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जेमिमाह रॉड्रिग्स : द हंड्रेड के सहारे टीम इंडिया में वापसी की कहानी

रॉड्रिग्स ने कहा मुझे पता था कि रन आने वाले हैं

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले टी20 के दौरान शॉट खेलती जेमिमाह  •  Getty Images

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले टी20 के दौरान शॉट खेलती जेमिमाह  •  Getty Images

गोल्ड कोस्ट में हुई बारिश ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मुक़ाबले की तैयारी को बिगाड़ दिया। हाल की स्मृति में पहली बार ऐसा लगा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में एक बराबर की भारतीय टीम उतरी हो। वे एलिस पेरी या स्टंप्स के पीछे से एलिसा हीली से डरी हुई नहीं थीं। इस मैच में जेमिमाह रॉड्रिग्स की वापसी भी भारतीय टीम के लिए एक अच्छा संकेत था।
मार्च, 2020 में इन टीमों के बीच अंतिम टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच हुआ था, जिसमें 88,000 दर्शकों के सामने नर्वस भारतीय टीम को विश्व कप फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। 18 महीने के बाद गुरुवार को भारत ने फ़ैसला किया कि वे यहां सिर्फ़ खेलने नहीं बल्कि बड़े मंच पर अपना प्रभाव छोड़ने आए हैं।
यह सब शेफ़ाली वर्मा के साथ शुरू हुआ, जिन्होंने च्विंगम चबाते हुए अपनी पहली ही गेंद पर छक्का लगाया। दूसरे छोर पर शांत दिख रही लेकिन समान रूप से विध्वंसक स्मृति मांधना ने कदमों का प्रयोग करते हुए सफ़ेद गेंद को रस्सियों के पार भेजने का प्रबंध किया। इसके बाद रॉड्रिग्स ने 36 गेंदों में 49 रनों की पारी खेली, जो कि रद्द हुए मैच का सर्वाधिक स्कोर था।
इंग्लैंड में महिलाओं के 'हंड्रेड सीरीज़' में रॉड्रिग्स ने शानदार प्रदर्शन किया था और वह वह दूसरी सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। इससे पहले उनका इंग्लैंड दौरा भूला देने वाला था, जहां वहां दो अंतर्राष्ट्रीय मैचों में दहाई के स्कोर तक नहीं पहुंच पाई थीं। भारत ने इस साल दो टेस्ट मैच खेले, लेकिन दोनों मैचों में रॉड्रिग्स को मौक़ा नहीं मिला। उनकी जगह कई जगहों पर यास्तिका भाटिया को तरजीह दी गई। लेकिन गुरुवार को मांधना और शेफ़ाली के विकेट गरने के बाद रॉड्रिग्स ने दिखाया कि उन्हें क्यों भविष्य का एक बड़ा चेहरा माना जाता है।
मैच के बाद उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह सही समय की प्रतीक्षा करने की बात थी। मैं अब जल्दबाज़ी नहीं करना चाहती। मुझे पता है कि सही समय पर जब कोई भी चीज़ मेरे पास आएगी, तो कोई भी उसे रोक नहीं सकता और जब कभी ऐसा होगा तो कुछ बड़ा होगा। ईमानदारी से कहूं तो कोई भी खिलाड़ी टीम में ना चुने जाने से निराश होता है, ख़ासकर तब जब आपको पता हो कि आप अच्छी बल्लेबाज़ी कर रही हो और अच्छे फ़ॉर्म में हो। लेकिन मैं टीम के लिए तैयार हूं और अगर सही संतुलन के लिए मेरा बाहर बैठना ज़रूरी है, तो मैं बाहर बैठकर भी खुश हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं इतने लंबे समय बाद वापसी कर ख़ुश थीं। मैंने इसके लिए लंबा इंतज़ार किया था। बाहर बैठकर सभी को खेलते हुए देखकर कभी-कभी आप सोचते हैं कि 'मेरा समय कब आएगा'। आज जब मौक़ा आया, तो मैं बस इसका आनंद ले रही थी। मैं इससे निराश नहीं हूं कि मैं अर्धशतक नहीं बना पाई क्योंकि मुझे पता है कि भविष्य में बहुत रन आने वाले हैं।"
रॉड्रिग्स की इस पारी में दिखा कि वह इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि उन्हें कब आक्रमण करना है और कब बचाव करना है। वह पूरी तरह से मैदान में छाई हुई थी और ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक भी मौक़ा नहीं दे रही थीं।
आप पूछ सकते हैं कि उनके शॉट्स में हो रहे लगातार सुधार का क्या रहस्य है। हर बार जब वह नेट्स पर आती हैं तो भारत के थ्रो डाउन विशेषज्ञ उन्हें अतिरिक्त गेंदों का मुफ़्त उपहार देते हैं।
"हमारे पास क्रांति भैया और अशोक भैया [थ्रोडाउन विशेषज्ञ] हैं, जो हमारी मदद करते हैं। वे हमारे लिए बल्लेबाज़ी को बहुत चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। "हम छह गेंदों में एक लक्ष्य रखते हैं और अगर मैं जीत जाती हूं, तो वे मुझे 50 डॉलर या रात के खाने का उपहार देते हैं। ठीक इसी तरह अगर वे जीत गए, तो मैं उन्हें डिनर कराती हूं। इस तरह यह एक मजेदार प्रतियोगिता होती है। वे लोग आसानी से रन नहीं देते हैं और हमें मैच में लड़ने से पहले उनसे नेट्स में लड़ना होता है।"
रॉड्रिग्स ने यह भी कहा कि वर्तमान कोचिंग मैनेजमेंट उनकी भूमिका को भी स्पष्ट कर रही है। उन्होंने कहा, "यहां आने के पहले से ही रमेश पोवार सर और शिवसुंदर दास सर मेरा मार्गदर्शन कर रहे हैं और मुझे आत्मविश्वास दिला रहे हैं। टीम में मेरी भूमिका एक एंकर की है। मैं टेस्ट और एकदिवसीय मैचों के लिए भी तैयार थी, लेकिन अंत में टीम संतुलन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। अगर टीम इस संतुलन से ख़ुश है, तो मैं भी ख़ुश हूं।"
मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह रॉड्रिग्स का व्यक्तित्व जीवंत है। वह टीम की एक मसखरा खिलाड़ी हैं, जो कि इंस्टाग्राम पर कोरियोग्राफ़ करके डांस की रील बनाती हैं, गिटार बजाती हैं, गाना गाती हैं और ऐसे डांस करती हैं जैसे कोई देख ही नहीं रहा हो। वह टीम के सीनियर, युवा सभी खिलाड़ियों से मिलनसार हैं और एक टीम गेम का आनंद ले रही हैं।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के सीनियर सब एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के दया सागर ने किया है