मैच (17)
IPL (3)
County DIV1 (5)
County DIV2 (4)
ACC Premier Cup (4)
Women's Tri-Series (1)
ख़बरें

टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों के लिए आईसीसी ने जारी किया नया नियम

ड्रिंक्स ब्रेक का प्रावधान, धीमी ओवर गति से होगा नुक़सान

टीमों को अब धीमी ओवर गति से गेंदबाज़ी करने का ख़ामियाज़ा भुगतना होगा  •  Harry Trump/Getty Images

टीमों को अब धीमी ओवर गति से गेंदबाज़ी करने का ख़ामियाज़ा भुगतना होगा  •  Harry Trump/Getty Images

धीमी ओवर गति एक ऐसा कांटा है जिसे क्रिकेट के संरक्षकों ने कई बार जड़ से हटाने का प्रयास किया। किंतु वह असफल रहे। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का नविनतम प्रयास सफल साबित हो सकता है क्योंकि "मैच के बीच पेनल्टी" मिलने से मैच हाथ से फिसलने का ख़तरा बना रहेगा। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो ने इस नए नियम का विस्तृत विश्लेषण किया है।
क्या है यह नया नियम?
अब से पुरुष और महिलाओं के टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में, अगर गेंदबाज़ी करने वाली टीम निर्धारित समय सीमा के समाप्त होने से पहले अंतिम ओवर की शुरुआत नहीं करती है, तो उसे पांच की बजाए केवल चार खिलाड़ियों को 30 गज़ के घेरे के बाहर रखने की अनुमति होगी। आईसीसी की क्रिकेट समिति द्वारा सिफ़ारिश किया गया यह नियम समय सीमा के पश्चात डाले गए प्रत्येक ओवर में लागू होगा। शुक्रवार को जारी किए गए इस नियम के अनुसार "फ़ील्डींग टीम को निर्धारित समय सीमा के समाप्त होने से पहले पारी की अंतिम ओवर की पहली गेंद डालने के लिए तैयार रहना होगा।"
मैच अधिकारी कैसे पता लगाएंगे कि ओवर रेट में कोई टीम धीमी रही?
टी20 मैचों के लिए आईसीसी की खेल शर्तों के अनुसार 85 मिनट में 20 ओवर डाले जाने चाहिए। नए नियम के तहत अब फ़ील्डिंग कर रही टीम को 85 मिनट समाप्त होने से पहले 20वें ओवर की शुरुआत करनी होगी। मैच अधिकारी प्रत्येक पारी की शुरुआत में फ़ील्डिंग टीम और बल्लेबाज़ों को निर्धारित समाप्ति समय की सूचना देंगे। चोटों, रिव्यू की समीक्षा, गेंद के खो जाने या खेल की प्रगति में बाधा डालने वाली किसी भी अप्रत्याशित घटना के कारण गंवाया गया समय, पारी की समाप्ति समय को प्रभावित करेगा जिसकी गणना खोए हुए समय के आधार पर फिर से की जाएगी।
आईसीसी ने कहा, "विलंबित या बाधित मैचों में, जहां तीन या उससे अधिक ओवर की कमी हुई है, फ़ील्डिंग टीम को पारी के लिए निर्धारित (या फिर से निर्धारित) समाप्ति समय तक पारी की अंतिम ओवर की शुरुआत करनी होगी।"
क्या मैदान पर मौजूद अंपायर समय की गणना करेंगे?
थर्ड अंपायर एक टाइमर की मदद से ओवर रेट के समय की गणना करेगा। खेल में किसी भी प्रकार की रुकावट के मामले में थर्ड अंपायर दोबारा से गणना करेगा और अंपायरों को नया समाप्ति समय बताएगा।
इसका टीमों पर क्या असर होगा?
किसी भी टी20 मैच में डेथ यानि अंतिम ओवर सबसे महत्वपर्ण समय होता है जहां बल्लेबाज़ तेज़ गति से रन बनाने का प्रयास करते हैं। इसके चलते फ़ील्डिंग कर रही टीम पर रन बनाने के संभावित फ़ील्ड को घेरने और अधिकतम पांच खिलाड़ियों को सीमा रेखा पर तैनात करने का दबाव होता है। यदि धीमे ओवर रेट से गेंदबाज़ी करने के कारण टीम के पास केवल चार खिलाड़ियों को 30 गज़ के घेरे से बाहर रखने की अनुमति होती है, तो यह उन्हें भारी पड़ सकता है और साथ ही मैच के परिणाम को भी प्रभावित कर सकता है।
नया नियम कब से लागू होगा?
आईसीसी ने कहा है कि 16 जनवरी को वेस्टइंडीज़ और आयरलैंड के बीच इकलौते टी20 मैच में पहली बार यह नियम लागू होगा।
क्या यह नियम पहले भी लागू हो चुका है?
हां, आईसीसी क्रिकेट समिती ने धीमे ओवर रेट के कारण टीमों को इस प्रकार दंडित करने के लिए "द हंड्रेड" टूर्नामेंट से इस नियम को अपनाया है। आईसीसी के बाद अब आईपीएल जैसी बड़ी टी20 लीगों में भी इस नियम को शामिल करने की संभावना है। संयोग से, 2021 सीज़न में आईपीएल ने अनिवार्य कर दिया था कि शेष मैचों में टीमों को निर्धारित समय सीमा (85 मिनट का खेल और पांच मिनट के स्ट्रेटेजिक टाइम आउट) में अपने 20 ओवर पूरे करने होंगे।
आईपीएल 2020 तक 20वें ओवर की शुरुआत में ही ओवर रेट की घड़ी को रोक दिया जाता था। इस वजह से टीमों को निर्धारित समय के भीतर 20वां ओवर शुरू करने के बाद समय सीमा लांघने पर दंडित नहीं किया जा सकता था।

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में न्यूज़ एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।