आजकल भारत घर पर आसानी से टेस्ट मैच जीत जाता है। भारत ने अपने पिछले 38 टेस्ट में से सिर्फ़ दो मैच गवाएं हैं, जबकि पांच ड्रॉ रहे हैं। इन पांच ड्रॉ मैचों में भी तीन मौसम से प्रभावित है। इन 31 जीतों में से सिर्फ़ एक जीत ऐसा है, जिसे भारत ने 100 से कम रन या छह से कम विकेट से जीता है। उन्हें दो हार भी तब मिली थी, जब उन्होंने महत्वपूर्ण टॉस गंवाया था।

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ जब तीसरे दिन का खेल शुरू हुआ, तब भारत बैकफ़ुट पर था। दूसरे दिन उन्होंने 57 ओवर किया था और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिले थे। उन्होंने कीवी सलामी बल्लेबाज़ों को मूवमेंट और टर्न से परेशान तो किया था, लेकिन विकेट से वे काफ़ी दूर थे। यह वैसा पिच नहीं था, जिस पर कोई एक गेंदबाज़ हल्ला बोल दे और सामने वाली टीम ढेर हो जाए। कुल मिलाकर गेंदबाज़ों के लिए यह कठिन दिन होने वाला था।

आर अश्विन ने भले ही तीन विकेट लिए लेकिन सुबह के अपने 11 ओवर के स्पेल के दौरान वह अलग ही रंग में दिखे। वहीं पांच विकेट लेने वाले अक्षर ने कहा भारतीय गेंदबाज़ों को इस पिच पर अधिक दिक्कत नहीं होने जा रही है। यहां पर वही स्पिनर सफल होंगे, जो लगातार धैर्य से गेंदबाज़ी करते रहें।

हालांकि अश्विन में परंपरागत धैर्य नहीं दिखा, जिसमें गेंदबाज़ कम से कम प्रयोग करते हुए स्टॉक गेंद डालते रहते हैं। उन्होंने एंगल, क्रीज़, रिलीज़ प्वाइंट, गति सब में प्रयोग किए, यहां तक कि उन्होंने टी20 में प्रयोग करने वाले कैरम गेंद को भी डाला। ऑफ़ ब्रेक के साथ-साथ वह कभी-कभार बीच-बीच में प्रयोग के तौर पर लेग ब्रेक भी डालते रहे।

जहां अन्य गेंदबाज़ों ने औसतन हर सात गेंद पर बल्लेबाज़ों को फ़ाल्स शॉट खेलने पर मज़बूर किया, अश्विन के लिए यह औसत सिर्फ़ पांच गेंद रहा। पिच से अभी भी स्पिनरों को मदद नहीं मिल रही थी, लेकिन उन्होंने हवा में बल्लेबाज़ों को छकाया। यह एक बेहतरीन स्पिन गेंदबाज़ी का नमूना था।

टॉम लेथम को स्पिन का एक अच्छा बल्लेबाज़ माना जाता है। उनकी रक्षात्मक शैली शानदार है। इस मैच में भी उन्होंने इसका नमूना दिखाते हुए लगभग सात घंटे तक बल्लेबाज़ी की और 95 रन बनाए। इतना समय पिच पर बिताने के बाद भी लेथम के लिए अश्विन के सामने रन बनाना आसान नहीं हो रहा था।

सिर्फ़ अश्विन ने ही नहीं इशांत शर्मा ने भी जबरदस्त गेंदबाज़ी की और अपने शुरुआती स्पेल में 6-2-20-0 के आंकड़े पेश किए। वहीं उमेश यादव ने केन विलियमसन का बड़ा विकेट प्राप्त किया।

तीन अनुभवी गेंदबाज़ों के द्वारा शुरुआती दबाव बनाने के बाद रवींद्र जाडेजा और अक्षर पटेल ने इस दबाव को कम नहीं होने दिया और स्टंप को लक्ष्य बनाकर गेंदबाज़ी की। अक्षर ने क्रीज़ का बेहतरीन प्रयोग किया। उन्होंने क्रीज़ के बाहरी छोर से एंगल बनाते हुए गेंदबाज़ी की और बल्लेबाज़ों को ग़लती करने पर मज़बूर किया। नतीजा सबके सामने है।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर दया सागर ने किया है।