फ़ीचर्स

केन विलियमसन की शानदार पारी इतिहास को मात देने में सक्षम नहीं थी

विलियमसन ने कल के मैच में स्टार्क की गेंदों पर काफ़ी रन बटोरा

An airborne Kane Williamson punches one through the off side, Australia vs New Zealand, T20 World Cup final, Dubai, November 14, 2021

फ़ाइनल में अपनी शानदार पारी के दौरान गेंद को सीमा रेखा से बाहर भेजते हुए विलियमसन  •  Getty Images

सेमीफ़ाइनल में जब डैरिल मिचेल ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ विजय रन बनाया था, तब केन विलियमसन और जिमी नीशम डगआउट में बिल्कुल ही भावशून्य थे। उसके ठीक 96 घंटों के बाद जब फ़ाइनल में मैक्सवेल ने विजयी रन बनाए तो न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम भावशून्य थी।
1981 के बाद से न्यूज़ीलैंड कभी भी नॉकआउट मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया के सामने नहीं टिक पाया है। कल के मैच में विलियमसन ने एक बार के लिए इस लकीर को लांघने का प्रयास तो किया लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम के मास्टर क्लास प्रदर्शन के सामने वह सफ़ल नहीं हो सके।
जॉश हेज़लवुड और पैट कमिंस ने ख़ास रणनीति के साथ गेंदबाज़ी करते हुए ऑफ़ साइड में पांच खिलाड़ी सर्कल में खड़े कर दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने लगातार हार्ड लेंथ गेंद और कटर गेंदों के साथ विलियमसन पर आक्रमण किया। उस वक़्त गेंद भी थोड़ा फंस कर बल्ले पर आ रही थी। पहली 10 गेंदों पर विलियमसन पांच रन बना कर खेल रहे थे। सात ओवर में न्यूज़ीलैंड का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 37 रन था।
विलियमसन कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे थे। वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों के सामने थे। वह अपनी कोहनी की चोट से भी जूझ रहे थे। वह न्यूज़ीलैंड टीम के सामने आ रहे सभी बाधाओं से लड़ रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने इस कठिन परिस्थिति से निकलने का रास्ता ढूंढ़ लिया, जैसे वह आमतौर पर करते हैं।
वह आगे निकल कर आए और एक्सट्रा कवर के ऊपर से गेंद को बैंडन मैक्कलम की तरह उठा कर मारा। अगली गेंद को उन्होंने गेंद मिड विकेट की दिशा में उठा कर मारा और गेंद सीमा रेखा के बाहर चली गई। इसके बाद विलियमसन की पारी में एक आक्रामक मोड़ आया। हालांकि अगर फ़ाइन लेग पर हेज़लवुड उनका कैच लपक लेते, तो विलियमसन की पारी काफ़ी पहले ही रूक जाती।
जब यह कैच ड्रॉप हुआ उससे पहले स्टार्क ने विलियमसन को दो गेंदों में केवल तीन रन दिए थे, लेकिन अंत में विलियमसन ने स्टार्क की 12 गेंदों पर 39 रन बनाए। विलियमसन पहली 13 गेंदों में सात रन बनाकर खेल रहे थे और बाद में 32 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जो कल उनके बल्लेबाज़ी की पूरी कहानी को बता रही थी।
विलियमसन को उनके आक्रामक रूख़ के कारण काफ़ी फ़ायदा हुआ और उन्होंने टीम के लिए बहुत रन बटोरे। हालांकि शुरुआती दौर में इस आक्रामक रवैये की कमी के कारण न्यूज़ीलैंड को इसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ा। मैक्सवेल के पहले 2 ओवरों में उन्होंने सिर्फ़ 14 रन बटोरे।
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के स्मार्ट स्टैट्स के अनुसार उनका योगदान वास्तव में 103 रनों के लायक था। विलियमसन ने न्यूज़ीलैंड को उम्मीद दी थी लेकिन उसे मिचेल मार्श और डेविड वॉर्नर ने कुचल दिया।
पावरप्ले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने अपने कप्तान का विकेट गिरने के बावजूद बहुत रन बटोरे। मार्श और वॉर्नर के बीच 59 गेंदों में 92 रनों की साझेदारी हुई। इन दोनों बल्लेबाज़ों ने सभी कीवी गेंदबाज़ों पर लगातार आक्रमण किया।
विलियमसन ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "हमारे खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की और हमने आज एक सम्मानजनक स्कोर भी बनाया था। दुर्भाग्य से आज हम विकेट लेने के अधिक अवसर पैदा नहीं कर सके। ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने लक्ष्य का पीछा करने में बेहतरीन थी। उनका विश्व कप का अभियान शानदार रहा है और वे पूरी तरह से इस जीत के हक़दार थे।"

देवरायण मुथु ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।