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राहुल द्रविड़ : इंग्लैंड को अच्छी विकेट पर रोकना 'असाधारण' था

शॉर्ट बॉल की रणनीति बनाने और उस पर टिके रहने के लिए टीम से प्रभावित हुए मुख्य कोच

Rohit Sharma and Rahul Dravid during a training session, Bengaluru, March 10, 2022

राहुल द्रविड़ ने कहा, 'हम गेंद के साथ शानदार थे। हमने जिस तरह से गेंदबाज़ी की वह असाधारण था'  •  Associated Press

भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने निर्णायक वनडे मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए गेंदबाज़ों की जमकर तारीफ़ की। भारत ने प्रत्येक मैच में इंग्लैंड को ऑलआउट किया। टीम इंडिया ने मैनचेस्टर में इंग्लैंड को 259 पर रोक दिया, जो "बहुत अच्छी पिच" पर "शानदार" था।
द्रविड़ ने बीसीसीआई वेबसाइट को कहा, "हम गेंद के साथ शानदार थे। हमने जिस तरह से गेंदबाज़ी की वह असाधारण था। वह बहुत अच्छी विकेट थी और इंग्लैंड जैसी टीम को 260 (259) तक सीमित रखने में सक्षम होने के लिए हमने शानदार प्रदर्शन किया। हमने पहले कुछ विकेट चटकाए, फिर उन्होंने साझेदारी की, लेकिन मुझे लगा कि हमारी योजनाएं और रणनीति बिल्कुल शानदार थी।"
द्रविड़ जिस रणनीति का ज़िक्र कर रहे थे, वह छोटी या बैक ऑफ़ लेंथ की गेंदबाज़ी करने की, उछाल प्राप्त करने की और लेग साइड की बड़ी बाउंड्री को खेल में लाने की कोशिश करने की योजना है। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के आंकड़ों के अनुसार हार्दिक पंड्या, जिन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए, उन्होंने अपने सात ओवरों में केवल एक फ़ुल गेंद फेंकी। उन्होंने 15 छोटी गेंदें डालीं और 24 गेंदें या तो लेंथ पर या शॉर्ट ऑफ़ लेंथ पर थीं।
लियम लिविंगस्टन और जॉस बटलर इस शॉर्ट-बॉल प्लान के शिकार बने, वे दोनों पारी के 37वें ओवर में चलते बने। यह सब 35वें ओवर में शुरू हुआ जब लिविंगस्टन काउंटर अटैक करना चाह रहे थे, स्क्वेयर लेग के पीछे छक्का जड़ने के पहले उन्होंने दो छोटी गेंदों को मिस किया। दो गेंद बाद हार्दिक की गेंद उनके हेलमेट पर लगी।
हार्दिक के अगले और पारी के 37वें ओवर की पहली गेंद पर लिविंगस्टन पहले से तैयार थे और पुल करके छक्का बटोरा लेकिन उसी ओवर में डीप स्क्वेयर लेग के ऊपर से खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए। जब बटलर ने ऑफ़ स्टंप के बाहर से डीप मिडविकेट पर एक पुल शॉट घसीटकर मारा तो इंग्लैंड का स्कोर 198 पर सात विकेट हो गया।
द्रविड़ ने स्वीकार किया, "गेंदबाज़ों को जमाकर शॉर्ट गेंद करने की, कुछ बहुत अच्छी रणनीतियों पर काम करने के लिए टीम और कप्तान को श्रेय दिया जाता है। इसका वास्तव में बहुत अच्छा परिणाम आया।"
वह शीर्ष क्रम के बिखरने के बाद भारत की प्रतिक्रिया से भी विशेष रूप से ख़ुश थे। 10 ओवर के अंदर शीर्ष तीन बल्लेबाज़ों को खोने के बाद भारत को हार्दिक और ऋषभ पंत के रूप में संकटमोचक मिले, जिनकी शतकीय साझेदारी ने भारत को जीत की दहलीज़ तक पहुंचा दिया।
उन्होंने कहा, 'हार्दिक और ऋषभ ने जिस तरह से जवाब दिया वह शानदार था। दबाव में और जब श्रृंखला दांव पर थी, यह देखना वाकई अच्छा था। इस तरह की साझेदारी करना और ऋषभ और हार्दिक ने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की, वह हमारे लिए बहुत ख़ुशी की बात थी।"
हार्दिक ने चार विकेट चटकाने के साथ 55 गेंदों में 71 रनों की तेज़ तर्रार पारी खेली। उन्हें लगा कि जो कुछ भी हो सकता है उन्होंने किया। हार्दिक ने अपने तरीक़े से जवाबी हमला करते हुए दिखाया कि वह क्या कर सकते हैं। पंत ने सहयोगी का रोल निभाया। हार्दिक ने अपनी पारी में 10 चौके लगाए लेकिन भारत 55 रन से दूर था तब वह आउट हो गए।
हार्दिक ने कहा, "आज का दिन उन दिनों में से एक था जहां मैंने जो भी कोशिश की, जो कुछ भी अनुभव प्राप्त किया था, वह प्रभाव में आया। मेरे पास जो भी अवसर था, मैंने उसका अधिकतम लाभ उठाया। गेंद से रन रोकना ज़रूरी था क्योंकि उनकी शुरुआत शानदार रही थी। मैं गेंद से अपने प्रदर्शन से बहुत ख़ुश था, लेकिन जिस तरह से मैंने बल्लेबाज़ी की, मुझे उस पर गर्व है क्योंकि बल्लेबाज़ी हमेशा मेरे दिल के क़रीब रहने वाली है। मुझे सच-मुच लगा कि मैं लय में हूं। मैं जो कुछ भी करना चाहता था वह नियंत्रण में था। मुझे मैच ख़त्म करना अच्छा लगता लेकिन जिस तरह से ऋषभ ने बल्लेबाज़ी की और मैच ख़त्म किया, कोई शिक़ायत नहीं है।

अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।