी वापसी तो की लेकिन तब तक काफ़ी देर हो चुकी थी। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की रफ़्तार पर ज़रूर ब्रेक लगाया लेकिन जीत का सेहरा चेन्नई के ही सिर बंधा।

सौरभ सोमानी ESPNcricinfo में ऐसिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।