यह समझने के लिए सबसे कठिन ऐशेज़ सीरीज़ है।

सबसे पहले दोनों टीम विवादों से घिरी हुई हैं। टिम पेन का संकट और अज़ीम रफ़ीक यॉर्कशायर मामला। इसके बाद किसी भी टीम ने इस सीरीज़ से पहले कोई गंभीर क्रिकेट नहीं खेला है। ऐसे में दोनों ही टीमों में सफ़लता हासिल करने वाले खिलाड़ियों को चुनना कठिन है।

हालांकि यह अब भी ऐशेज़ है और एक टीम को दूसरी टीम पर फायदा मिलेगा। ऐसा लगता है कि गाबा में इंग्लैंड को जल्दी से अपनी साख स्थापित करनी होगी नहीं तो ऑस्‍ट्रेलियाई टीम उनसे आगे निकल जाएगी।

इंग्लैंड के पास उनके पहले टेस्ट में मौक़ा होगा। पिच के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, बेन स्टोक्स वापसी कर चुके हैं और पैट कमिंस को कप्तान के तौर पर स्थापित होना है।

आख़िरी प्वाइंट ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। कप्तान के तौर पर कमिंस सही विकल्प हैं। वह ऑस्ट्रेलिया में अब तक के सबसे प्रेरणादायक क्रिकेटर हैं। यदि टीम का कोई साथी कमिंस के नेतृत्व से प्रेरित नहीं है, तो वह ग़लत ग्रेड खेल रहा है। हालांकि, उप-कप्तान के रूप में स्टीव स्मिथ एक विवादास्पद विकल्प हैं। स्मिथ की कप्तानी की सजा डेविड वॉर्नर से कैसे अलग है?

धोखा देना गलत है और दोनों खिलाड़ी 2018 के न्यूलैंड्स वाले मामने में शामिल थे। ऐसा होने पर उनकी सजा समान होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हैं। मैं केवल यह मान सकता हूं कि कप्तानी से वंचित न होने की वजह से स्मिथ को कम सजा मिली, क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) में किसी को वार्नर पसंद नहीं था। पसंद और नापसंद किसी भी चयन दुविधा का हिस्सा नहीं हो सकते हैं और सीए को एक नए नेतृत्व की जोड़ी के साथ अतीत से पूरी तरह से ब्रेक लेना चाहिए था।

इंग्लैंड को गाबा में जल्दी से स्थापित होने की ज़रूरत है, क्योंकि उन्हें यह विकेट जल्दी मदद कर सकता है। अगर स्टोक्स फिर ख़ुद को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के दिमाग में रखते हैं, तो इससे मेज़बान टीम का आत्मविश्वास कम होगा और एक कप्तान के रूप में कमिंस में कुछ संदेह पैदा हो सकते हैं। यहां तक ​​कि अगर इंग्लैंड पहला टेस्ट नहीं जीतता है, तो उसे पूरे जोश के साथ एडिलेड में दिन-रात के टेस्ट में शीर्ष पर जाकर खेलना होगा। दूसरी ओर, यदि ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है या कम से कम ब्रिस्बेन में एडवांटेज हासिल कर लेता है, तो एक अस्थिर मेहमान टीम एक विजयी मनोवैज्ञानिक लाभ हासिल करने के लिए संघर्ष करेगी।

जो रूट की नेतृत्व क्षमता सर्वश्रेष्ठ है। एक कप्तान के रूप में उनमें कल्पना की कमी है, जो ऑस्ट्रेलिया में एक आवश्यक गुण हो सकता है। इंग्लैंड की सबसे अच्छी उम्मीद यह है कि स्टोक्स ख़ुद को आगे आकर ​स्थापित करें और उनकी सलाह पूरी टीम प्राप्त करेगी। स्टोक्स का मुखर स्वभाव है और अगर रूट ने उनके इनपुट को स्वीकार कर लिया, तो इंग्लैंड के ऑन-फ़ील्ड नेतृत्व पर बड़ा फ़र्क पड़ेगा।

ऑस्ट्रेलिया के पास तीन स्थापित बल्लेबाज़ हैं : वॉर्नर, स्मिथ और मार्नस लाबुशेन। उनके पास तीन अन्य हैं जो एक जुए की तरह हैं, जिसमें कैमरन ग्रीन के सफल होने की सबसे अधिक संभावना है। मार्कस हैरिस और या तो उस्मान ख्वाजा या ट्रैविस हेड ऐसे खिलाड़ी हैं, जो छुपे रूस्तम साबित हो सकते हैं।

पूर्व ऑस्‍ट्रेलियाई कप्‍तान इयन चैपल कॉलमिस्‍ट हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।