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कोहली : मेरे बुरे समय में केवल धोनी ने मुझसे संपर्क किया

"मैं खुश हूं, उत्‍साहित हूं और दोबारा क्रिकेट खेलने के मजे ले रहा हूं, जो मेरे लिए सबसे अहम था"

विराट कोहली फिर से क्रिकेट खेलने के लिए "उत्साहित" हैं और उसका "लुत्फ़" उठा रहे हैं, लेकिन अभी कुछ समय पहले वह खेल का आनंद नहीं ले पा रहे थे। उन्‍होंने "नकली तीव्रता दिखाना" शुरू कर दिया था और सारी थकान धीरे-धीरे उनमें समा गई थी, जो मानसिक रूप से उन पर भारी पड़ने लगी थी।
यह उनके करियर का वह समय था जब उनके बल्‍ले से रन नहीं निकल रहे थे। उन्‍होंने आईपीएल और टी20 अंतर्राष्‍ट्रीय की कप्‍तानी छोड़ी और वनडे की कप्‍तानी गंवा दी। इसके बाद इस साल की शुरुआत में उन्‍होंने टेस्‍ट कप्‍तानी भी छोड़ दी।
कोहली से उनके इस मुश्किल दौर के बारे में पूछा गया और पूछा गया कि किसने उनका इस दौरान समर्थन किया। उनसे यह भी पूछा गया कि बाहर हो रही आलोचनाओं का उन्‍होंने कैसे सामना किया।
रविवार को एशिया कप के सुपर 4 में पाकिस्‍तान से आख़‍िरी ओवर में मिली हार के बाद कोहली इन सभी बातों का जवाब देने पहुंचे।
कोहली ने कहा, "मैं आपको एक चीज़ बता सकता हूं कि जब मैंने टेस्‍ट की कप्‍तानी छोड़ी तो मुझे केवल एक इंसान का मैसेज मिला, जिनके साथ मैं पहले खेला हूं, वह एमएस धोनी थे। कई लोगों के पास मेरे नंबर हैं। टीवी पर कई लोगों ने सलाह दी, लोगों ने बहुत कुछ कहा लेकिन जिनके पास मेरा नंबर था, उन्‍होंने मुझे कोई मैसेज नहीं भेजा।"
"जब आपकी किसी के साथ संबंध होता है तो यह अपने आप आता है, क्‍योंकि दोनों ही ओर से एक सुरक्षा का भाव होता है। ना तो धोनी को मुझसे कुछ चाहिए ना ही मुझे उनसे कुछ चाहिए और ना ही वह मेरे से असुरक्षित महसूस करते हैं और ना ही मैं उनसे असुरक्षित महसूस करता हूं। मैं बस यही कह सकता हूं कि अगर मैं किसी से कुछ कहना चाहता हूं तो मैं व्यक्तिगत रूप से उस व्यक्ति तक पहुंचता हूं, भले ही आप मेरी मदद करना चाहें।"
"मेरा मतलब है कि यदि आप दुनिया के सामने सलाह देते हैं तो इसका मेरे लिए कोई मूल्‍य नहीं है। अगर यह मेरे सुधार के लिए है तो आप मेरे से बात कर सकते हैं और हक़ीक़त में मैं यही चाहता हूं। मैं अपनी ज़‍िंदगी बहुत ईमानदारी से जीता हूं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि यह सब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता लेकिन आप असल चीज़ देखते हो। मैं बस यही कह सकता हूं। जब आप इतने लंबे समय से खेल रहे होते हो, जब आप ईमानदारी से खेल रहे होते हो तो जो देता है वह सर्वशक्तिमान है। जब तक मैं खेलता हूं, जब तक मैं खेलने के लायक हूं, तब तक मैं ऐसे ही खेलूंगा।"
पिछले महीने कोहली ने स्‍टार स्‍पोर्ट्स के साथ साक्षात्‍कार में मानसिक संघर्ष के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कैसे उनकी पेशेवर पहचान के प्रति जुनून ने उन्हें एक इंसान के रूप में खो दिया था। बाद में उन्होंने ख़ुद के लिए समय निकाला। इस दौरान उन्होंने खेल से पूरी तरह से किनारा कर लिया, यहां तक ​​कि क्रिकेट के बल्ले को भी महीने तक नहीं उठाया।
एशिया कप में कोहली धीरे-धीरे रन बनाने लगे हैं, लेकिन सबसे ज्‍़यादा ज़रूरी उनमें अब संयम दिख रहा है। उनका मानना ​​​​है कि यह इस अहसास से उपजा है कि कभी-कभी ब्रेक लेना कोई बुरी बात नहीं है, ख़ासकर जब आनंद का फ़ैक्‍टर समाप्त हो जाता है।
उन्‍होंने बताया, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि कभी मैं एक महीने तक बल्‍ले को उठाउंगा नहीं, लेकिन परिस्थिति ऐसी थी कि मुझे यह ब्रेक लेना पड़ा। मैं शारीरिक तौर से ज्‍़यादा मानसिक तौर से थक चुका था। जब आप दोबारा से बल्‍लेबाज़ी करते हो तो आप महसूस करते हो कि आपने क्‍यों खेलना शुरू किया था। वह अहसास कई बार खो जाता है, जिस तरह से लोग आपको देखते हैं, जब आप मैदान पर होते हैं तो आपका उत्साह बढ़ाते हैं, ऐसे समय में आप उस अहसास को खो सकते हैं।"
"खेल के लिए वह उत्साह और पवित्रता, वह आनंद नष्ट हो जाता है। मेरे लिए इसे फिर से खोजना महत्वपूर्ण था। जब मैं अपने स्पेस में खुश होता हूं तो मुझे पता होता है कि मैं टीम के लिए क्या कर सकता हूं। मेरा ख़राब स्थान पर होना न तो टीम के लिए अच्छा है और न ही मेरे लिए। मुझे लगता है कि इससे किसी को भागना नहीं चाहिए, अगर कोई नकारात्‍मक या लो फील कर रहा है तो ब्रेक लेना कोई बुरी बात नहीं है।"
"और मुझे उम्मीद है कि लोग इससे ताक़त हासिल करेंगे और जो कुछ भी वे महसूस कर रहे हैं उसे संबोधित करेंगे। हम सब इंसान हैं, हर कोई ऐसा महसूस कर सकता है, लेकिन इसे पहचानना और इसकी परवाह करना जरूरी है। यदि आप इसे अनदेखा करते हैं, तो आप और अधिक निराश हो जाएंगे। यह कुछ ऐसा है जिसे मैंने महसूस किया और मुझे बहुत मदद मिली। मैं खुश हूं, मैं उत्साहित हूं और फिर से क्रिकेट खेलने में मजा आ रहा है, जो मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात थी।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।