मैच (7)
ENG v PAK (1)
T20WC Warm-up (6)
ख़बरें

माधव मंत्री की सलाह मेरे पूरे करियर में काम आई : गुंडप्पा विश्वनाथ

'हमेशा अपना नेचुरल गेम खेलो, साथ ही अपने विकेट की क़ीमत याद रखो'

माधव मंत्री अपने समय के असाधारण खिलाड़ी थे

माधव मंत्री अपने समय के असाधारण खिलाड़ी थे  •  ACC Ltd

भारतीय क्रिकेट के लीजेंड गुंडप्पा विश्वनाथ ने शनिवार को पूर्व टेस्ट खिलाड़ी माधव मंत्री और पॉली उम्रिगर से अपनी पहली साक्षात्कार की बात सुनाई और बताया कि कैसे मंत्री की दी गई सलाह उनके करियर में हमेशा उनके साथ रही।
विश्वनाथ ने कहा, "मैं जब पहली बार मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में कोई बड़ा मैच खेलने आया तो वो मैसूर (अब कर्नाटका) और बॉम्बे (अब मुंबई) के बीच रणजी ट्रॉफ़ी का मुक़ाबला था। जब मैं फ़ील्डिंग कर रहा था तो साइटस्क्रीन के पास मुझे दो दिग्गज नज़र आए। ग़ौर से देखा तो वह पॉली काका (उम्रिगर) और माधव मंत्री थे।" मंत्री सुनील गावस्कर के मामा थे और उम्रिगर के साथ-साथ भारत के दिग्गज टेस्ट खिलाड़ी रह चुके थे। युवा विश्वनाथ ने दोनों से मिलने का मन बना लिया।
1968-69 सीज़न में हुए इस घटना पर उन्होंने कहा, "ऐसे बड़े नाम देख कर मैं थोड़ा नर्वस हो गया। दिन का खेल समाप्त होते ही मैं उनसे मिलने निकल रहा था कि दोनों ख़ुद मैदान पर खड़े दिखे। मैंने उनके पास जाकर कहा कि यह मेरे लिए एक यादगार दिन है। तो उन्होंने यही कहा कि उन्होंने मेरे बारे में काफ़ी कुछ सुना है और यह मेरे करियर की शुरुआत है। फिर माधव साहब बोले, 'कुछ भी हो, हमेशा अपना नेचुरल गेम खेलो। साथ ही अपने विकेट की क़ीमत हमेशा याद रखो।' यह बातें मुझे हमेशा याद रहीं।"
विश्वनाथ माधव मंत्री के जन्म शताब्दी के अवसर पर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स ग्राउंड में एक वनडे प्रतियोगिता का उद्घाटन कर रहे थे। विश्वनाथ ने भारत के लिए कुल 91 टेस्ट खेले और 14 टेस्ट शतक जड़े। हालांकि उन्होंने 1974-75 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ चेन्नई में अपने अविजित 97 रनों की पारी को सबसे यादगार पारी बताई। उन्होंने कहा, "उस दिन मैंने जो शॉट मारने की कोशिश की उसमें क़ामयाब रहा। यह एक विशेष पारी थी।"