यह संभव है कि केएस भरत कभी टेस्ट डेब्यू नहीं कर पाएं। यह भी संभव है कि वह अगले सप्ताह मुंबई में कीपिंग करें और फिर जब ऋषभ पंत टीम में आएं, तो उनके लिए जगह खाली करें। लेकिन शनिवार को जो उन्होंने कानपुर में किया, वह अद्वितीय है।

गर्दन में तकलीफ़ के कारण शनिवार को ऋद्धिमान साहा मैदान पर नहीं थे और उनकी जगह भरत कीपिंग करने उतरे। उन्होंने इस मौक़े का बेहतरीन फ़ायदा उठाया और एक मुश्किल, घुमाव लेती, नीची रहती धीमी पिच पर तीन बेहतरीन कैच लपके।

37 साल के साहा निःसंदेह इस समय भारत के सर्वश्रेष्ठ कीपर हैं। उनका टेस्ट करियर और भी लंबा हो सकता था, लेकिन वह दुर्भाग्यशाली थे कि वह धोनी युग में खेल रहे थे। वहीं 24 साल के ऋषभ अपनी बल्लेबाज़ी के दम पर मैच बदलने का माद्दा रखते हैं। ऐसा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में शतक लगाकर दिखाया है। इन दोनों के बीच में कहीं हैं 28 वर्षीय भरत।

2018 में पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने भरत को साहा का उत्तराधिकारी बताया था। लेकिन पंत इंग्लैंड दौरे पर गए और फिर शतक लगाकर अपनी जगह को पक्का कर लिया। वहीं भरत को अब अपनी बारी का इंतज़ार करना था। यह मौक़ा उन्हें आज मिला जब लंबे समय से हर फ़ॉर्मेट का क्रिकेट खेल रहे पंत ने आराम मांगा और फिर मैच खेल रहे साहा के गर्दन में तकलीफ़ आई।

उन्होंने अश्विन की एक नीची रहती गेंद पर विल यंग का कैच लपककर भारत को पहली सफलता दिलाई। यह एक ऑफ़ स्पिनर की सीधी गेंद थी, जो टर्न ना होते हुए बिल्कुल सीधी निकली, बल्ले का मोटा किनारा लिया और भरत के ग्लव्‍स में समा गई। भरत ने भी गेंद की लाइन को छोड़ा नहीं और गेंद के कम बाउंस के अनुसार नीचे ही रहे। गेंद इतनी नीची थी कि जब उन्होंने कैच पूरा किया तो उनका बायां घुटना ज़मीन पर था। सबसे बढ़िया बात रही कि बल्लेबाज़ यंग की तरह उन्होंने इस गेंद को ऑफ़ ब्रेक नहीं समझा और वह एक सीधी गेंद के लिए तैयार थे।

भरत का अगला कैच अक्षर पटेल की एक तेज़ गेंद पर था, जो रॉस टेलर के अनुमान से कुछ अधिक बाहर की ओर टर्न किया। भरत ने टर्न के अनुसार ही अपने शरीर को ऑफ़ साइड की ओर जाने दिया। गेंद की उछाल के अनुसार वह पूरी तरह से खड़े भी हो गए और फिर एक बेहतरीन कैच पूरा किया।

इसके बाद भरत ने टॉम लेथम को स्टंप आउट किया। उन्होंने अंतिम समय तक गेंद पर नज़र बनाए रखी और फिर गेंद ग्लव्‍स में आने के बाद तेज़ी से स्टंप की तरफ़ हाथ चलाया।

भरत ने वह सब कुछ किया जो एक निराशाजनक दिन के बाद भारत के लिए किया जा सकता था। निःसंदेह अब भारत मैच में कहीं आगे है। अब अगले हफ़्ते तीन चीज़ें हो सकती हूं। साहा अपनी चोट से उबर नहीं पाए और भरत को टेस्ट डेब्यू का मौक़ा मिले या फिर साहा चोट से उबर जाए और भरत को फिर बाहर बैठना पड़े। या फिर साहा चोट से ना उबरे, भरत मुंबई में अगला टेस्ट खेलें और फिर पंत के बैकअप के रूप में साउथ अफ़्रीका जाएं।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में सहायक संपादक हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के उप संपादक दया सागर ने किया है